राम मंदिर चढ़ावा चोरी: दयाशंकर सिंह का कांग्रेस पर पलटवार — 'पहले राम के अस्तित्व पर सवाल, अब हिसाब माँग रहे'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने 20 जुलाई 2025 को बलिया में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर कांग्रेस की माँगों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा इस मामले में कार्रवाई की माँग करते हुए लिखे गए पत्र के जवाब में मंत्री ने कहा कि जाँच पहले से जारी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा, 'इस मामले में पहले से ही कार्रवाई जारी है और कुछ लोग जेल भी जा चुके हैं। जाँच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।' उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर चंदे से जुड़े मामले की जाँच विशेष जाँच दल (एसआईटी) कर रही है और यह प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी।
कांग्रेस पर पलटवार
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के सवालों पर मंत्री ने कांग्रेस की विश्वसनीयता को ही कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस नेताओं को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे वास्तव में भगवान राम में आस्था रखते हैं। कांग्रेस ने अतीत में रामसेतु से जुड़े मुद्दे पर ऐसा रुख अपनाया था, जिससे करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई थीं।'
उन्होंने आगे कहा, 'रामसेतु भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रतीक है, जिसका उल्लेख रामायण सहित कई ग्रंथों में मिलता है। कांग्रेस सरकार के समय रामसेतु को हटाने की कोशिश की गई थी। जो लोग पहले भगवान राम के अस्तित्व को लेकर सवाल उठाते थे, वे आज राम मंदिर से जुड़े मामलों का हिसाब माँग रहे हैं।'
जाँच और जवाबदेही
मंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस नेता कभी राम मंदिर दर्शन के लिए गए हैं या मंदिर निर्माण में उनका कोई योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि जाँच की माँग करना सभी का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक आरोप लगाने से पहले अपने पुराने बयानों और रुख पर भी विचार होना चाहिए। एसआईटी की जाँच में दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई का आश्वासन उन्होंने दोहराया।
वंदे मातरम विधेयक पर प्रतिक्रिया
इसी अवसर पर मंत्री दयाशंकर सिंह ने वंदे मातरम विधेयक का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'वंदे मातरम बिल देश के लिए गर्व का विषय है। यह स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रीय नायकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। देशभक्ति और राष्ट्रीय भावना से जुड़े ऐसे कदमों का सभी को स्वागत करना चाहिए।'
आगे क्या
एसआईटी की जाँच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी। राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जाँच के नतीजे किस दिशा में जाते हैं और क्या सभी दोषियों पर समान रूप से कार्रवाई होती है।