17 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 'बड़े लोगों को बचा रही है योगी सरकार' — सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 'बड़े लोगों को बचा रही है योगी सरकार' — सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा का आरोप

सारांश

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में योगी सरकार पर बड़े आरोपी बचाने का इल्ज़ाम लगाया। अयोध्या के वकीलों का प्रदर्शन, एसआईटी की निष्पक्षता पर सवाल और मनरेगा का नाम बदलने पर केंद्र को घेरा — एक बयान में कई मोर्चे खोले।

मुख्य बातें

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 2 जुलाई 2026 को लखनऊ में योगी सरकार पर राम मंदिर चढ़ावा चोरी में बड़े आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया।
फैजाबाद बार एसोसिएशन ने ट्रस्ट महासचिव चंपत राय , ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोविंद राव के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की माँग को लेकर अयोध्या में प्रदर्शन किया।
मेहरोत्रा ने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि यदि वे निर्दोष हैं तो हाईकोर्ट के न्यायाधीश से निष्पक्ष जाँच कराएँ।
सपा विधायक ने एसआईटी की कार्यप्रणाली और बुलडोजर कार्रवाई की चयनात्मकता पर भी सवाल उठाए।
मेहरोत्रा ने मनरेगा का नाम बदलकर वीबी-जी राम-जी योजना करने पर केंद्र सरकार की आलोचना की।

समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 2 जुलाई 2026 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर चढ़ावा एवं आभूषण चोरी मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है और इस पूरे प्रकरण में निष्पक्ष न्यायिक जाँच की तत्काल आवश्यकता है।

अयोध्या बार एसोसिएशन का विरोध-प्रदर्शन

फैजाबाद बार एसोसिएशन ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोविंद राव के विरुद्ध प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराने की माँग को लेकर अयोध्या में प्रदर्शन किया। मेहरोत्रा ने इस विरोध-प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा, "राम मंदिर में चढ़ावा और आभूषण की चोरी, लूट और डकैती के खिलाफ आज अयोध्या के वकीलों ने प्रदर्शन करने का काम किया। बड़े चोरों को बचाने का काम हो रहा है।"

उन्होंने आगे कहा, "पूरा देश जान गया है कि इस चोरी में बहुत बड़े-बड़े लोग शामिल हैं और उनको बचाने का काम हो रहा है।" मेहरोत्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे इस मामले में निर्दोष हैं, तो हाईकोर्ट के किसी न्यायाधीश से जाँच कराएँ "ताकि मालूम हो जाए कि इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं और किनकी सहमति से इतनी बड़ी डकैती और लूट हुई है।"

एसआईटी जाँच पर सवाल

ट्रस्टी अनिल मिश्रा से बंद कमरे में पूछताछ और चोरी के दो आरोपियों के घर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी की खबरों के बीच सपा विधायक ने एसआईटी की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट की भी स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए और जिन लोगों को एसआईटी बचाने का काम कर रही है, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई होनी चाहिए।

मेहरोत्रा ने बुलडोजर कार्रवाई की चयनात्मकता पर भी निशाना साधा। उनका कहना था, "बुलडोजर की चाबी अपराधियों के हाथ पहुँच गई है। इसीलिए बुलडोजर की कार्रवाई उन पर नहीं हो रही है जो राम मंदिर चढ़ावा में चोरी करने के आरोपी हैं।" उन्होंने माँग की कि बड़े स्तर पर चोरी के आरोपी व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई हो।

मनरेगा का नाम बदलने पर केंद्र सरकार पर हमला

देशभर में लागू की गई वीबी-जी राम-जी योजना को लेकर सपा के विरोध के बारे में पूछे जाने पर मेहरोत्रा ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सरकार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से संचालित मनरेगा योजना को बंद कर उसे नए नाम से शुरू किया है। मेहरोत्रा ने कहा, "भाजपा शुरू से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से चलने वाली योजनाओं को बंद करने का काम कर रही है।" उन्होंने एक विवादास्पद टिप्पणी भी की, जिसमें उन्होंने BJP पर महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का महिमामंडन करने का आरोप लगाया।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला पहले से ही राष्ट्रीय राजनीति में गर्म बहस का विषय बना हुआ है। गौरतलब है कि विपक्षी दलों ने इस मामले को उत्तर प्रदेश सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में उठाया है। सपा विधायक के इन बयानों के बाद मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेने की संभावना है। अब देखना यह होगा कि सरकार एसआईटी जाँच में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और विपक्ष की माँगों का किस प्रकार जवाब देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनमें तथ्यात्मक आधार की माँग भी छिपी है — एसआईटी जाँच की स्वतंत्रता और ट्रस्ट की जवाबदेही पर सवाल उठाना जायज़ है। विडंबना यह है कि राम मंदिर, जो भाजपा की सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धि मानी जाती है, अब उसी पर भ्रष्टाचार के आरोप सबसे बड़ी राजनीतिक देनदारी बनते जा रहे हैं। बुलडोजर कार्रवाई की चयनात्मकता का सवाल भी महत्वपूर्ण है — यदि यह नीति सत्ता के करीबी लोगों पर लागू नहीं होती, तो इसकी विश्वसनीयता स्वयं ही कमज़ोर पड़ती है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि धार्मिक ट्रस्टों में जवाबदेही का कोई स्वतंत्र तंत्र नहीं है — और यही संरचनात्मक खामी इस पूरे विवाद की जड़ है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला क्या है?
यह मामला अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और आभूषणों की कथित चोरी से जुड़ा है, जिसमें फैजाबाद बार एसोसिएशन ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोविंद राव के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की माँग की है। मामले की जाँच एसआईटी कर रही है।
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने क्या माँग की है?
मेहरोत्रा ने माँग की है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाईकोर्ट के किसी न्यायाधीश से इस मामले की निष्पक्ष जाँच कराएँ। उन्होंने यह भी कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट की भी स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए।
एसआईटी जाँच में अब तक क्या हुआ है?
एसआईटी ने ट्रस्टी अनिल मिश्रा से बंद कमरे में पूछताछ की है और चोरी के दो आरोपियों के घर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी की खबरें सामने आई हैं। विपक्ष का आरोप है कि एसआईटी मुख्य आरोपियों को बचा रही है।
वीबी-जी राम-जी योजना क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
यह केंद्र सरकार द्वारा देशभर में लागू की गई एक योजना है। सपा का आरोप है कि भाजपा सरकार ने महात्मा गांधी के नाम से संचालित मनरेगा का नाम बदलकर यह योजना शुरू की है, जो राष्ट्रपिता की विरासत को मिटाने का प्रयास है।
इस मामले में अयोध्या के वकीलों ने विरोध क्यों किया?
फैजाबाद बार एसोसिएशन ने राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज न होने पर अयोध्या में प्रदर्शन किया। वकीलों की माँग है कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोविंद राव के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई हो।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले