23 जुलाई 2026
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रविदास मेहरोत्रा का आरोप: छात्र-विपक्ष की आवाज दबा रही भाजपा सरकार, जौहर विश्वविद्यालय पर भी घिरी

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रविदास मेहरोत्रा का आरोप: छात्र-विपक्ष की आवाज दबा रही भाजपा सरकार, जौहर विश्वविद्यालय पर भी घिरी

सारांश

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने एक साथ कई मोर्चों पर भाजपा को घेरा — NEET लीक पर छात्रों की बर्बर पिटाई, जौहर विश्वविद्यालय का कथित ध्वस्तीकरण, वांगचुक को बलपूर्वक अनशन तुड़वाना। उनका संदेश साफ है: लोकतंत्र खतरे में है और विपक्ष को एकजुट होना होगा।

मुख्य बातें

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 22 जुलाई को लखनऊ में भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक विरोध दबाने का आरोप लगाया।
राम मंदिर में कथित चंदा गड़बड़ी की निष्पक्ष जाँच और दोषियों की गिरफ्तारी की माँग की।
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों पर आँसू गैस और बैरिकेड में करंट दौड़ाने का आरोप; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग।
मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर के ध्वस्तीकरण नोटिस के खिलाफ सपा प्रतिनिधिमंडल ज्ञापन देने जाएगा।
सोनम वांगचुक को बलपूर्वक अनशन तुड़वाने का आरोप; सरकार से औपचारिक वार्ता की माँग।
कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष से भाजपा के खिलाफ एकजुट आंदोलन का आह्वान।

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 22 जुलाई को लखनऊ में केंद्र और राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकारें लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शनों को कुचलने का काम कर रही हैं और छात्रों से लेकर विपक्षी नेताओं तक — सभी की आवाज दबाई जा रही है। राम मंदिर व्यवस्था, सोनम वांगचुक का अनशन, NEET पेपर लीक, जौहर विश्वविद्यालय और संसद में विपक्ष की भूमिका — मेहरोत्रा ने एक के बाद एक कई मुद्दों पर सरकार को घेरा।

राम मंदिर व्यवस्था पर क्या बोले मेहरोत्रा

अयोध्या के राम मंदिर में धार्मिक कार्यों का दायित्व पाँच संतों को सौंपे जाने के फैसले पर मेहरोत्रा ने कहा कि चंदे और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की घटनाओं के बाद यदि पाँच संत सामूहिक रूप से व्यवस्था संभालेंगे, तो लोगों को उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी घटनाएँ नहीं होंगी। उन्होंने माँग की कि कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जाँच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की जाए।

सोनम वांगचुक के अनशन पर सरकार को घेरा

जलवायु कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त करने के फैसले पर सपा विधायक ने कहा कि वांगचुक लंबे समय से धरने पर बैठे थे, लेकिन सरकार ने समय रहते उनसे कोई सार्थक बातचीत नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने वांगचुक को बलपूर्वक अनशन समाप्त करने के लिए मजबूर किया। मेहरोत्रा ने माँग की कि सरकार उनसे औपचारिक वार्ता कर उनकी माँगों पर सकारात्मक निर्णय ले।

NEET पेपर लीक और जंतर-मंतर लाठीचार्ज

NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का उल्लेख करते हुए मेहरोत्रा ने कहा कि देशभर के छात्र और युवा इसके विरोध में सड़कों पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर पहले आँसू गैस के गोले छोड़े गए और फिर बैरिकेडिंग में करंट दौड़ाया गया, जिससे बड़ी संख्या में छात्र कथित तौर पर गंभीर रूप से घायल हुए। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई से जुड़े वीडियो संसद में दिखाने की घोषणा की है। मेहरोत्रा ने कहा कि इससे पहले किसी सरकार ने युवाओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार नहीं किया था।

