राम मंदिर दान कोष अनियमितता: SIT को 7 दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट का आदेश, नृपेंद्र मिश्रा बोले — 'सरकार तेज़'
सारांश
मुख्य बातें
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने 14 जून 2026 को अयोध्या में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर दान कोष से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जाँच के लिए 24 घंटे से भी कम समय में विशेष जाँच दल (SIT) का गठन कर दिया। उन्होंने इसे सरकार की त्वरित निर्णय-क्षमता का प्रमाण बताया और कहा कि जाँच की समयसीमा स्पष्ट रूप से तय की गई है।
SIT की संरचना और समयसीमा
नृपेंद्र मिश्रा के अनुसार, गठित SIT में एक डिविजनल कमिश्नर और इंस्पेक्टर जनरल (IG) सहित अत्यंत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन अधिकारियों को केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) में काम करने का दीर्घ अनुभव है। सरकार ने SIT को 7 दिनों में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
मिश्रा ने कहा, 'अगर कमियाँ मिलती हैं तो इसके सुधार के लिए कमेटी संस्तुति करेगी और उसका कार्यान्वयन किया जाएगा।' उन्होंने सभी पक्षों से जाँच रिपोर्ट की प्रतीक्षा करने का आग्रह किया।
परिसर विकास कार्यों की समीक्षा
नृपेंद्र मिश्रा ने यह भी बताया कि इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड द्वारा राम मंदिर परिसर की 4 किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य जारी है। अधिकारियों के साथ समीक्षा के बाद यह लक्ष्य रखा गया है कि अगस्त 2026 के अंत तक यह कार्य पूर्ण हो जाए। गति बढ़ाने के लिए 6 स्थानों पर एक साथ काम शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
इसके अतिरिक्त, परिसर में 25 वॉच टावर के निर्माण के लिए एक अलग एजेंसी का चयन किया गया है, जो सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करेगी।
राम कथा संग्रहालय की तैयारी
नृपेंद्र मिश्रा ने राम कथा संग्रहालय की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि इसे दो हिस्सों में बाँटा गया है। पहले हिस्से में 20 गैलरी होंगी और प्रत्येक गैलरी की स्क्रिप्ट तैयार हो चुकी है। स्क्रिप्ट के आधार पर बनने वाले वीडियो कंटेंट को लेकर संबंधित बैठक में विस्तृत चर्चा की जानी थी।
धार्मिक नेताओं की प्रतिक्रिया
SIT गठन पर सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के महंत डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज ने उत्तर प्रदेश सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि 'कुछ शरारती तत्वों की ओर से फैलाई जा रही गुमराह करने वाली खबरों की ठीक से जाँच हो और सच्चाई सबके सामने आए।' उनका यह बयान इस बात का संकेत है कि धार्मिक नेतृत्व भी पारदर्शी जाँच का समर्थन कर रहा है।
आगे क्या होगा
SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट अगले 7 दिनों में आने की उम्मीद है, जिसके बाद निर्माण समिति सुधारात्मक कदमों पर विचार करेगी। राम मंदिर परिसर के विकास कार्यों की समानांतर प्रगति यह दर्शाती है कि जाँच और निर्माण दोनों प्रक्रियाएँ एक साथ चल रही हैं।