मुंबई: 9 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में ACP गिरफ्तार, वर्ली पुलिस ने POCSO के तहत मामला दर्ज
सारांश
Key Takeaways
मुंबई के वर्ली इलाके में स्थित सिंह गार्डन में 9 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ अश्लील हरकत और छेड़छाड़ के आरोप में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) स्तर के एक अधिकारी को 1 मई 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया। वर्ली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटनाक्रम: कैसे सामने आया मामला
वर्ली पुलिस स्टेशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्ची बीते दिन सिंह गार्डन में खेलने गई थी। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी अधिकारी वहाँ पहुँचा और बच्ची के सामने अशोभनीय हरकत करते हुए उसे अपने निजी अंग को छूने के लिए कहा। घटना से घबराई बच्ची घर लौटी और उसने अपनी माँ को पूरी बात बताई। बच्ची की माँ, जो एक घरेलू कामगार हैं, ने बिना देरी किए पुलिस से संपर्क किया।
त्वरित गिरफ्तारी और नया मोड़
शिकायत मिलते ही वर्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और प्रारंभिक पूछताछ तथा उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कुछ ही घंटों में आरोपी अधिकारी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जांच के दौरान मामले में नया मोड़ तब आया जब एक अन्य नाबालिग लड़के ने भी पुलिस के सामने आकर यह आरोप लगाया कि करीब एक सप्ताह पहले आरोपी ने उसके साथ भी इसी प्रकार की अनुचित हरकत की थी। पुलिस ने इस दावे को भी जांच के दायरे में शामिल कर लिया है।
दर्ज धाराएँ और कानूनी कार्यवाही
वर्ली पुलिस ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ BNS की धारा 74 और धारा 79 के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत मामला दर्ज किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोप बेहद गंभीर हैं, इसलिए त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की गई है और मामले की जांच पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है।
जांच में चुनौती: CCTV का अभाव
पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती यह है कि जिस सिंह गार्डन में यह घटना हुई, वहाँ कोई सीसीटीवी कैमरा मौजूद नहीं है। इससे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाने में कठिनाई आ सकती है। हालाँकि अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर कोण से जांच की जा रही है।
आरोपी की पृष्ठभूमि
आरोपी अधिकारी मूल रूप से नागपुर का निवासी है और नवंबर 2025 में उसे मुंबई स्थित पुलिस महानिदेशक कार्यालय में तैनात किया गया था। वह पुलिस कम्युनिकेशन व आईटी विभाग से जुड़ा था और वर्ली पुलिस कैंप में अकेला रह रहा था। यह मामला इस लिहाज़ से भी संवेदनशील है कि आरोपी खुद कानून व्यवस्था की रक्षा के लिए नियुक्त एक वरिष्ठ अधिकारी है। आगे की जांच जारी है और पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि विभागीय कार्रवाई के पहलू पर भी विचार किया जा रहा है।