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राम मंदिर चंदा विवाद: राजेश ठाकुर का आरोप — 'पहले चोरी कराई, फिर कमेटी बनाकर पर्दा डाला'

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राम मंदिर चंदा विवाद: राजेश ठाकुर का आरोप — 'पहले चोरी कराई, फिर कमेटी बनाकर पर्दा डाला'

सारांश

कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर BJP पर सीधा हमला बोला — 'पहले वोट चोरी, फिर विधायक चोरी, अब भगवान राम के नाम का चंदा भी नहीं बचा।' उन्होंने सोने की ईंटें और जेवरात गायब होने के आरोप भी लगाए और निष्पक्ष जाँच की माँग की।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने 21 जून को रांची में राम मंदिर चंदा विवाद पर BJP को घेरा।
ठाकुर ने आरोप लगाया कि मंदिर से सोने की ईंटें और हीरे-जेवरात गायब होने की खबरें आ रही हैं।
उन्होंने कमेटी और SIT गठन को 'चोरी पर पर्दा डालने की कोशिश' बताया और उच्चतम स्तरीय स्वतंत्र जाँच की माँग की।
योग दिवस पर प्रधानमंत्री के बयान को लेकर कहा कि महंगाई और बेरोजगारी पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
ओम प्रकाश राजभर के अखिलेश यादव संबंधी दावों को 'राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित' बताकर खारिज किया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश ठाकुर ने रविवार, 21 जून को रांची में पत्रकारों से बातचीत में राम मंदिर चंदा विवाद सहित कई राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को घेरा। ठाकुर ने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर एकत्र किए गए चंदे में हेराफेरी की गई और अब जाँच के नाम पर कमेटी व एसआईटी बनाकर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।

राम मंदिर चंदा विवाद पर तीखा हमला

राम मंदिर चंदे से जुड़े सवाल पर राजेश ठाकुर ने कहा कि यह खबर 'बेहद दुखद और चिंताजनक' है। उन्होंने कहा, 'पहले वोट चोरी, फिर विधायक चोरी, फिर सांसद चोरी... और अब भगवान राम के नाम पर दिए गए चंदे की चोरी।' ठाकुर के अनुसार, BJP में 'चोरों का ऐसा जमावड़ा है कि भगवान राम का चंदा भी उनकी नजर से बच नहीं पाया।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर से सोने की ईंटें और हीरे-जेवरात गायब होने की खबरें सामने आ रही हैं। ठाकुर ने माँग की कि इस मामले की 'निष्पक्ष, स्वतंत्र और उच्चतम स्तर की जाँच' होनी चाहिए।

योग दिवस और महंगाई पर प्रधानमंत्री को घेरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा योग को 'दुनिया को जोड़ने वाली शक्ति' बताए जाने पर ठाकुर ने कहा कि योग भारत की लगभग 5 हजार वर्षों पुरानी परंपरा है और इसे किसी एक व्यक्ति या सरकार की उपलब्धि नहीं कहा जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री 'हर मुद्दे को राजनीतिक लाभ के नजरिए से देखते हैं।' कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि योग महत्वपूर्ण है, लेकिन लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए पौष्टिक भोजन, रोजगार और बेहतर जीवन-स्तर भी जरूरी है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही।

मणिपुर, पश्चिम बंगाल और राजनीतिक चयन पर सवाल

पश्चिम बंगाल को लेकर प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार को मणिपुर की स्थिति और वहाँ के सामाजिक तनाव पर भी समान गंभीरता दिखानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP 'राजनीतिक लाभ वाले मुद्दों को अधिक प्रमुखता देती है, जबकि अन्य महत्वपूर्ण विषयों को अपेक्षित महत्व नहीं मिलता।' यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में हिंसा को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र पर दबाव बना रहा है।

