29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राम मंदिर दान चोरी विवाद: श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने CM योगी से SIT जांच की मांग की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राम मंदिर दान चोरी विवाद: श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने CM योगी से SIT जांच की मांग की

सारांश

राम मंदिर के दान पात्रों से कथित चोरी का मामला अब सियासी और धार्मिक दोनों मोर्चों पर उबाल पर है। ट्रस्ट की SIT माँग, VHP नेता के सनसनीखेज आरोप और अखिलेश यादव के तीखे सवालों ने इस प्रकरण को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ला दिया है।

मुख्य बातें

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 13 जून 2026 को CM योगी आदित्यनाथ से SIT गठन की माँग की।
ट्रस्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं से श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति है।
VHP नेता और पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने कथित तौर पर कई वर्षों से चढ़ावे में चोरी का आरोप लगाया।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मामले को 'चढ़ावा चोरी कांड' बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों की पहचान की माँग की।
अयोध्या के संत दो गुटों में बँटे; BJP नेताओं पर मामले से दूरी बनाने का आरोप।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 13 जून 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अयोध्या के राम मंदिर में दान पात्रों से कथित धनराशि चोरी के पूरे प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की है। ट्रस्ट के एक प्रवक्ता के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों से श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है, जिसे दूर करने के लिए निष्पक्ष और व्यापक जांच आवश्यक है।

ट्रस्ट की मांग और पृष्ठभूमि

ट्रस्ट के प्रवक्ता ने कहा कि मामले को लेकर विभिन्न प्रकार की भ्रामक जानकारियाँ प्रसारित की जा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि SIT के माध्यम से तथ्य जनता के सामने लाए जाएँ और अफवाहों पर विराम लगे। गौरतलब है कि इससे पहले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से इनकार करते हुए बयान जारी किया था।

विहिप नेता का सनसनीखेज आरोप

मामले ने तब नया मोड़ लिया जब अयोध्या में तैनात रहे विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेता और पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने कथित तौर पर कई वर्षों से चढ़ावे में चोरी होने का सनसनीखेज आरोप लगाया। इस आरोप के बाद अयोध्या के संत भी दो गुटों में बँटते नज़र आए और चौतरफा जांच की माँग तेज़ हो गई।

समाजवादी पार्टी का हमला

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मामले को 'चढ़ावा चोरी कांड' करार देते हुए कहा कि कई सवाल अनुत्तरित हैं। उन्होंने कहा, 'ट्रस्टी क्या कहना चाहते हैं, यह किसी को समझ नहीं आ रहा है। हेराफेरी में संलिप्त लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें अखबारों, टीवी चैनलों, मीडिया पोर्टलों और यूट्यूब चैनलों के माध्यम से प्रसारित की जा रही हैं।'

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस पहले इस संबंध में कुछ नहीं कहती, लेकिन बाद में किसी दबाव में आकर खंडन जारी कर देती है। उन्होंने दावा किया कि जनता के आक्रोश को देखकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता असहज हो गए हैं और इस मामले से दूरी बनाने के लिए 'भूमिगत' हो गए हैं।

आस्था और राजनीति का टकराव

सपा अध्यक्ष ने कहा कि इन अस्पष्ट परिस्थितियों के कारण देश और विदेश में सनातन धर्मावलंबियों के बीच आशंकाएँ बढ़ गई हैं। उन्होंने माँग की कि यह सामने आना चाहिए कि 'सनातनी आस्था से खिलवाड़ करने वालों के पीछे कौन लोग हैं और चढ़ावे में कथित चोरी का पाप करने वालों को कौन बचा रहा है।' यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर की प्रतिष्ठा-प्रतिष्ठापना के बाद से मंदिर प्रबंधन राष्ट्रीय स्तर पर गहन निगरानी में है।

आगे क्या होगा

अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिकी हैं कि वे ट्रस्ट की SIT गठन की माँग पर क्या निर्णय लेते हैं। जांच का दायरा और स्वरूप तय होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कथित चोरी के तार कहाँ तक फैले हुए हैं और इस प्रकरण का सूत्रधार कौन है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संस्थागत विश्वसनीयता का संकट है। ट्रस्ट का स्वयं SIT माँगना यह स्वीकार करना है कि आंतरिक स्पष्टीकरण अब पर्याप्त नहीं रहे — यह देर से उठाया गया, लेकिन सही कदम है। विहिप के पूर्व लेखा प्रभारी का आरोप इस मामले को 'बाहरी राजनीति' तक सीमित नहीं रहने देता; अब सवाल संगठन के भीतर से उठ रहे हैं। बिना स्वतंत्र और समयबद्ध जांच के, यह विवाद मंदिर प्रशासन की पारदर्शिता पर दीर्घकालिक प्रश्नचिह्न छोड़ेगा।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर दान चोरी विवाद क्या है?
अयोध्या के राम मंदिर में दान पात्रों से कथित तौर पर धनराशि चोरी होने का आरोप है। VHP के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने कई वर्षों से चोरी का आरोप लगाया है, जिसके बाद मामला राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर विवादास्पद हो गया है।
श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने SIT जांच की माँग क्यों की?
ट्रस्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएँ और अफवाहें फैल रही हैं जिससे श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। निष्पक्ष जांच से तथ्य सामने आएँगे और अफवाहों पर विराम लगेगा।
अखिलेश यादव ने इस मामले पर क्या कहा?
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे 'चढ़ावा चोरी कांड' बताते हुए कहा कि कई सवाल अनुत्तरित हैं और मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP नेता इस मामले से दूरी बना रहे हैं और लखनऊ व दिल्ली की सरकारें चुप हैं।
VHP नेता महिपाल सिंह ने क्या आरोप लगाए?
अयोध्या में तैनात रहे VHP नेता और पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने कथित तौर पर कई वर्षों से चढ़ावे में चोरी होने का आरोप लगाया। इस आरोप के बाद अयोध्या के संत भी दो गुटों में बँट गए।
इस मामले में आगे क्या होने की उम्मीद है?
अब सभी की निगाहें CM योगी आदित्यनाथ पर हैं कि वे SIT गठन की माँग पर क्या निर्णय लेते हैं। जांच का दायरा और स्वरूप तय होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कथित चोरी कितने समय से और किन लोगों की संलिप्तता से हो रही थी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 4 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले