राम मंदिर दान चोरी विवाद: श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने CM योगी से SIT जांच की मांग की
सारांश
मुख्य बातें
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 13 जून 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अयोध्या के राम मंदिर में दान पात्रों से कथित धनराशि चोरी के पूरे प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की है। ट्रस्ट के एक प्रवक्ता के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों से श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है, जिसे दूर करने के लिए निष्पक्ष और व्यापक जांच आवश्यक है।
ट्रस्ट की मांग और पृष्ठभूमि
ट्रस्ट के प्रवक्ता ने कहा कि मामले को लेकर विभिन्न प्रकार की भ्रामक जानकारियाँ प्रसारित की जा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि SIT के माध्यम से तथ्य जनता के सामने लाए जाएँ और अफवाहों पर विराम लगे। गौरतलब है कि इससे पहले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से इनकार करते हुए बयान जारी किया था।
विहिप नेता का सनसनीखेज आरोप
मामले ने तब नया मोड़ लिया जब अयोध्या में तैनात रहे विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेता और पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने कथित तौर पर कई वर्षों से चढ़ावे में चोरी होने का सनसनीखेज आरोप लगाया। इस आरोप के बाद अयोध्या के संत भी दो गुटों में बँटते नज़र आए और चौतरफा जांच की माँग तेज़ हो गई।
समाजवादी पार्टी का हमला
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मामले को 'चढ़ावा चोरी कांड' करार देते हुए कहा कि कई सवाल अनुत्तरित हैं। उन्होंने कहा, 'ट्रस्टी क्या कहना चाहते हैं, यह किसी को समझ नहीं आ रहा है। हेराफेरी में संलिप्त लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें अखबारों, टीवी चैनलों, मीडिया पोर्टलों और यूट्यूब चैनलों के माध्यम से प्रसारित की जा रही हैं।'
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस पहले इस संबंध में कुछ नहीं कहती, लेकिन बाद में किसी दबाव में आकर खंडन जारी कर देती है। उन्होंने दावा किया कि जनता के आक्रोश को देखकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता असहज हो गए हैं और इस मामले से दूरी बनाने के लिए 'भूमिगत' हो गए हैं।
आस्था और राजनीति का टकराव
सपा अध्यक्ष ने कहा कि इन अस्पष्ट परिस्थितियों के कारण देश और विदेश में सनातन धर्मावलंबियों के बीच आशंकाएँ बढ़ गई हैं। उन्होंने माँग की कि यह सामने आना चाहिए कि 'सनातनी आस्था से खिलवाड़ करने वालों के पीछे कौन लोग हैं और चढ़ावे में कथित चोरी का पाप करने वालों को कौन बचा रहा है।' यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर की प्रतिष्ठा-प्रतिष्ठापना के बाद से मंदिर प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर गहन निगरानी में है।
आगे क्या होगा
अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिकी हैं कि वे ट्रस्ट की SIT गठन की माँग पर क्या निर्णय लेते हैं। जांच का दायरा और स्वरूप तय होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कथित चोरी के तार कहाँ तक फैले हुए हैं और इस प्रकरण का सूत्रधार कौन है।