9 नवंबर 2026
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सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा का BJP पर हमला: परभणी मंदिर हादसे से राम मंदिर चंदा विवाद तक उठाए सवाल

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सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा का BJP पर हमला: परभणी मंदिर हादसे से राम मंदिर चंदा विवाद तक उठाए सवाल

सारांश

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने एक ही दिन में BJP को परभणी मंदिर की 6 मौतों, नीट परीक्षा की खामियों, राम मंदिर चंदे की पारदर्शिता और SIR से करोड़ों मतदाताओं के नाम हटाने जैसे कई मोर्चों पर घेरा — यह विपक्ष की व्यापक बहु-मुद्दा रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

परभणी के प्राचीन हनुमान मंदिर की छत गिरने से 6 लोगों की मौत और 30-40 लोग घायल ; मेहरोत्रा ने महाराष्ट्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
सपा विधायक ने SIR के तहत उत्तर प्रदेश में करोड़ों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने का आरोप लगाया।
नागपुर के एक छात्र का नीट परीक्षा केंद्र कथित तौर पर अबू धाबी आवंटित हुआ, बाद में बदला गया।
अयोध्या राम मंदिर को मिले दान में सोने-चाँदी की वस्तुओं के उपयोग पर पारदर्शिता और निष्पक्ष जाँच की माँग।
मेहरोत्रा ने ED, CBI और आयकर विभाग के जरिए विपक्ष को कमज़ोर करने का आरोप BJP पर लगाया।
21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर BJP पर योग को राजनीतिक प्रचार बनाने का आरोप।

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 20 जून को लखनऊ में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर कई मोर्चों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने महाराष्ट्र के परभणी में प्राचीन हनुमान मंदिर की छत गिरने की घटना से लेकर नीट पुनर्परीक्षा, अयोध्या राम मंदिर के कथित वित्तीय विवाद और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तक कई अहम मुद्दों पर सरकार को घेरा।

परभणी मंदिर हादसा: सरकार पर लापरवाही का आरोप

मेहरोत्रा ने परभणी जिले के प्राचीन हनुमान मंदिर की छत गिरने की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उनके अनुसार इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई और 30 से 40 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर प्रबंधन लंबे समय से जर्जर ढाँचे की मरम्मत की माँग कर रहा था, लेकिन महाराष्ट्र की BJP-समर्थित सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने माँग की कि इस घटना की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा पर केंद्र को घेरा

देश में कथित अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर सपा विधायक ने गृह मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है, और यदि घुसपैठिए देश में प्रवेश कर रहे हैं तो यह सुरक्षा तंत्र की गंभीर विफलता है। उन्होंने इसके लिए गृह मंत्रालय को सीधे जवाबदेह ठहराया।

शिवसेना (यूबीटी) की राजनीतिक स्थिति पर मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि BJP सरकार प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग विपक्षी दलों को कमज़ोर करने के लिए कर रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक प्रवृत्ति बताया और कहा कि जनता के बीच शिवसेना की पकड़ अभी भी मज़बूत बनी हुई है।

SIR और मतदाता सूची से नाम हटाने पर चुनाव आयोग से सवाल

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मेहरोत्रा ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्ति जताई। उनका दावा है कि SIR लागू होने के बाद बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी करोड़ों मतदाताओं के नाम सूची से काटे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उनके अनुसार, चुनाव आयोग का दायित्व है कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से न हटे।

नीट पुनर्परीक्षा: परीक्षा केंद्र आवंटन पर उठाए सवाल

नीट पुनर्परीक्षा की तैयारियों को लेकर भी मेहरोत्रा ने चिंता जताई। उन्होंने नागपुर के एक छात्र का उदाहरण देते हुए कहा कि उसका परीक्षा केंद्र कथित तौर पर अबू धाबी आवंटित कर दिया गया था, जिसे बाद में बदलकर नागपुर किया गया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा निरस्त होने जैसी घटनाएँ पहले ही सामने आ चुकी हैं, इसलिए सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि इस बार परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित हो।

राम मंदिर चंदा विवाद और योग दिवस पर BJP को निशाना

अयोध्या राम मंदिर में दान और निर्माण कार्यों से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर मेहरोत्रा ने पारदर्शिता की माँग की। उन्होंने दावा किया कि मंदिर को दान में मिली सोने-चाँदी की वस्तुओं और अन्य बहुमूल्य सामग्रियों के उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए इससे जुड़े सभी वित्तीय और प्रशासनिक मामलों की निष्पक्ष जाँच कर तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

21 जून को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर मेहरोत्रा ने कहा कि भारत में योग की परंपरा सदियों पुरानी है और सपा कार्यकर्ता भी योग करते हैं। हालाँकि, उन्होंने BJP नेताओं पर आरोप लगाया कि वे योग को केवल प्रचार और फोटो अवसर के रूप में इस्तेमाल करते हैं। उनका कहना था कि योग को राजनीतिक कार्यक्रम बनाने के बजाय जनस्वास्थ्य से जोड़कर देखा जाना चाहिए। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सपा का रुख और स्पष्ट होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसका सत्यापन ज़रूरी है। राम मंदिर के वित्तीय मामलों पर पारदर्शिता की माँग जायज है, लेकिन बिना दस्तावेज़ी साक्ष्य के यह राजनीतिक आरोप बनकर रह जाती है। SIR और मतदाता सूची विवाद वास्तव में गंभीर लोकतांत्रिक प्रश्न है, जिस पर विपक्ष को आँकड़ों के साथ आना होगा।
RashtraPress
9 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परभणी मंदिर हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और सपा ने क्या माँग की?
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा के अनुसार परभणी जिले के प्राचीन हनुमान मंदिर की छत गिरने से 6 लोगों की मौत हुई और 30 से 40 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। सपा ने इस हादसे की निष्पक्ष जाँच और महाराष्ट्र सरकार की जवाबदेही की माँग की है।
नीट पुनर्परीक्षा में परीक्षा केंद्र विवाद क्या है?
मेहरोत्रा ने दावा किया कि नागपुर के एक छात्र का नीट परीक्षा केंद्र कथित तौर पर अबू धाबी आवंटित किया गया था, जिसे बाद में बदलकर नागपुर किया गया। उन्होंने इसे परीक्षा व्यवस्था में गंभीर खामी बताते हुए पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा आयोजन की माँग की।
राम मंदिर चंदा विवाद पर सपा की क्या माँग है?
सपा विधायक ने आरोप लगाया कि अयोध्या राम मंदिर को दान में मिली सोने-चाँदी की वस्तुओं और बहुमूल्य सामग्रियों के उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने माँग की कि मंदिर के सभी वित्तीय और प्रशासनिक मामलों की निष्पक्ष जाँच कर तथ्य सार्वजनिक किए जाएँ।
SIR से मतदाता सूची पर क्या असर पड़ा है?
मेहरोत्रा का दावा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में करोड़ों पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से यह सुनिश्चित करने की माँग की कि किसी भी पात्र नागरिक का मतदान का अधिकार न छिने।
सपा ने शिवसेना (यूबीटी) के बारे में क्या कहा?
मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि BJP सरकार ED, CBI और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग कर शिवसेना (यूबीटी) सहित विपक्षी दलों को कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच शिवसेना की पकड़ अभी भी मज़बूत है।
राष्ट्र प्रेस
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