23 सितंबर 2026
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राम मंदिर दानचोरी: शिवसेना-यूबीटी का BJP पर हमला — 'कारसेवकों का खून बेचा, हिंदुत्व के चौकीदार ही चोर निकले'

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राम मंदिर दानचोरी: शिवसेना-यूबीटी का BJP पर हमला — 'कारसेवकों का खून बेचा, हिंदुत्व के चौकीदार ही चोर निकले'

सारांश

अयोध्या राम मंदिर में 105 बार दानचोरी की SIT रिपोर्ट के बाद शिवसेना-यूबीटी ने BJP पर सबसे कड़ा हमला बोला — 'हिंदुत्व का टीका लगाकर सत्ता पाने वालों ने कारसेवकों का खून बेचा।' मुख्यमंत्री फडणवीस पर भी निशाना, कहा — 'हिंदुत्व के चौकीदार ही चोर निकले।'

मुख्य बातें

शिवसेना-यूबीटी ने 23 सितंबर 2026 को BJP पर आरोप लगाया कि अयोध्या राम मंदिर की दानपेटी से 105 बार चोरी हुई।
पार्टी के मुखपत्र 'सामना' ने संपादकीय में BJP को 'गजनवी' बताते हुए कहा कि 'हिंदुत्व के चौकीदार ही चोर निकले।' एसआईटी (SIT) ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय में 105 बार दानचोरी की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट पेश की।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर आरोप — कहा कि उन्होंने चोरी को 'झूठ' बताकर पर्दा डालने की कोशिश की।
शिवसेना-यूबीटी ने राम मंदिर ट्रस्ट पर भूमि घोटाले का भी आरोप लगाया, कथित लाभार्थी BJP परिवार से जुड़े बताए।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने 23 सितंबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि अयोध्या के राम मंदिर की दानपेटी से 105 बार चोरी हुई और इसके लिए सत्ताधारी खेमा सीधे जिम्मेदार है। पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया कि जिन लोगों ने हिंदुत्व का टीका लगाकर सत्ता हासिल की, उन्होंने अयोध्या में शहीद हुए कारसेवकों के खून के साथ विश्वासघात किया।

सामना का संपादकीय: 'BJP के गजनवियों ने राममंदिर 105 बार लूटा'

शिवसेना-यूबीटी के मुखपत्र 'सामना' ने 'BJP के गजनवियों ने राममंदिर 105 बार लूटा' शीर्षक से कड़ा संपादकीय लिखा। इसमें कहा गया, 'राममंदिर चोरी पर चर्चा से इनकार करना ही सबसे बड़ा रामद्रोह है। गजनी के महमूद ने भी इतनी बार हिंदुओं के मंदिर नहीं लूटे थे।' पार्टी ने इस घटना को राष्ट्रीय अस्मिता पर लगा कलंक बताया।

संपादकीय में यह भी आरोप लगाया गया कि यदि विपक्ष ने इस चोरी का भंडाफोड़ न किया होता और संसद में आवाज़ न उठाई होती, तो यह सिलसिला जारी रहता। 'सामना' के अनुसार, राम मंदिर ट्रस्ट पर भूमि घोटाले के भी आरोप हैं और उसके कथित लाभार्थी BJP परिवार से जुड़े बताए जाते हैं।

एसआईटी रिपोर्ट और सर्वोच्च न्यायालय

शिवसेना-यूबीटी ने कहा कि एसआईटी (SIT) ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय में विस्तृत जानकारी पेश की, जिसमें राम मंदिर में 105 बार दानचोरी होने की पुष्टि की गई है। पार्टी ने कहा कि इस एसआईटी रिपोर्ट ने उन लोगों के दावों को खारिज कर दिया जो इसे 'हिंदुत्व विरोधियों का षड्यंत्र' बता रहे थे।

गौरतलब है कि दानपेटी की सुरक्षा की जिम्मेदारी उन्हीं लोगों पर थी जो अब आरोपों के घेरे में हैं। शिवसेना-यूबीटी ने कहा, 'हिंदुत्व के चौकीदार ही चोर निकले हैं।'

