कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर ₹993 महंगा, नई दिल्ली में कीमत ₹3,071.5; घरेलू उपभोक्ताओं को राहत बरकरार
सारांश
Key Takeaways
तेल विपणन कंपनियों ने 1 मई 2026 को 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹993 की बड़ी बढ़ोतरी की है, जिसके बाद नई दिल्ली में इसकी कीमत बढ़कर ₹3,071.5 हो गई है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ार में तेज़ उछाल को इस वृद्धि की मुख्य वजह बताया गया है। हालांकि, देश के 33 करोड़ घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए कीमतें पूर्ववत स्थिर रखी गई हैं।
मुख्य घटनाक्रम
सरकारी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से यह कमर्शियल एलपीजी कीमतों में तीसरी वृद्धि है। पहली बार मार्च की शुरुआत में लगभग ₹115 और दूसरी बार 1 अप्रैल 2026 को लगभग ₹200 की बढ़ोतरी की गई थी। इस प्रकार तीन महीनों में कमर्शियल सिलेंडर की कुल कीमत में भारी इज़ाफा हो चुका है।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत
IOCL ने कहा कि देश में 33 करोड़ घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें भी वैश्विक ऊर्जा मूल्यों में वृद्धि के बावजूद अपरिवर्तित रखी गई हैं। कंपनी के अनुसार, आम जनता पर सीधा असर डालने वाले प्रमुख ईंधनों में कोई संशोधन नहीं किया गया है।
एटीएफ और निर्यात शुल्क पर फैसला
घरेलू एयरलाइनों के लिए एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया। IOCL के अनुसार, सरकारी तेल कंपनियों ने वैश्विक ईंधन लागत में वृद्धि का बोझ खुद वहन करने का विकल्प चुना ताकि एयरलाइनों और यात्रियों को राहत मिल सके। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया संकट के चलते ऊर्जा आपूर्ति शृंखला पर दबाव बना हुआ है।
निर्यात शुल्क में बदलाव
सरकार ने 27 मार्च 2026 से पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) और सड़क एवं अवसंरचना उपकर (RIC) लागू किए हैं, ताकि घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। वित्त मंत्रालय ने 1 मई 2026 से अगले पखवाड़े के लिए नई दरें अधिसूचित की हैं — डीजल निर्यात पर ₹23 प्रति लीटर (SAED), एटीएफ निर्यात पर ₹33 प्रति लीटर (केवल SAED), और पेट्रोल निर्यात पर शुल्क शून्य बना रहेगा। ये दरें हर पखवाड़े अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर संशोधित की जाती हैं; पिछला संशोधन 11 अप्रैल 2026 से प्रभावी था।
आगे क्या होगा
वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में अनिश्चितता बनी रहने की स्थिति में आने वाले पखवाड़ों में कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव है। होटल, रेस्तराँ और छोटे उद्योग जैसे कमर्शियल उपभोक्ता इस वृद्धि से सबसे अधिक प्रभावित होंगे, जबकि सरकार फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को इस दबाव से बचाने की नीति पर कायम है।