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राम मंदिर दान चोरी पर प्रियंका चतुर्वेदी का BJP पर हमला — 'भगवान राम के नाम पर सबसे बड़ा पाप'

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राम मंदिर दान चोरी पर प्रियंका चतुर्वेदी का BJP पर हमला — 'भगवान राम के नाम पर सबसे बड़ा पाप'

सारांश

राम मंदिर दान चोरी मामले में SIT जांच शुरू होते ही शिवसेना (UBT) की प्रियंका चतुर्वेदी ने BJP पर सीधा हमला बोला — 'भगवान राम के नाम पर राजनीति और भक्तों के पैसे की चोरी, इससे बड़ा पाप क्या होगा?' उन्होंने 2024 अयोध्या चुनाव परिणाम को जनता का जवाब बताया।

मुख्य बातें

शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने 16 जून को लखनऊ में राम मंदिर दान चोरी मामले पर BJP को घेरा।
उन्होंने एसआईटी जांच को जनता के आक्रोश का परिणाम बताया और कहा कि पारदर्शिता की कमी सबसे बड़ा पाप है।
2024 अयोध्या चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि जनता ने मंदिर के राजनीतिक इस्तेमाल का जवाब मतपेटी से दिया।
AIMIM पर आरोप — जहाँ BJP कमजोर, वहाँ वोट ध्रुवीकरण के लिए ओवैसी की पार्टी को आगे बढ़ाया जाता है।
CM योगी आदित्यनाथ से महंगाई, रोजगार और विकास पर ध्यान देने की माँग।
पश्चिम बंगाल व केरल में गठबंधन सहयोगियों के विरुद्ध अभियान चलाने पर कांग्रेस की आलोचना।

शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने 16 जून को लखनऊ में राम मंदिर दान चोरी मामले में गठित एसआईटी जांच को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जो पार्टी भगवान श्रीराम और सनातन धर्म के नाम पर वोट माँगती रही, उसी पर श्रद्धालुओं के दान की चोरी का आरोप लगना उसका सबसे बड़ा नैतिक पतन है।

एसआईटी जांच पर प्रतिक्रिया

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह जांच तब शुरू हुई जब जनता का आक्रोश चरम पर पहुँच चुका था। उनके अनुसार, BJP का इससे बड़ा कोई पाप नहीं हो सकता कि भक्तों और श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित धनराशि की चोरी का आरोप उस पर लगे। उन्होंने कहा कि जो लोग सनातन धर्म के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्हीं पर अब मंदिर के धन में अनियमितता के गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

2024 अयोध्या चुनाव का संदर्भ

चतुर्वेदी ने 2024 के अयोध्या लोकसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि मंदिर उद्घाटन को राजनीतिक लाभ के लिए जल्दबाजी में संपन्न किया गया था। उनका कहना था कि जनता ने उसी चुनाव में अपना फैसला सुना दिया और भगवान राम ने यह संदेश दिया कि उनके नाम पर राजनीति करने वालों को सत्ता से बाहर होना होगा। यह ऐसे समय में आया है जब मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय प्रबंधन पर सवाल राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र बन गए हैं।

ओवैसी और AIMIM पर रुख

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के इंडिया गठबंधन में शामिल होने की संभावनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि ओवैसी की पार्टी मूलतः सीमित क्षेत्रों तक केंद्रित है, लेकिन अन्य राज्यों में उसकी सक्रियता के पीछे वोटों के ध्रुवीकरण का राजनीतिक उद्देश्य दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहाँ-जहाँ BJP कमजोर पड़ती है, वहाँ AIMIM को आगे बढ़ाया जाता है।

योगी सरकार और उत्तर प्रदेश के मुद्दे

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लैंड माफिया के खिलाफ कार्रवाई संबंधी बयान पर चतुर्वेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री को महंगाई, रोजगार और विकास जैसे ज़मीनी मुद्दों पर भी उतनी ही ऊर्जा लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता वर्षों से महंगाई, भ्रष्टाचार और परीक्षा विवादों की मार झेल रही है और वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत है।

राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कांग्रेस से क्षेत्रीय दलों का सम्मान करने की अपेक्षा जताई थी — चतुर्वेदी ने कहा कि बड़ी पार्टी होने के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है। उन्होंने पश्चिम बंगाल और केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के विरुद्ध ही अभियान चलाने से गठबंधन की विश्वसनीयता कमजोर होती है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन की आंतरिक एकता पर बार-बार सवाल उठते रहे हैं। आने वाले विधानसभा चुनावों में गठबंधन की रणनीति और समन्वय की परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विपक्ष का अपना घर भी बेदाग नहीं: इंडिया गठबंधन की आंतरिक दरारें — बंगाल और केरल में सहयोगियों के विरुद्ध अभियान — उनकी अपनी आलोचना में ही उजागर हो जाती हैं। असली सवाल यह है कि SIT जांच स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ती है या दबाव में दब जाती है — और उत्तर प्रदेश की जनता इसका जवाब अगले चुनाव में देगी।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर दान चोरी मामला क्या है?
अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित दान की राशि में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद इस मामले की जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल (SIT) गठित किया गया है। यह मामला राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि BJP भगवान राम और सनातन धर्म के नाम पर वोट माँगती है, लेकिन मंदिर के दान में पारदर्शिता नहीं रखती। उन्होंने इसे 'भगवान राम के नाम पर सबसे बड़ा पाप' बताया।
2024 अयोध्या चुनाव परिणाम का इस विवाद से क्या संबंध है?
प्रियंका चतुर्वेदी के अनुसार, 2024 के लोकसभा चुनाव में अयोध्या सीट पर BJP की हार जनता का वह संदेश था जो मंदिर के राजनीतिक इस्तेमाल के विरोध में था। उन्होंने इसे भगवान राम की ओर से दिया गया जवाब बताया।
प्रियंका चतुर्वेदी ने ओवैसी पर क्या कहा?
उन्होंने आरोप लगाया कि AIMIM जहाँ-जहाँ BJP कमजोर होती है, वहाँ वोटों के ध्रुवीकरण के लिए सक्रिय होती है। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश की जनता इस रणनीति को समझती है और लोकतंत्र व संविधान को सर्वोच्च मानने वाली ताकतों के साथ खड़ी रहेगी।
इंडिया गठबंधन की एकता पर उन्होंने क्या कहा?
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि बड़ी पार्टी होने के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है। पश्चिम बंगाल और केरल में गठबंधन सहयोगियों के विरुद्ध अभियान चलाने से जनता के बीच इंडिया गठबंधन की विश्वसनीयता कमजोर हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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