मुंबई: दहिसर लिफ्ट में नाबालिग से अश्लील हरकत, पॉक्सो में आरोपी नासिर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के दहिसर इलाके में 11 जुलाई 2025 को एक आवासीय इमारत की लिफ्ट में 27 वर्षीय नासिर अमीन पठान को 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के सामने अश्लील हरकत करने के आरोप में दहिसर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। घटना का भंडाफोड़ लिफ्ट में मौजूद एक चश्मदीद महिला ने किया, जिसने आरोपी को तत्काल चुनौती दी।
घटनाक्रम: लिफ्ट में क्या हुआ
दहिसर के जनकल्याण नगर, शांति नगर स्थित एक आवासीय भवन की लिफ्ट में आरोपी नासिर अमीन पठान 13 वर्षीय बच्ची को घूरते हुए अश्लील हरकत कर रहा था। लिफ्ट में पास खड़ी एक महिला ने यह देखते ही जोर से आवाज़ लगाई और आरोपी से पूछा कि वह क्या कर रहा है। महिला ने कहा, 'बाहर निकल, मैं तेरा वीडियो बनाकर वायरल करती हूं।' इसके बाद आरोपी 8वीं मंजिल पर उतरकर मौके से फरार हो गया।
चश्मदीद महिला ने पीड़ित बच्ची को सुरक्षित उसके घर पहुँचाया। बच्ची ने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई, जिसके बाद पीड़ित के पिता ने 11 जुलाई को दहिसर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
शिकायत के आधार पर दहिसर पुलिस ने नासिर अमीन पठान (27 वर्ष) को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के तहत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार मामले की जाँच जारी है।
दक्षिण मुंबई में दूसरी घटना: सुरक्षा गार्ड पर आरोप
इसी दौरान दक्षिण मुंबई के पायधुनी (दाना बंदर) इलाके से भी एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, 12 जुलाई को एक आवासीय भवन में तैनात सुरक्षा गार्ड पर 7 वर्षीय बच्ची के यौन शोषण का आरोप है। कथित तौर पर बच्ची इमारत के वॉशरूम में गई थी, जहाँ आरोपी सुरक्षा गार्ड ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया। घटना में बच्ची घायल हो गई और उसे नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर है और वह चिकित्सकों की निगरानी में है।
पॉक्सो अदालत ने गिरफ्तार सुरक्षा गार्ड को 18 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस मामले की जाँच भी जारी है।
आम जनता और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई में आवासीय परिसरों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ पहले से बनी हुई हैं। गौरतलब है कि पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में हाल के वर्षों में वृद्धि देखी गई है, जो आंशिक रूप से जागरूकता बढ़ने और रिपोर्टिंग में सुधार को दर्शाती है। दोनों मामलों में चश्मदीद और परिजनों की सक्रिय भूमिका ने त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की।
दोनों प्रकरणों में पुलिस आगे की जाँच कर रही है और न्यायिक प्रक्रिया अपने क्रम में है।