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राम मंदिर दान घोटाला: अयोध्या पहुंची SIT, योगी सरकार ने कहा — दोषी बख्शे नहीं जाएंगे

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राम मंदिर दान घोटाला: अयोध्या पहुंची SIT, योगी सरकार ने कहा — दोषी बख्शे नहीं जाएंगे

सारांश

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान पात्र से कथित धन चोरी का मामला अब SIT जांच के दायरे में है। योगी सरकार ने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है, संत समाज ने आस्था की रक्षा की बात कही है, जबकि कांग्रेस ने SIT की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य बातें

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या में दान पात्र से कथित अनियमितताओं की जांच के लिए SIT का गठन किया गया।
16 जून को SIT टीम अयोध्या पहुंची; वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट ने जांच पर बैठक की।
संत भक्तचरण दास ने कहा — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोषियों को नहीं बख्शेंगे।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने सरकार की कार्रवाई का समर्थन किया, कहा — सच्चाई जल्द सामने आएगी।
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने आरोप लगाया — योगी सरकार 89 से अधिक SIT बना चुकी है, पर दोषियों को सजा कम मिली।

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान पात्र से जुड़ी कथित अनियमितताओं और धन चोरी के आरोपों की जांच 16 जून को उस समय और तेज हो गई, जब उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) अयोध्या पहुंचा। जांच की दिशा तय करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट ने एक महत्वपूर्ण बैठक भी की।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित SIT ने अयोध्या पहुंचकर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। अधिकारियों ने आगे की कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की और साक्ष्य संकलन शुरू किया। यह मामला श्रीराम मंदिर के दान पात्रों में जमा राशि के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है।

संत समाज की प्रतिक्रिया

संत महाराज भक्तचरण दास ने कहा कि यह मामला फिलहाल जांच के दायरे में है और यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है या धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसी को भी नहीं बख्शेंगे।

ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि उन्हें भी इस विषय से जुड़ी जानकारियां मिली हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में एक ईमानदार और सतर्क सरकार काम कर रही है और मुख्यमंत्री ने तुरंत SIT जांच के आदेश दिए हैं। स्वामी जी ने कहा, 'श्रीराम मंदिर आस्था का विषय है, अफवाहों का नहीं। अयोध्या सनातन चेतना, सांस्कृतिक विरासत और करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का केंद्र है।'

सरकार की प्रतिक्रिया

लखनऊ में मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि सरकार अपना काम कर रही है और अयोध्या मामले में जांच समिति सक्रिय है। उन्होंने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर समस्या का समाधान निकालने में सक्षम हैं।

विपक्ष के सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने SIT गठन पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार अब तक 89 से अधिक SIT गठित कर चुकी है, लेकिन उनमें से बहुत कम मामलों में दोषियों को वास्तविक सजा मिली है। राजपूत ने यह भी कहा कि कई बार SIT का इस्तेमाल सत्ता से जुड़े लोगों को बचाने और भ्रष्टाचार में शामिल व्यक्तियों को संरक्षण देने के लिए किया जाता है।

आगे क्या होगा

SIT की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा होने के कारण राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर गहरी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कांग्रेस का यह सवाल कि 89 से अधिक SIT में से कितनों ने वास्तविक सजा दिलाई — इसे खारिज नहीं किया जा सकता। यह मामला महज प्रशासनिक नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए जांच की पारदर्शिता और समयबद्धता दोनों अनिवार्य हैं। यदि SIT रिपोर्ट में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मंदिर प्रशासन की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाएगा। असली परीक्षा अब जांच की गति और उसके निष्कर्षों की निष्पक्षता से होगी।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर दान पात्र घोटाला क्या है?
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दान पात्रों में जमा राशि के कथित दुरुपयोग और धन चोरी के आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SIT गठित की है।
SIT अयोध्या कब पहुंची और क्या हुआ?
16 जून को SIT टीम अयोध्या पहुंची। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट ने बैठक कर जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई पर चर्चा की।
संत समाज ने इस मामले पर क्या कहा?
संत भक्तचरण दास ने कहा कि दोषी पाए जाने पर मुख्यमंत्री योगी किसी को नहीं बख्शेंगे। परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद सरस्वती ने सरकार की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि श्रीराम मंदिर आस्था का विषय है, अफवाहों का नहीं।
कांग्रेस ने SIT जांच पर क्या आपत्ति जताई?
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि योगी सरकार 89 से अधिक SIT बना चुकी है, लेकिन बहुत कम मामलों में दोषियों को सजा मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि SIT का उपयोग कभी-कभी सत्ता से जुड़े लोगों को बचाने के लिए होता है।
इस मामले में आगे क्या होने की उम्मीद है?
SIT की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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