जौहर विश्वविद्यालय और सपा का रामपुर दौरा

रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को ध्वस्तीकरण का नोटिस मिलने के बाद मेहरोत्रा ने कहा कि भाजपा सरकार नए शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने के बजाय पहले से बने संस्थानों को खत्म करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की इमारतों और कक्षाओं को तोड़ने की कार्रवाई जारी है। सपा का एक प्रतिनिधिमंडल रामपुर जाकर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेगा और ध्वस्तीकरण तत्काल रोकने की माँग करेगा।

विपक्षी एकता और आगे की राह

संसद में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच कथित मतभेदों के सवाल पर मेहरोत्रा ने कहा कि सपा लगातार भाजपा सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रही है। उन्होंने पूरे विपक्ष — विशेषकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) — से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर भाजपा की नीतियों के खिलाफ संयुक्त आंदोलन करें। पटना में कांग्रेस कार्यालय के बाहर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के लिए भी उन्होंने भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया, यह कहते हुए कि प्रशासन और पुलिस का उपयोग विपक्षी नेताओं के खिलाफ बदले की भावना से किया जा रहा है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष ने इस तरह के आरोप लगाए हों — लेकिन इस बार मुद्दों की बहुलता और छात्र आंदोलन की व्यापकता इसे एक नई राजनीतिक तीव्रता देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अल्पसंख्यक, किसान और लोकतंत्र-समर्थक — को संबोधित करती है। लेकिन असली सवाल यह है कि सपा खुद विपक्षी एकता की बात करते हुए कांग्रेस से किस हद तक तालमेल बिठाने को तैयार है — संसद में दोनों के बीच कथित मतभेद इस एकता की सीमाएँ उजागर करते हैं। जौहर विश्वविद्यालय का मुद्दा सपा के पारंपरिक मुस्लिम मतदाता आधार को साधने की कोशिश भी है। NEET लाठीचार्ज के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है — मुख्यधारा की कवरेज इस पहलू को अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रविदास मेहरोत्रा ने भाजपा पर क्या-क्या आरोप लगाए?
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 22 जुलाई को लखनऊ में भाजपा सरकार पर छात्रों और विपक्ष की आवाज दबाने, NEET पेपर लीक पर जवाबदेही न लेने, जौहर विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने और सोनम वांगचुक को बलपूर्वक अनशन तुड़वाने के आरोप लगाए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के विरुद्ध बताया।
जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ क्या हुआ?
मेहरोत्रा के अनुसार 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पहले आँसू गैस के गोले छोड़े गए और फिर बैरिकेडिंग में कथित तौर पर करंट दौड़ाया गया, जिससे बड़ी संख्या में छात्र घायल हुए। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं।
मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय का मामला क्या है?
रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को ध्वस्तीकरण का नोटिस मिला है, जिसके बाद सपा ने इसे भाजपा की कथित दमनात्मक नीति का हिस्सा बताया है। सपा का एक प्रतिनिधिमंडल रामपुर जाकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेगा और तोड़-फोड़ तत्काल रोकने की माँग करेगा।
सोनम वांगचुक के अनशन पर सपा का क्या रुख है?
सपा विधायक मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि सरकार ने वांगचुक के लंबे धरने के दौरान कोई सार्थक बातचीत नहीं की और उन्हें बलपूर्वक अनशन समाप्त करने के लिए मजबूर किया। सपा ने माँग की है कि सरकार उनसे औपचारिक वार्ता कर उनकी माँगों पर सकारात्मक निर्णय ले।
क्या सपा और कांग्रेस मिलकर भाजपा के खिलाफ लड़ेंगे?
मेहरोत्रा ने कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष से भाजपा की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संयुक्त आंदोलन करने का आह्वान किया है। हालाँकि संसद में दोनों दलों के बीच कथित मतभेदों को लेकर उन्होंने स्वीकार किया कि सपा अपना संघर्ष जारी रखेगी।
राष्ट्र प्रेस
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