राम मंदिर मामले में न्यायिक जांच की मांग, सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा का BJP पर बड़ा हमला
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने रविवार, 21 जून को लखनऊ में केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी और चंदे के मामले में न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि सरकार दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने नीट परीक्षा की पारदर्शिता, केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
राम मंदिर मामले में न्यायिक जांच की मांग
मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि राम मंदिर परिसर से करोड़ों रुपए की संपत्तियां और बहुमूल्य वस्तुएं गायब होने के मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि कथित चोरी की घटना से पहले मंदिर परिसर के सीसीटीवी कैमरे बंद किए जाने की बात सामने आई है, जो अपने आप में गंभीर प्रश्न खड़े करती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुकदमा ही दर्ज नहीं हुआ, तो एसआईटी किस कानूनी आधार पर जांच कर रही है।
मेहरोत्रा ने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या सर्वोच्च न्यायालय अथवा उच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त या कार्यरत न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए। उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसे साक्ष्य हैं जिन्हें उचित जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है।
केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बैंक खातों को फ्रीज किए जाने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा विधायक ने आरोप लगाया कि BJP सरकार विपक्षी दलों को निशाना बनाने के लिए सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि इन एजेंसियों का भय दिखाकर विपक्षी नेताओं और राजनीतिक दलों को प्रताड़ित किया जा रहा है। मेहरोत्रा ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक बताते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाया जा रहा है।
नीट परीक्षा पर पारदर्शिता की अपील
नीट की दोबारा आयोजित परीक्षा को लेकर मेहरोत्रा ने कहा कि इस बार 22 लाख 80 हजार से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं। उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लाखों छात्रों का भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा है, इसलिए परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने माँग की कि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर और निष्पक्ष मूल्यांकन मिले।
सपा में टूट के दावों को खारिज किया
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख ओम प्रकाश राजभर द्वारा समाजवादी पार्टी में टूट की संभावना जताने के दावे को मेहरोत्रा ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पूरी तरह एकजुट है और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व पर सभी नेताओं, सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं का अटूट विश्वास है। उल्टा उन्होंने दावा किया कि राजभर की पार्टी में ही असंतोष है और उनके विधायक समाजवादी पार्टी में आने की इच्छा रखते हैं। मेहरोत्रा ने यह भी कहा कि आने वाले महीनों में BJP और सुभासपा दोनों में राजनीतिक हलचल देखने को मिलेगी।
कानून-व्यवस्था और माफिया राज पर सवाल
उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध और माफिया गतिविधियां बढ़ी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि राज्य के शीर्ष अपराधियों की सूची सार्वजनिक की जाए और यह बताया जाए कि उनके राजनीतिक संबंध क्या हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया' जैसी स्थिति बन गई है। आने वाले दिनों में सपा इन सभी मुद्दों पर सरकार को और घेरने की तैयारी में है।