राम मंदिर ट्रस्ट विवाद पर प्रियंका चतुर्वेदी का भाजपा पर हमला, उमर अब्दुल्ला के आरोपों को बताया सच
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने 12 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में कई अहम मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को घेरा — जिनमें राम मंदिर ट्रस्ट में कथित चढ़ावा चोरी का विवाद, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के BJP पर विधायक तोड़ने के आरोप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों की उपयोगिता पर सवाल शामिल हैं। उनकी यह तीखी प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज़ हो गई है।
राम मंदिर ट्रस्ट विवाद पर प्रियंका चतुर्वेदी का रुख
शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने हाल ही में BJP को 'बाबर जनता पार्टी' कहा था, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "जब राम मंदिर बना था, तो हम सभी ने इसे देश के भविष्य और पुनर्निर्माण के प्रतीक के रूप में देखा था। चढ़ावा चोरी ने उस भरोसे को ठेस पहुंचाई है।" उन्होंने आगे कहा कि "उन लोगों का बचाव किया जा रहा है जिनकी आस्था भगवान राम से ज़्यादा VHP, RSS और BJP में थी और उसी के अनुसार उन्हें ट्रस्टी बनाया गया था।"
चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय और जनता के विश्वास से बना है, इसलिए ट्रस्ट की जवाबदेही अनिवार्य है। उन्होंने माँग की कि इस प्रकरण में शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ बिना देरी के कार्रवाई होनी चाहिए।
योगी के 'व्हाट-अबाउटरी' वाले तर्क पर पलटवार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया था कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने राम मंदिर का विरोध किया था। इस पर चतुर्वेदी ने कहा, "यह पूरी तरह से 'व्हाट-अबाउटरी' वाली बात है। वे कहते हैं कि उन्होंने ऐसा किया, इसलिए हम वैसा कर रहे हैं। जनता ने आपको जिम्मेदारी दी है।" उनके अनुसार 10 वर्षों के शासनकाल में BJP की जिम्मेदारी बनती है कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय देश की जनता को जवाब दे।
उमर अब्दुल्ला के आरोप और BJP पर 'घोड़ों की तरह खरीद-फरोख्त' का इल्जाम
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया है कि BJP नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है। इस पर चतुर्वेदी ने कहा, "मुझे हैरानी नहीं है। सत्ता की भूख BJP में इतनी बढ़ गई है कि वे संविधान को भी खत्म कर सकते हैं।" उन्होंने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि BJP ने वहाँ सांसदों और विधायकों को खरीदने का चलन शुरू किया था — "वे विधायकों के साथ ऐसे पेश आते हैं जैसे वे घोड़े हों जिन्हें खरीदा और बेचा जा सके।"
चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि ED, CBI और चुनाव आयोग के बल का इस्तेमाल कर सत्ता बनाए रखने का माहौल तैयार किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर मतदाता के अधिकार पर हमला है। उन्होंने कहा कि इस बात की खुशी है कि प्रभावित पार्टियाँ खुलेआम इसका पर्दाफाश कर रही हैं।
PM मोदी के विदेश दौरों पर सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे सहित विदेश यात्राओं पर चतुर्वेदी ने कहा कि भारत दुनियाभर के देशों में जाता जरूर है, लेकिन जब कठिन समय आता है तो कोई भारत के साथ खड़ा नहीं होता। उन्होंने आत्मचिंतन की जरूरत बताते हुए कहा कि "इन दौरों से व्यक्ति विशेष के बदले देश को फायदा होना चाहिए।" यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सरकार के विदेश नीति के परिणामों पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
आगे की राजनीतिक तस्वीर
राम मंदिर ट्रस्ट विवाद, जम्मू-कश्मीर में कथित दल-तोड़ गतिविधियाँ और विदेश नीति की प्रभावशीलता — ये तीनों मुद्दे आने वाले दिनों में संसद और सड़क दोनों पर विपक्ष की आक्रामकता का केंद्र बन सकते हैं। शिवसेना (UBT) जैसी पार्टियों का BJP पर यह बहुआयामी हमला INDIA गठबंधन की रणनीतिक दिशा को भी दर्शाता है।