मुंबई: 9 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में ACP गिरफ्तार, वर्ली पुलिस ने POCSO के तहत मामला दर्ज

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मुंबई: 9 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में ACP गिरफ्तार, वर्ली पुलिस ने POCSO के तहत मामला दर्ज

सारांश

मुंबई के वर्ली में एक सार्वजनिक उद्यान में 9 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में ACP स्तर के अधिकारी को गिरफ्तार किया गया। जांच में एक और नाबालिग पीड़ित सामने आया है। आरोपी DGP कार्यालय में तैनात था — यह मामला पुलिस विभाग की आंतरिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

Key Takeaways

वर्ली के सिंह गार्डन में 9 वर्षीय नाबालिग बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में ACP स्तर के अधिकारी को 1 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 74 व 79 और पॉक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत मुकदमा दर्ज। जांच के दौरान एक अन्य नाबालिग लड़के ने भी करीब एक सप्ताह पहले इसी प्रकार की हरकत का आरोप लगाया। आरोपी नवंबर 2025 से मुंबई पुलिस महानिदेशक कार्यालय में पुलिस कम्युनिकेशन व आईटी विभाग में तैनात था। घटनास्थल सिंह गार्डन में सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं, जिससे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाना चुनौतीपूर्ण है।

मुंबई के वर्ली इलाके में स्थित सिंह गार्डन में 9 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ अश्लील हरकत और छेड़छाड़ के आरोप में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) स्तर के एक अधिकारी को 1 मई 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया। वर्ली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घटनाक्रम: कैसे सामने आया मामला

वर्ली पुलिस स्टेशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्ची बीते दिन सिंह गार्डन में खेलने गई थी। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी अधिकारी वहाँ पहुँचा और बच्ची के सामने अशोभनीय हरकत करते हुए उसे अपने निजी अंग को छूने के लिए कहा। घटना से घबराई बच्ची घर लौटी और उसने अपनी माँ को पूरी बात बताई। बच्ची की माँ, जो एक घरेलू कामगार हैं, ने बिना देरी किए पुलिस से संपर्क किया।

त्वरित गिरफ्तारी और नया मोड़

शिकायत मिलते ही वर्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और प्रारंभिक पूछताछ तथा उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कुछ ही घंटों में आरोपी अधिकारी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जांच के दौरान मामले में नया मोड़ तब आया जब एक अन्य नाबालिग लड़के ने भी पुलिस के सामने आकर यह आरोप लगाया कि करीब एक सप्ताह पहले आरोपी ने उसके साथ भी इसी प्रकार की अनुचित हरकत की थी। पुलिस ने इस दावे को भी जांच के दायरे में शामिल कर लिया है।

दर्ज धाराएँ और कानूनी कार्यवाही

वर्ली पुलिस ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ BNS की धारा 74 और धारा 79 के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत मामला दर्ज किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोप बेहद गंभीर हैं, इसलिए त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की गई है और मामले की जांच पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है।

जांच में चुनौती: CCTV का अभाव

पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती यह है कि जिस सिंह गार्डन में यह घटना हुई, वहाँ कोई सीसीटीवी कैमरा मौजूद नहीं है। इससे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाने में कठिनाई आ सकती है। हालाँकि अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर कोण से जांच की जा रही है।

आरोपी की पृष्ठभूमि

आरोपी अधिकारी मूल रूप से नागपुर का निवासी है और नवंबर 2025 में उसे मुंबई स्थित पुलिस महानिदेशक कार्यालय में तैनात किया गया था। वह पुलिस कम्युनिकेशन व आईटी विभाग से जुड़ा था और वर्ली पुलिस कैंप में अकेला रह रहा था। यह मामला इस लिहाज़ से भी संवेदनशील है कि आरोपी खुद कानून व्यवस्था की रक्षा के लिए नियुक्त एक वरिष्ठ अधिकारी है। आगे की जांच जारी है और पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि विभागीय कार्रवाई के पहलू पर भी विचार किया जा रहा है।

Point of View

उसी के एक वरिष्ठ सदस्य पर ऐसे आरोप गहरी चिंता पैदा करते हैं। घटनास्थल पर CCTV का अभाव एक अलग सवाल उठाता है — मुंबई जैसे महानगर के सार्वजनिक उद्यानों में निगरानी तंत्र की खामियाँ कब तक बनी रहेंगी? विभागीय जांच और आपराधिक मुकदमे दोनों एक साथ पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ने चाहिए, अन्यथा पीड़ित परिवार का न्याय व्यवस्था पर भरोसा और कमज़ोर होगा।
NationPress
01/05/2026

Frequently Asked Questions

मुंबई वर्ली ACP गिरफ्तारी का मामला क्या है?
मुंबई के वर्ली स्थित सिंह गार्डन में 9 वर्षीय नाबालिग बच्ची के सामने अश्लील हरकत करने और उसे छूने के लिए कहने के आरोप में ACP स्तर के एक पुलिस अधिकारी को 1 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया। वर्ली पुलिस ने BNS की धारा 74, 79 और पॉक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत मामला दर्ज किया है।
आरोपी ACP के खिलाफ कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और धारा 79 के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच जारी है और अतिरिक्त धाराएँ भी जोड़ी जा सकती हैं।
आरोपी अधिकारी कहाँ तैनात था?
आरोपी अधिकारी मूल रूप से नागपुर का निवासी है और नवंबर 2025 से मुंबई स्थित पुलिस महानिदेशक कार्यालय में पुलिस कम्युनिकेशन व आईटी विभाग में तैनात था। वह वर्ली पुलिस कैंप में अकेला रह रहा था।
क्या इस मामले में और पीड़ित भी सामने आए हैं?
हाँ, जांच के दौरान एक अन्य नाबालिग लड़के ने भी पुलिस के सामने आकर आरोप लगाया कि करीब एक सप्ताह पहले आरोपी ने उसके साथ भी इसी तरह की हरकत की थी। पुलिस ने इस दावे को जांच के दायरे में शामिल कर अलग से पड़ताल शुरू की है।
जांच में CCTV न होने से क्या दिक्कत है?
सिंह गार्डन में कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है, जिससे घटना के इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर कोण से जांच की जा रही है।
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