14 जुलाई 2026
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सुप्रीम कोर्ट सीबीआई जांच स्वीकार करेगा — सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सुप्रीम कोर्ट सीबीआई जांच स्वीकार करेगा — सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा

सारांश

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट और सरकार से जवाब माँगे जाने के बाद सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने सीबीआई जांच की माँग स्वीकार होने का दावा किया है। साथ ही उन्होंने सीईओ नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक और मंदिरों की निगरानी के लिए स्वतंत्र आयोग गठित करने की माँग उठाई।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सरकार और ट्रस्ट से जवाब तलब किया; एसआईटी रिपोर्ट भी माँगी।
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने दावा किया कि अदालत सीबीआई जांच की माँग स्वीकार करेगी।
मेहरोत्रा ने जांच लंबित रहते राम मंदिर सीईओ की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर आपत्ति जताई।
बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के आरोप में प्रमोद नौटियाल गिरफ्तार; मेहरोत्रा ने स्वतंत्र न्यायिक आयोग की माँग की।
2022 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल दो सीटें मिलीं; मेहरोत्रा ने सपा को यूपी की असली विपक्षी ताकत बताया।

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट और केंद्र सरकार से जवाब तलब किए जाने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 13 जुलाई को लखनऊ में दावा किया कि अदालत कथित चढ़ावा चोरी मामले में सीबीआई जांच की मांग को स्वीकार करेगी। उन्होंने एसआईटी रिपोर्ट तलब होने को मामले की गंभीरता का प्रमाण बताया और उत्तर प्रदेश सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाया।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और सीबीआई मांग

मेहरोत्रा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने चढ़ावे में कथित चोरी की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जवाब माँगा है। साथ ही एसआईटी की जांच रिपोर्ट भी अदालत ने तलब की है। उन्होंने विश्वास जताया कि न्यायालय अंततः सीबीआई जांच का आदेश देगा, जिससे कथित तौर पर बड़े दोषियों का खुलासा होगा और चोरी की संपत्ति की बरामदगी भी संभव होगी।

सीईओ नियुक्ति पर सवाल

राम मंदिर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाने पर सपा विधायक ने आपत्ति जताई। उनका तर्क था कि जब मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है और जांच जारी है, तब नई नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाना उचित नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि अदालत के अंतिम निर्णय से पहले नियुक्तियाँ होने से साक्ष्यों के प्रभावित होने का खतरा उत्पन्न हो सकता है।

आरोपियों की हिरासत और बरामदगी पर चिंता

गबन मामले में आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने पर मेहरोत्रा ने कहा कि रिमांड तो बढ़ाई जा रही है, परंतु कथित गबन की रकम की बरामदगी या आरोपियों की संपत्तियों की विस्तृत जांच के लिए कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इस मामले में वैसी सख्त कार्रवाई नहीं हुई जैसी अन्य प्रकरणों में देखने को मिलती है।

मंदिरों में चढ़ावे की सुरक्षा पर व्यापक सवाल

बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में बद्री-केदार मंदिर समिति के निलंबित पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए मेहरोत्रा ने कहा कि यह घटना मंदिरों में चढ़ावे की सुरक्षा-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठाती है। उन्होंने बद्रीनाथ, काशी विश्वनाथ, श्रीकृष्ण जन्मभूमि, महाकाल और केदारनाथ जैसे प्रमुख मंदिरों का उल्लेख करते हुए माँग की कि किसी सेवानिवृत्त या कार्यरत न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र आयोग गठित किया जाए, जो देश के प्रमुख मंदिरों में दान और चढ़ावे की व्यवस्था की निगरानी करे।

कांग्रेस पर पलटवार और सपा का दावा

कांग्रेस नेता इमरान मसूद के आरोपों का जवाब देते हुए मेहरोत्रा ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल दो सीटें मिली थीं, जिनमें से एक पर सपा का समर्थन था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के सांसद भी सपा के सहयोग से जीते हैं। मेहरोत्रा ने कहा कि सपा प्रदेश की सबसे बड़ी विपक्षी शक्ति है और आगामी चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा अपने दम पर सरकार बनाने की स्थिति में है। कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि 'कांग्रेस बरगद की तरह है जिसके नीचे कुछ नहीं उगता, जबकि सपा आम का पेड़ है — छाया भी, फल भी।' यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब विपक्षी एकता की परीक्षा उत्तर प्रदेश की राजनीति में बार-बार होती रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनके द्वारा उठाए गए सवाल — सीईओ नियुक्ति की समयसीमा, बरामदगी की अनुपस्थिति और 'जीरो टॉलरेंस' नीति की चुनिंदा लागू — असली जवाबदेही की माँग करते हैं। गौरतलब है कि बद्रीनाथ से काशी तक मंदिरों में चढ़ावे की अनियमितताओं की शृंखला यह संकेत देती है कि यह कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक निगरानी की एक व्यापक विफलता है। सर्वोच्च न्यायालय की सक्रियता स्वागतयोग्य है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि जांच एजेंसी चाहे कोई भी हो — एसआईटी या सीबीआई — क्या वह राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर काम कर पाएगी।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या किया है?
सर्वोच्च न्यायालय ने कथित चढ़ावा चोरी की सीबीआई जांच की माँग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जवाब माँगा है। साथ ही एसआईटी की जांच रिपोर्ट भी तलब की गई है।
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने राम मंदिर सीईओ नियुक्ति पर क्यों आपत्ति जताई?
मेहरोत्रा का कहना है कि जब मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है और जांच जारी है, तब नई नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने से साक्ष्यों के प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने माँग की कि अदालत के अंतिम निर्णय तक यह प्रक्रिया रोकी जाए।
बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
बद्री-केदार मंदिर समिति के निलंबित पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल को बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया। मेहरोत्रा ने इसे मंदिरों की सुरक्षा-व्यवस्था की व्यापक विफलता का संकेत बताया।
रविदास मेहरोत्रा ने मंदिरों की निगरानी के लिए क्या माँग की?
उन्होंने किसी सेवानिवृत्त या कार्यरत न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र आयोग गठित करने की माँग की, जो बद्रीनाथ, काशी विश्वनाथ, श्रीकृष्ण जन्मभूमि, महाकाल और केदारनाथ जैसे प्रमुख मंदिरों में चढ़ावे और दान की व्यवस्था की निगरानी करे।
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच विवाद क्या है?
कांग्रेस नेता इमरान मसूद के आरोपों के जवाब में मेहरोत्रा ने कहा कि 2022 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल दो सीटें मिलीं और उनमें से एक पर सपा का समर्थन था। उन्होंने सपा को यूपी की सबसे बड़ी विपक्षी ताकत बताते हुए अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने का दावा किया।
राष्ट्र प्रेस
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