राम मंदिर दान कोष जांच: SIT ने CM योगी से मांगा समय, नृपेंद्र मिश्रा बोले — कोई ढिलाई नहीं
सारांश
मुख्य बातें
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने 15 जून 2026 को अयोध्या में पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि राम मंदिर दान कोष से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने बताया कि विशेष जांच दल (SIT) ने उच्च स्तरीय मार्गदर्शन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का समय माँगा है।
SIT की कार्ययोजना
मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार ने जिस तत्परता से यह निर्णय लिया, वह सराहनीय है। यह फैसला शनिवार को लिया गया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि समिति के तीनों सदस्यों को सोमवार सुबह लगभग 10 बजे उनके कार्यालय में आधिकारिक अधिसूचना और कार्य की शर्तें प्राप्त हो जाएंगी। SIT के मुख्यमंत्री से मिलने के तुरंत बाद जांच दल अयोध्या पहुँचकर अपना काम शुरू कर देगा।
जांच के दो प्रमुख पहलू
नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि इस मामले में दो अहम पहलू हैं — पहला आपराधिक पहलू और दूसरा भविष्य के सुधार का पहलू। उनके अनुसार, जब तक इन दोनों पहलुओं पर गहन जांच नहीं हो जाती, तब तक श्रद्धालुओं का विश्वास पुनः अर्जित करना संभव नहीं होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रस्ट जांच में पूर्ण सहयोग देने के लिए तैयार है और जिला प्रशासन ने भी सहयोग का आश्वासन दिया है।
निर्माण कार्य की स्थिति
मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में है। पिछले तीन दिनों से बैठकें जारी हैं और सभी एजेंसियों के इस महीने के अंत तक या 15 जुलाई तक काम पुनः शुरू करने की उम्मीद है। मुख्य प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ठेकेदारों का कोई भी बिल बकाया न रहे।
दस्तावेज़ीकरण और हस्तांतरण
एक विस्तृत सूची तैयार कर उसकी समीक्षा की जा चुकी है। निर्माण कार्य का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा पहले ही रिकॉर्ड और दस्तावेज़ों सहित ट्रस्ट को हस्तांतरित किया जा चुका है। शेष कार्य भी शीघ्र ट्रस्ट को सौंपे जाने की प्रक्रिया जारी है।
यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर से जुड़े वित्तीय प्रबंधन को लेकर सार्वजनिक जवाबदेही की माँग तेज हो रही है। SIT की जांच और उसके निष्कर्ष आने वाले हफ्तों में इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेंगे।