25 सितंबर 2026
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जेलेंस्की का यूएन में बड़ा बयान: रूस की युद्ध क्षमता निशाने पर, तेल उद्योग नहीं — 2,100 मिसाइलें दागीं

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जेलेंस्की का यूएन में बड़ा बयान: रूस की युद्ध क्षमता निशाने पर, तेल उद्योग नहीं — 2,100 मिसाइलें दागीं

सारांश

संयुक्त राष्ट्र महासभा में जेलेंस्की का बयान साफ था — यूक्रेन रूस के तेल उद्योग का दुश्मन नहीं, उसकी युद्ध-मशीन का। आठ महीनों में 2,100 से अधिक मिसाइलें और 63,000 ड्रोन झेलने के बाद यह अपील दुनिया के सामने एक बड़ा सवाल रख गई — क्या कोई देश यह सह सकता है?

मुख्य बातें

वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 25 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि यूक्रेन का निशाना रूस का तेल उद्योग नहीं, बल्कि उसकी युद्ध क्षमता है।
जेलेंस्की ने एक्स पर पोस्ट में स्वीकार किया कि रूस का तेल उद्योग संकट में है, लेकिन यह यूक्रेन का घोषित लक्ष्य नहीं था।
जनवरी–अगस्त 2026 में रूस ने यूक्रेन पर 2,100 से अधिक मिसाइलें दागीं, जिनमें 950 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल थीं।
इसी अवधि में 63,000 से अधिक हमलावर ड्रोन का इस्तेमाल हुआ, जिनमें 7,700 से अधिक 'शाहेद' जेट-इंजन ड्रोन थे।
यूक्रेनी दावों के अनुसार आठ महीनों में रूस के 2,48,964 सैनिक मारे गए या घायल हुए — यह आँकड़ा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं।
जेलेंस्की ने बताया कि रूस करीब पाँच साल से डोनेट्स्क क्षेत्र पर कब्ज़े की कोशिश कर रहा है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 25 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यूक्रेन का निशाना रूस का तेल उद्योग नहीं, बल्कि उसकी वह क्षमता है जो इस युद्ध को वित्त पोषित करती है, लंबा खींचती है और अधिक क्रूर बनाती है। उन्होंने कहा कि रूस का तेल उद्योग संकट में ज़रूर है, परंतु यूक्रेन ने न कभी पेट्रोल-डीजल को, न कारखानों को और न बंदरगाहों को अपना लक्ष्य बनाया।

जेलेंस्की का एक्स पर बयान

जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'रूस के इतिहास में पहली बार अब हमें सुनने को मिल रहा है कि जिस तेल उद्योग पर उसे गर्व रहा है, उसकी हालत बेहद खराब हो रही है और वह मुश्किल से चल पा रहा है। हालांकि यूक्रेन का निशाना तेल उद्योग नहीं है।' उन्होंने जोड़ा कि यूक्रेन का असली उद्देश्य रूस की उस क्षमता को कमज़ोर करना है जिससे वह इस युद्ध के लिए धन जुटाता है और इसे अधिक विनाशकारी बनाता है।

रूस के हमलों के आँकड़े

जनवरी से अगस्त 2026 के बीच, यानी महज़ आठ महीनों में, रूस ने यूक्रेन के खिलाफ 2,100 से अधिक विभिन्न प्रकार की मिसाइलें दागीं। इनमें 950 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल थीं। इसी अवधि में रूस ने 63,000 से अधिक हमलावर ड्रोन भी इस्तेमाल किए, जिनमें 7,700 से अधिक 'शाहेद' जेट-इंजन ड्रोन थे — जिन्हें जेलेंस्की ने बेहद विनाशकारी और खतरनाक हथियार बताया।

रूसी सैन्य नुकसान के दावे

जेलेंस्की ने दावा किया कि जनवरी से अगस्त 2026 के बीच रूसी सेना ने युद्ध के मैदान में 2,48,964 सैनिक गँवाए — मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए। उन्होंने यह तथ्य उजागर किया कि दुनिया के 21 देशों की कुल आबादी भी इन आठ महीनों में रूस के खोए सैनिकों की संख्या से कम है। गौरतलब है कि ये आँकड़े यूक्रेनी पक्ष के हैं और स्वतंत्र रूप से इनकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

