राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 'बड़े लोगों को बचा रही है योगी सरकार' — सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 2 जुलाई 2026 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर चढ़ावा एवं आभूषण चोरी मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है और इस पूरे प्रकरण में निष्पक्ष न्यायिक जाँच की तत्काल आवश्यकता है।
अयोध्या बार एसोसिएशन का विरोध-प्रदर्शन
फैजाबाद बार एसोसिएशन ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोविंद राव के विरुद्ध प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराने की माँग को लेकर अयोध्या में प्रदर्शन किया। मेहरोत्रा ने इस विरोध-प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा, "राम मंदिर में चढ़ावा और आभूषण की चोरी, लूट और डकैती के खिलाफ आज अयोध्या के वकीलों ने प्रदर्शन करने का काम किया। बड़े चोरों को बचाने का काम हो रहा है।"
उन्होंने आगे कहा, "पूरा देश जान गया है कि इस चोरी में बहुत बड़े-बड़े लोग शामिल हैं और उनको बचाने का काम हो रहा है।" मेहरोत्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे इस मामले में निर्दोष हैं, तो हाईकोर्ट के किसी न्यायाधीश से जाँच कराएँ "ताकि मालूम हो जाए कि इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं और किनकी सहमति से इतनी बड़ी डकैती और लूट हुई है।"
एसआईटी जाँच पर सवाल
ट्रस्टी अनिल मिश्रा से बंद कमरे में पूछताछ और चोरी के दो आरोपियों के घर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी की खबरों के बीच सपा विधायक ने एसआईटी की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट की भी स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए और जिन लोगों को एसआईटी बचाने का काम कर रही है, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई होनी चाहिए।
मेहरोत्रा ने बुलडोजर कार्रवाई की चयनात्मकता पर भी निशाना साधा। उनका कहना था, "बुलडोजर की चाबी अपराधियों के हाथ पहुँच गई है। इसीलिए बुलडोजर की कार्रवाई उन पर नहीं हो रही है जो राम मंदिर चढ़ावा में चोरी करने के आरोपी हैं।" उन्होंने माँग की कि बड़े स्तर पर चोरी के आरोपी व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई हो।
मनरेगा का नाम बदलने पर केंद्र सरकार पर हमला
देशभर में लागू की गई वीबी-जी राम-जी योजना को लेकर सपा के विरोध के बारे में पूछे जाने पर मेहरोत्रा ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सरकार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से संचालित मनरेगा योजना को बंद कर उसे नए नाम से शुरू किया है। मेहरोत्रा ने कहा, "भाजपा शुरू से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से चलने वाली योजनाओं को बंद करने का काम कर रही है।" उन्होंने एक विवादास्पद टिप्पणी भी की, जिसमें उन्होंने BJP पर महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का महिमामंडन करने का आरोप लगाया।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला पहले से ही राष्ट्रीय राजनीति में गर्म बहस का विषय बना हुआ है। गौरतलब है कि विपक्षी दलों ने इस मामले को उत्तर प्रदेश सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में उठाया है। सपा विधायक के इन बयानों के बाद मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेने की संभावना है। अब देखना यह होगा कि सरकार एसआईटी जाँच में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और विपक्ष की माँगों का किस प्रकार जवाब देती है।