शिवसेना विवाद और अखिलेश यादव पर राजभर के दावे

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कहा था कि अब केवल एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में एक ही शिवसेना है — ठाकुर ने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में जो परिस्थितियाँ बनीं, उनमें BJP की भूमिका रही है। उन्होंने दावा किया कि 'महाराष्ट्र की जनता राजनीतिक घटनाक्रम को समझ रही है और भविष्य में इसका जवाब देगी।' समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के पद छोड़ने और पार्टी नेताओं के BJP के संपर्क में होने संबंधी ओम प्रकाश राजभर के दावों को ठाकुर ने 'राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित' बताते हुए खारिज किया। उनके अनुसार, 'इंडिया गठबंधन की बढ़ती एकजुटता से BJP समर्थक नेताओं में बेचैनी है।'

कांग्रेस के भीतर मतभेद के दावों को नकारा

PM मोदी-ट्रंप मुलाकात को लेकर कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और शशि थरूर के बीच सोशल मीडिया पर सामने आई बहस पर ठाकुर ने कहा कि दोनों नेता 'मूल रूप से एक ही बात अलग-अलग अंदाज में कह रहे हैं।' उन्होंने इसे मीडिया का एजेंडा करार देते हुए कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के विचारों में कोई 'बुनियादी विरोधाभास नहीं है।' गौरतलब है कि विपक्षी दल इंडिया गठबंधन को मजबूत दिखाने की कोशिश में लगे हैं, ऐसे में पार्टी के भीतर किसी भी दरार की चर्चा राजनीतिक रूप से संवेदनशील है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि सोने की ईंटें और जेवरात गायब होने के आरोप अब तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं — फिर भी इन्हें विपक्ष ने प्रमुखता से उठाया है। कमेटी और SIT के गठन को 'पर्दा डालने' की कोशिश बताना विपक्ष की रणनीति का हिस्सा है, जबकि सरकार इसे जवाबदेही का तंत्र बता रही है। असली सवाल यह है कि जाँच की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी होगी और क्या नतीजे सार्वजनिक किए जाएँगे। राम मंदिर जैसे भावनात्मक रूप से संवेदनशील मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर आगामी चुनावी राजनीति को और जटिल बना सकता है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चंदा विवाद क्या है?
राम मंदिर चंदा विवाद उन आरोपों से जुड़ा है जिनमें कहा जा रहा है कि भगवान राम के नाम पर एकत्र किए गए दान में हेराफेरी हुई है और मंदिर से सोने की ईंटें तथा हीरे-जेवरात गायब हुए हैं। इस मामले में जाँच के लिए कमेटी और SIT गठित की गई है, जिसे विपक्ष 'मामले को दबाने की कोशिश' बता रहा है।
राजेश ठाकुर ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि BJP में 'चोरों का जमावड़ा' है और भगवान राम के नाम पर दिए गए चंदे की भी चोरी हुई है। उन्होंने कहा कि कमेटी और SIT बनाकर असल में चोरी पर पर्दा डाला जा रहा है और निष्पक्ष, स्वतंत्र व उच्चतम स्तरीय जाँच की माँग की।
राजेश ठाकुर ने योग दिवस पर क्या कहा?
ठाकुर ने कहा कि योग भारत की लगभग 5 हजार वर्षों पुरानी परंपरा है और इसे किसी एक व्यक्ति या सरकार की उपलब्धि नहीं बताया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री योग दिवस जैसे अवसरों पर भी राजनीति करते हैं, जबकि महंगाई और बेरोजगारी जैसी असली समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता।
शिवसेना विवाद पर ठाकुर का क्या कहना था?
ठाकुर ने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में जो परिस्थितियाँ बनीं, उनमें BJP की भूमिका रही है। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र की जनता इन घटनाक्रमों को समझ रही है और भविष्य में अपना जवाब देगी।
ओम प्रकाश राजभर के अखिलेश यादव संबंधी दावों पर ठाकुर ने क्या कहा?
ठाकुर ने राजभर के उन दावों को खारिज किया जिनमें कहा गया था कि अखिलेश यादव पद छोड़ सकते हैं और समाजवादी पार्टी के नेता BJP के संपर्क में हैं। उन्होंने इसे 'राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बयान' बताया और कहा कि इंडिया गठबंधन की बढ़ती एकजुटता से BJP समर्थक नेताओं में बेचैनी है।
राष्ट्र प्रेस
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