डोनेट्स्क पर रूसी दबाव

जेलेंस्की ने कहा कि करीब पाँच साल से रूसी जनरल व्लादिमीर पुतिन के उस आदेश को पूरा करने में लगे हैं जिसमें यूक्रेन के पूर्वी इलाके — यानी डोनेट्स्क क्षेत्र — पर कब्ज़ा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह ऐसे समय में आया है जब संघर्ष के पाँचवें वर्ष में भी युद्धविराम की कोई ठोस संभावना नज़र नहीं आ रही।

आगे क्या होगा

जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा, 'सोचिए, अगर भगवान न करे आपके देश को भी ऐसी स्थिति का सामना करना पड़े, तो क्या आपका देश इसे झेल पाएगा? यूक्रेन ने इसे झेला है।' यह संबोधन ऐसे समय में हुआ जब यूक्रेन पश्चिमी देशों से निरंतर सैन्य और आर्थिक सहायता की माँग कर रहा है। आने वाले हफ्तों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस संघर्ष पर आगे की चर्चा अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

48,964 सैनिकों के नुकसान का आँकड़ा — बिना किसी स्वतंत्र सत्यापन के — एक ऐसा दावा है जिसे मुख्यधारा की रिपोर्टिंग अक्सर बिना जाँचे उद्धृत कर देती है। असली सवाल यह है कि संयुक्त राष्ट्र के इस मंच से की गई अपील क्या वास्तविक नीतिगत बदलाव लाएगी या यह एक और भावनात्मक संबोधन बनकर रह जाएगा, जबकि युद्ध अपने पाँचवें वर्ष में भी जारी है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेलेंस्की ने यूएन में क्या कहा?
जेलेंस्की ने 25 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि यूक्रेन का लक्ष्य रूस का तेल उद्योग नहीं, बल्कि उसकी वह क्षमता है जो युद्ध को वित्त पोषित करती है और उसे क्रूर बनाती है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर भी यही बात दोहराई।
रूस ने इस साल यूक्रेन पर कितनी मिसाइलें दागीं?
जेलेंस्की के अनुसार जनवरी से अगस्त 2026 के बीच रूस ने यूक्रेन पर 2,100 से अधिक मिसाइलें दागीं, जिनमें 950 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल थीं। इसी दौरान 63,000 से अधिक हमलावर ड्रोन भी इस्तेमाल हुए।
यूक्रेन का असली सैन्य लक्ष्य क्या है?
जेलेंस्की के अनुसार यूक्रेन का उद्देश्य रूस की उस वित्तीय और सैन्य क्षमता को कमज़ोर करना है जो इस युद्ध को लंबा खींचती है और अधिक विनाशकारी बनाती है — न कि सीधे तेल, कारखानों या बंदरगाहों पर हमला करना।
'शाहेद' ड्रोन क्या हैं जिनका जेलेंस्की ने उल्लेख किया?
'शाहेद' जेट-इंजन से चलने वाले हमलावर ड्रोन हैं जिन्हें जेलेंस्की ने बेहद विनाशकारी और खतरनाक बताया। उनके अनुसार जनवरी से अगस्त 2026 के बीच 7,700 से अधिक ऐसे ड्रोन इस्तेमाल किए गए।
डोनेट्स्क क्षेत्र का इस युद्ध में क्या महत्व है?
जेलेंस्की ने कहा कि रूसी जनरल करीब पाँच साल से पुतिन के उस आदेश को पूरा करने की कोशिश में हैं जिसमें यूक्रेन के पूर्वी इलाके — डोनेट्स्क क्षेत्र — पर कब्ज़ा करने का लक्ष्य है। यह क्षेत्र संघर्ष का केंद्रीय मोर्चा बना हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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