मुख्यमंत्री फडणवीस पर निशाना

संपादकीय में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी तीखी टिप्पणी की गई। 'सामना' के अनुसार, फडणवीस ने कहा था कि 'विरोधक झूठ बोल रहे हैं, राममंदिर में चोरी हुई ही नहीं' — और इस तरह चोरी पर पर्दा डालने की कोशिश की। शिवसेना-यूबीटी ने आरोप लगाया कि इस 'राम दरबार के ढोंगी' मंडल को एसआईटी रिपोर्ट ने बेनकाब कर दिया है।

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में BJP के नेतृत्व वाली महायुति सरकार और उद्धव ठाकरे गुट के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है।

शिवसेना-यूबीटी का 'रामरक्षा' आंदोलन

पार्टी ने दावा किया कि उसने 'रामरक्षा' आंदोलन के ज़रिये भक्तों को इस चोरी के प्रति जागरूक किया। संपादकीय में आरोप लगाया गया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने तब शंख फूंका कि 'विरोधक हिंदुत्व को बदनाम कर रहे हैं' — जो कि एसआईटी रिपोर्ट के बाद निराधार साबित हुआ।

आलोचकों का कहना है कि यह पूरा विवाद 2024 आम चुनावों में अयोध्या लोकसभा सीट पर BJP की पराजय के बाद और भी प्रासंगिक हो गया है। अब राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े आरोप उसी घाव को और गहरा करने की दिशा में बढ़ रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले पर सर्वोच्च न्यायालय में और सुनवाई अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर गठित किया गया था, उसकी जवाबदेही तय करने वाला स्वतंत्र तंत्र अब तक क्यों नहीं बना? 2024 में अयोध्या सीट गँवाने के बाद BJP के लिए यह विवाद राजनीतिक रूप से और भी संवेदनशील है। मुख्यधारा की कवरेज इस ओर कम ध्यान देती है कि ट्रस्ट की संरचना में पारदर्शिता की कमी कैसे इस पूरे संकट की जड़ है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या राम मंदिर में दानचोरी का मामला क्या है?
एसआईटी (SIT) ने सर्वोच्च न्यायालय को सूचित किया है कि अयोध्या के राम मंदिर की दानपेटी से 105 बार चोरी हुई। यह जानकारी सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय में पेश की गई रिपोर्ट में सामने आई है।
शिवसेना-यूबीटी ने BJP पर क्या आरोप लगाए हैं?
शिवसेना-यूबीटी ने आरोप लगाया है कि दानपेटी की सुरक्षा जिन लोगों की जिम्मेदारी थी, वे ही BJP खेमे के हिंदुत्ववादी थे और वही चोर निकले। पार्टी ने यह भी कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट ने बड़े पैमाने पर भूमि घोटाला किया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का इस विवाद में क्या रुख है?
शिवसेना-यूबीटी के मुखपत्र 'सामना' के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि 'विरोधक झूठ बोल रहे हैं, राममंदिर में चोरी हुई ही नहीं।' शिवसेना-यूबीटी ने कहा कि SIT रिपोर्ट ने इस दावे को गलत साबित कर दिया है।
सामना के संपादकीय में BJP की तुलना गजनी के महमूद से क्यों की गई?
'सामना' के संपादकीय में कहा गया कि BJP ने राम मंदिर को 105 बार लूटा, जबकि ऐतिहासिक रूप से गजनी के महमूद ने भी इतनी बार हिंदुओं के मंदिर नहीं लूटे थे। यह तुलना BJP पर कड़े राजनीतिक प्रहार के रूप में की गई है।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
SIT रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय में पेश हो चुकी है, इसलिए अब न्यायालय में आगे की सुनवाई अपेक्षित है। राजनीतिक रूप से यह विवाद महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश दोनों में BJP के लिए चुनौती बन सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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