राम मंदिर चंदा चोरी: SIT 'बड़ी मछलियों' को बचा रही है, रिपोर्ट में सिर्फ सुझाव — कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 24 जून 2026 को लखनऊ में राम मंदिर चंदा चोरी प्रकरण, मौलाना अरशद मदनी के जिहाद संबंधी बयान और नीट पेपर लीक सहित कई मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि SIT अयोध्या में असली दोषियों को बचाने के लिए भेजी गई थी, न कि जाँच करने के लिए।
SIT रिपोर्ट पर सवाल
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में गठित विशेष जाँच दल (SIT) द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने पर सुरेंद्र राजपूत ने कहा, 'रिपोर्ट सौंपना कोई नई बात नहीं है — मुद्दा यह है कि उस रिपोर्ट में क्या है? लोग बता रहे हैं कि SIT की रिपोर्ट में सिर्फ सुझाव हैं। क्या SIT वहाँ सुझाव देने गई थी? क्या नृपेंद्र मिश्रा को इतना नहीं पता कि वहाँ अधिक कैमरे लगाने चाहिए?'
उन्होंने आगे कहा कि जाँच दल अयोध्या 'धोखेबाजों, चोरों, लुटेरों और डकैतों को बचाने और छोटी मछलियाँ पकड़ने' गई थी। उनके अनुसार यदि BJP वास्तव में चढ़ावा चोरों को रोकना चाहती है तो पहले एफआईआर दर्ज होनी चाहिए और ट्रस्ट से BJP, विश्व हिंदू परिषद (VHP) तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारियों को हटाया जाना चाहिए।
राजपूत ने माँग की कि ट्रस्ट में चार शंकराचार्य, पाँच रामानुजाचार्य और 13 अखाड़ों के संतों को शामिल किया जाए, तथा राजनीतिक और RSS से जुड़े व्यक्तियों को ट्रस्ट से निकालकर कानूनी कार्रवाई की जाए।
मौलाना मदनी के जिहाद बयान पर कांग्रेस का रुख
मौलाना अरशद मदनी के 'हर मुसलमान को जिहाद करना चाहिए' वाले बयान पर राजपूत ने कहा, 'जिहाद एक इस्लामिक शब्द है, जो आत्मिक शुद्धता के लिए धर्म के रूप में इस्तेमाल किया जाता है — यह कोई खराब शब्द नहीं है।' उन्होंने आरोप लगाया कि BJP के शासनकाल में इस शब्द के गलत अर्थ निकाले जा रहे हैं और पार्टी हिंदू-मुस्लिम मतभेद पैदा करने के लिए इस बयान को तूल दे रही है।
AIMPLB अभियान और सांप्रदायिक तनाव
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) द्वारा मस्जिदों और मदरसों के ध्वंस के विरोध में राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने के निर्णय पर राजपूत ने कहा, 'देश में हिंदू-मुसलमान ही हो रहा है। मस्जिदों के नीचे मंदिर खोजे जा रहे हैं, मजारों पर झंडे लहराने की बात कही जा रही है, गोकशी के नाम पर मुस्लिम समुदाय के लोगों को मारा जा रहा है।' उन्होंने जोर देकर कहा कि इस अन्याय के खिलाफ केवल मुसलमानों को ही नहीं, बल्कि पूरे देश को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।
नीट पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना
जंतर-मंतर पर हो रहे धरने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की प्रतिक्रिया पर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, 'नीट पेपर लीक होने पर धर्मेंद्र प्रधान को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए था, लेकिन वह अपने पद पर चिपके हुए हैं।' उन्होंने कहा कि इस्तीफे की माँग उठना स्वाभाविक है और मंत्री का भड़कना इसी का संकेत है।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा विवाद को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन जारी है और विपक्षी दल सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं।