3 जुलाई 2026
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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: कांग्रेस ने माँगी सुप्रीम कोर्ट निगरानी में जाँच, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: कांग्रेस ने माँगी सुप्रीम कोर्ट निगरानी में जाँच, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला अब सियासी अखाड़े में पहुँच गया है। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट निगरानी में जाँच की माँग करते हुए भाजपा पर आस्था की आड़ में धन लूटने का सीधा आरोप लगाया है — और SIT की देरी ने विपक्ष को और धार दे दी है।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने 3 जुलाई को रांची में माँग की कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जाँच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में हो।
कांग्रेस महासचिव के.सी.
वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट निगरानी की माँग रखी है।
ठाकुर ने आरोप लगाया कि SIT जाँच में लीपापोती हुई और एजेंसी ने अतिरिक्त समय माँगा।
अखिलेश यादव के 'भाजपा को न दान, न वोट' वाले बयान का कांग्रेस ने समर्थन किया।
ठाकुर ने चुनाव आयोग पर भाजपा की 'अनुषांगिक इकाई' की तरह काम करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने 3 जुलाई को रांची में स्पष्ट शब्दों में कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जाँच सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश की निगरानी में होनी चाहिए, क्योंकि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भगवान राम के नाम पर न केवल वोट, बल्कि धन भी लूटा है।

मुख्य घटनाक्रम

यह विवाद तब और गहरा गया जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया कि भाजपा राम के नाम पर मतदाताओं को गुमराह करती है। राजेश ठाकुर ने इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर माँग की है कि इस मामले की जाँच सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में कराई जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि मंदिर ट्रस्ट का गठन किसने किया और उसमें नियुक्तियाँ किसने कीं।

ठाकुर ने आगे कहा कि SIT जाँच के दौरान तथ्यों को सही तरीके से सामने न ला पाने के कारण अतिरिक्त समय माँग चुकी है, जो स्वयं में संदेह उत्पन्न करता है। उनके अनुसार, चढ़ावा चोरी में संलिप्त लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है।

अखिलेश यादव के बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि अब भाजपा को न दान मिलेगा, न वोट। इस पर राजेश ठाकुर ने सहमति जताते हुए कहा, 'जिस तरह से आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है, ऐसे में कोई भी यही कहेगा। चोरों के लिए न चढ़ावा देने की ज़रूरत है, न वोट।' उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को सबक सिखाया जाना चाहिए।

पश्चिम बंगाल और TMC विवाद पर रुख

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी द्वारा CID पर उत्पीड़न के आरोपों पर ठाकुर ने कहा कि बंगाल में पूछताछ के नाम पर उत्पीड़न और घरों में भाजपा कार्यकर्ताओं के ज़रिए प्रताड़ना की नीति बन गई है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया।

पश्चिम बंगाल में TMC के आंतरिक विवाद पर चुनाव आयोग (ECI) द्वारा जवाब माँगे जाने और चुनाव चिह्न फ्रीज़ करने की संभावना पर ठाकुर ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा की 'अनुषांगिक इकाई' की तरह काम कर रहा है।

राहुल गांधी और मानहानि मामले का संदर्भ

ठाकुर ने यह भी याद दिलाया कि राहुल गांधी के 'चौकीदार ही चोर है' वाले बयान पर मानहानि के मुकदमे दायर किए गए थे। उनका कहना था कि अब जब चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया है, तो उस बयान की प्रासंगिकता और स्पष्ट हो गई है।

आगे क्या होगा

कांग्रेस के.सी. वेणुगोपाल के पत्र के बाद अब सरकार की प्रतिक्रिया और सुप्रीम कोर्ट में संभावित याचिका पर सबकी नज़र है। विपक्ष इस मुद्दे को जनआस्था से जोड़कर राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाने की तैयारी में है, जबकि SIT की अगली रिपोर्ट इस विवाद की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

वही अब उसके लिए सबसे संवेदनशील जवाबदेही-बिंदु बन रहा है। मुख्यधारा की कवरेज बयानबाज़ी पर टिकी है, लेकिन असली सवाल यह है कि ट्रस्ट का वित्तीय ऑडिट सार्वजनिक क्यों नहीं हुआ।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद क्या है?
अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट में चढ़ावे की राशि में अनियमितता के आरोप सामने आए हैं, जिसकी जाँच SIT कर रही है। विपक्ष का आरोप है कि जाँच में पारदर्शिता नहीं है और SIT ने अतिरिक्त समय माँगा है।
कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट निगरानी की माँग क्यों कर रही है?
कांग्रेस का कहना है कि SIT जाँच में लीपापोती हो रही है और यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए निष्पक्षता के लिए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी ज़रूरी है। के.सी. वेणुगोपाल ने इस माँग को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है।
राजेश ठाकुर ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा ने भगवान राम के नाम पर न केवल वोट माँगे, बल्कि चढ़ावे के धन की लूट को भी संरक्षण दिया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन और उसमें नियुक्तियाँ किसके निर्देश पर हुईं।
अखिलेश यादव के बयान पर कांग्रेस का क्या रुख है?
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के 'भाजपा को न दान, न वोट' वाले बयान का कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ हो तो कोई भी यही कहेगा।
चुनाव आयोग और TMC विवाद पर कांग्रेस का क्या कहना है?
राजेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा की 'अनुषांगिक इकाई' की तरह काम कर रहा है। पश्चिम बंगाल में TMC के आंतरिक विवाद पर चुनाव आयोग की कार्रवाई को उन्होंने राजनीति से प्रेरित बताया।
राष्ट्र प्रेस
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