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राम मंदिर दान-पत्र चोरी की निष्पक्ष जांच हो, भाजपा कर रही विद्वेषपूर्ण राजनीति: सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा

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राम मंदिर दान-पत्र चोरी की निष्पक्ष जांच हो, भाजपा कर रही विद्वेषपूर्ण राजनीति: सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा

सारांश

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने एक साथ कई मोर्चों पर भाजपा को घेरा — राम मंदिर दान-पत्र चोरी से लेकर केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग तक। उनका यह हमला ऐसे समय में आया है जब यूपी की राजनीति में ध्रुवीकरण तेज़ हो रहा है।

मुख्य बातें

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 19 जून 2025 को लखनऊ में अयोध्या राम मंदिर दान-पत्र चोरी की निष्पक्ष जांच की माँग की।
मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि मंदिर के सीसीटीवी कैमरे कथित तौर पर पहले ही बंद करा दिए गए थे और अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई।
उन्होंने सीबीआई , ED और आयकर विभाग के कथित राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति है।
टीएमसी के बागी विधायकों की बैंक-खाता जांच माँग को उन्होंने भाजपा की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताया।
सपा विधायक ने कहा कि राज्यपाल कविंद्र गुप्ता के बयान के संदर्भ में केंद्र सरकार ने अमेरिकी दबाव में युद्धविराम की घोषणा कर कमज़ोरी दिखाई।
सपा के ब्राह्मण सम्मेलन को उन्होंने भाजपा द्वारा ब्राह्मण समाज के कथित अपमान की प्रतिक्रिया बताया।

समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 19 जून 2025 को लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कई मोर्चों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर में दान-पत्र और चढ़ावे की कथित चोरी की निष्पक्ष जांच की माँग करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा विद्वेष और बदले की भावना से विपक्षी दलों को कमज़ोर करने में लगी है।

राम मंदिर दान-पत्र विवाद पर गंभीर आरोप

मेहरोत्रा ने दावा किया कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं की चोरी कथित तौर पर लंबे समय से होती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे कथित रूप से पहले ही बंद करा दिए गए थे, जिसके बाद यह घटनाएँ हुईं। सपा विधायक ने कहा कि अब तक न तो उचित एफआईआर दर्ज की गई है और न ही जिम्मेदार लोगों पर कोई कार्रवाई हुई है। उन्होंने माँग की कि भाजपा और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाने चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कांग्रेस और सपा पर राम मंदिर मुद्दे को लेकर सवाल उठाए जाने पर मेहरोत्रा ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद गठित ट्रस्ट द्वारा हुआ है। उनके अनुसार, भाजपा अब जांच कराने के बजाय विपक्ष पर आरोप मढ़कर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।

केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप

मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता और प्रशासनिक ताकत के बल पर विपक्षी दलों को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उनके शब्दों में, देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बना दी गई है।

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी विधायकों द्वारा पार्टी के बैंक खातों की जांच की माँग के संदर्भ में उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे भाजपा की राजनीतिक रणनीति काम कर रही है और ये बागी विधायक भाजपा के इशारे पर यह माँग उठा रहे हैं।

राज्यपाल के बयान और सेना पर टिप्पणी

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता के पाकिस्तान में 1971 जैसे हालात बनने संबंधी बयान पर मेहरोत्रा ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान-स्थित आतंकी ठिकानों पर प्रभावी कार्रवाई की थी। उन्होंने दावा किया कि यदि केंद्र सरकार ने अमेरिका के दबाव में युद्धविराम की घोषणा न की होती, तो पाकिस्तान की स्थिति और अधिक खराब हो सकती थी। उन्होंने कहा, 'हमारी सेना बहुत बहादुर है, लेकिन केंद्र सरकार कमज़ोर साबित हुई है।'

न्यायपालिका और ब्राह्मण सम्मेलन पर रुख

दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा टेलीग्राम की याचिका खारिज किए जाने पर मेहरोत्रा ने कहा कि न्यायपालिका के फैसलों का सभी को सम्मान करना चाहिए और उच्च न्यायालय तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों का विरोध नहीं होना चाहिए।

समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन के बारे में उन्होंने कहा कि सपा सभी धर्मों और जातियों का सम्मान करती है। उनके अनुसार, भाजपा सरकार लगातार ब्राह्मण समाज का अपमान कर रही है, जिसके कारण उस समुदाय में भाजपा के विरुद्ध असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सपा ने संकल्प लिया है कि जहाँ भी ब्राह्मण समाज के साथ अन्याय होगा, वहाँ पार्टी न्याय के लिए संघर्ष करेगी।

आगे क्या

रविदास मेहरोत्रा के इन बयानों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है। राम मंदिर दान-पत्र विवाद को लेकर सपा और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ दोनों दलों के एजेंडे पर हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह सीधे भाजपा की धार्मिक साख को चुनौती देता है। गौरतलब है कि मंदिर ट्रस्ट और सरकार दोनों ने अब तक इस मामले में पारदर्शी जांच की विस्तृत रूपरेखा सार्वजनिक नहीं की है। विपक्ष का यह रुख उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा की रणनीतिक पुनर्स्थापना का हिस्सा लगता है — जहाँ ब्राह्मण और पिछड़े वर्गों को एक साथ साधने की कोशिश है। केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप नए नहीं हैं, लेकिन राम मंदिर जैसे प्रतीकात्मक मुद्दे पर सवाल उठाना सपा के लिए जोखिम भरा भी हो सकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रविदास मेहरोत्रा ने राम मंदिर दान-पत्र चोरी पर क्या आरोप लगाए?
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और बहुमूल्य वस्तुओं की चोरी कथित तौर पर लंबे समय से हो रही थी और मंदिर के सीसीटीवी कैमरे पहले ही बंद करा दिए गए थे। उन्होंने माँग की कि भाजपा और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो और अब तक एफआईआर न दर्ज होने पर सवाल उठाए।
सपा विधायक ने केंद्रीय जांच एजेंसियों पर क्या कहा?
मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सीबीआई, ED और आयकर विभाग का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में कर विपक्षी दलों को तोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बना दी गई है।
टीएमसी बागी विधायकों की बैंक-खाता जांच माँग पर सपा का क्या रुख है?
मेहरोत्रा ने कहा कि टीएमसी के बागी विधायक भाजपा के इशारे पर पार्टी के खातों की जांच की माँग कर रहे हैं। उनके अनुसार यह भाजपा की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत विपक्षी दलों को कमज़ोर किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता के बयान पर सपा की क्या प्रतिक्रिया रही?
मेहरोत्रा ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने प्रभावी कार्रवाई की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने कथित तौर पर अमेरिकी दबाव में युद्धविराम की घोषणा कर कमज़ोरी दिखाई। उन्होंने सेना की बहादुरी की तारीफ करते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की।
सपा का ब्राह्मण सम्मेलन किस उद्देश्य से आयोजित किया गया?
मेहरोत्रा के अनुसार, भाजपा सरकार द्वारा ब्राह्मण समाज के कथित अपमान के विरोध में सपा ने यह सम्मेलन आयोजित किया। पार्टी ने संकल्प लिया है कि जहाँ भी ब्राह्मण समाज के साथ अन्याय होगा, वहाँ वह न्याय के लिए संघर्ष करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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