30 जुलाई 2026
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राम मंदिर दान कोष अनियमितता: SIT को 7 दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट का आदेश, नृपेंद्र मिश्रा बोले — 'सरकार तेज़'

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राम मंदिर दान कोष अनियमितता: SIT को 7 दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट का आदेश, नृपेंद्र मिश्रा बोले — 'सरकार तेज़'

सारांश

राम मंदिर दान कोष में कथित अनियमितताओं की जाँच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 24 घंटे से कम में SIT गठित कर दी। निर्माण समिति अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने 7 दिन में प्रारंभिक और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट की समयसीमा बताई — साथ ही परिसर में 4 किमी बाउंड्री वॉल और 25 वॉच टावर के काम की भी समीक्षा की।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर दान कोष की कथित अनियमितताओं की जाँच के लिए 24 घंटे से कम में SIT गठित की।
SIT में डिविजनल कमिश्नर और IG स्तर के वरिष्ठ अधिकारी शामिल; CBI अनुभव भी।
SIT को 7 दिनों में प्रारंभिक और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट सौंपनी होगी।
इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड द्वारा 4 किमी बाउंड्री वॉल का काम अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य; 6 स्थानों पर एक साथ काम।
परिसर में 25 वॉच टावर के लिए अलग एजेंसी चयनित।
हनुमानगढ़ी के महंत डॉ.
देवेशाचार्य जी महाराज ने SIT गठन का स्वागत किया।

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने 14 जून 2026 को अयोध्या में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर दान कोष से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जाँच के लिए 24 घंटे से भी कम समय में विशेष जाँच दल (SIT) का गठन कर दिया। उन्होंने इसे सरकार की त्वरित निर्णय-क्षमता का प्रमाण बताया और कहा कि जाँच की समयसीमा स्पष्ट रूप से तय की गई है।

SIT की संरचना और समयसीमा

नृपेंद्र मिश्रा के अनुसार, गठित SIT में एक डिविजनल कमिश्नर और इंस्पेक्टर जनरल (IG) सहित अत्यंत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन अधिकारियों को केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) में काम करने का दीर्घ अनुभव है। सरकार ने SIT को 7 दिनों में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

मिश्रा ने कहा, 'अगर कमियाँ मिलती हैं तो इसके सुधार के लिए कमेटी संस्तुति करेगी और उसका कार्यान्वयन किया जाएगा।' उन्होंने सभी पक्षों से जाँच रिपोर्ट की प्रतीक्षा करने का आग्रह किया।

परिसर विकास कार्यों की समीक्षा

नृपेंद्र मिश्रा ने यह भी बताया कि इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड द्वारा राम मंदिर परिसर की 4 किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य जारी है। अधिकारियों के साथ समीक्षा के बाद यह लक्ष्य रखा गया है कि अगस्त 2026 के अंत तक यह कार्य पूर्ण हो जाए। गति बढ़ाने के लिए 6 स्थानों पर एक साथ काम शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

इसके अतिरिक्त, परिसर में 25 वॉच टावर के निर्माण के लिए एक अलग एजेंसी का चयन किया गया है, जो सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करेगी।

राम कथा संग्रहालय की तैयारी

नृपेंद्र मिश्रा ने राम कथा संग्रहालय की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि इसे दो हिस्सों में बाँटा गया है। पहले हिस्से में 20 गैलरी होंगी और प्रत्येक गैलरी की स्क्रिप्ट तैयार हो चुकी है। स्क्रिप्ट के आधार पर बनने वाले वीडियो कंटेंट को लेकर संबंधित बैठक में विस्तृत चर्चा की जानी थी।

धार्मिक नेताओं की प्रतिक्रिया

SIT गठन पर सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के महंत डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज ने उत्तर प्रदेश सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि 'कुछ शरारती तत्वों की ओर से फैलाई जा रही गुमराह करने वाली खबरों की ठीक से जाँच हो और सच्चाई सबके सामने आए।' उनका यह बयान इस बात का संकेत है कि धार्मिक नेतृत्व भी पारदर्शी जाँच का समर्थन कर रहा है।

आगे क्या होगा

SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट अगले 7 दिनों में आने की उम्मीद है, जिसके बाद निर्माण समिति सुधारात्मक कदमों पर विचार करेगी। राम मंदिर परिसर के विकास कार्यों की समानांतर प्रगति यह दर्शाती है कि जाँच और निर्माण दोनों प्रक्रियाएँ एक साथ चल रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी समयसीमा नहीं, बल्कि जाँच की स्वतंत्रता और पारदर्शिता होगी। यह ध्यान देने योग्य है कि SIT का गठन राज्य सरकार ने किया है, जबकि राम मंदिर ट्रस्ट केंद्र सरकार द्वारा गठित संस्था है — इस संरचनात्मक जटिलता पर अब तक पर्याप्त चर्चा नहीं हुई। 'शरारती तत्वों' वाला बयान चिंताजनक है, क्योंकि जाँच से पहले ही आरोपों को खारिज करने की भाषा पारदर्शिता की भावना के विपरीत जाती है। रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी या नहीं — यह प्रश्न अभी अनुत्तरित है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर दान कोष में कथित अनियमितता क्या है?
राम मंदिर दान कोष से जुड़ी कथित अनियमितताओं की खबरें सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने जाँच का आदेश दिया। इन आरोपों की विस्तृत जाँच के लिए ही SIT गठित की गई है और अंतिम तथ्य रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होंगे।
राम मंदिर SIT में कौन-कौन से अधिकारी शामिल हैं?
नृपेंद्र मिश्रा के अनुसार, SIT में एक डिविजनल कमिश्नर और इंस्पेक्टर जनरल (IG) स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं। इन अधिकारियों को CBI में काम करने का दीर्घ अनुभव बताया गया है।
SIT को रिपोर्ट देने के लिए कितना समय दिया गया है?
SIT को 7 दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट सौंपनी होगी। यह समयसीमा राज्य सरकार ने निर्धारित की है।
राम मंदिर परिसर में अभी कौन-से निर्माण कार्य चल रहे हैं?
इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड द्वारा 4 किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल का निर्माण जारी है, जिसे अगस्त 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। साथ ही 25 वॉच टावर के लिए एक अलग एजेंसी का चयन भी किया गया है।
राम कथा संग्रहालय की क्या स्थिति है?
राम कथा संग्रहालय के पहले हिस्से में 20 गैलरी होंगी और प्रत्येक गैलरी की स्क्रिप्ट तैयार हो चुकी है। स्क्रिप्ट के आधार पर वीडियो कंटेंट निर्माण पर चर्चा की प्रक्रिया चल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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