27 जून 2026
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राम मंदिर दानपात्र विवाद: अखिलेश यादव बोले — 'आस्था से खिलवाड़ नाकाबिले माफी'

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राम मंदिर दानपात्र विवाद: अखिलेश यादव बोले — 'आस्था से खिलवाड़ नाकाबिले माफी'

सारांश

राम मंदिर के दानपात्र में कथित गड़बड़ी को लेकर अखिलेश यादव ने BJP सरकार को कटघरे में खड़ा किया। एसआईटी रिपोर्ट पर पारदर्शिता की माँग करते हुए उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ अक्षम्य है — और यह मुद्दा 2027 चुनाव में सपा के पीडीए एजेंडे का हिस्सा बनेगा।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 27 जून 2026 को लखनऊ में राम मंदिर दानपात्र कथित घोटाले पर BJP सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने माँग की कि एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो।
आरोप लगाया कि गिरफ्तार लोगों के पास से बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती सामान मिला, जो गंभीर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
उत्तर प्रदेश में फर्जी एनकाउंटर और बिगड़ती कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
सपा पीडीए एजेंडे के साथ 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में है; अखिलेश ने बड़े राजनीतिक बदलाव का दावा किया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 27 जून 2026 को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में अयोध्या के राम मंदिर के दानपात्र से जुड़े कथित घोटाले पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ हुई यह कथित गड़बड़ी पूरे देश की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाती है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

एसआईटी रिपोर्ट पर उठे सवाल

अखिलेश यादव ने कहा कि जनता के दबाव में सरकार को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करना पड़ा, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि एसआईटी की रिपोर्ट किसे सौंपी गई और उस रिपोर्ट के आधार पर क्या कार्रवाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार खुद मान रही है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच चल रही है, फिर भी इतने लंबे समय बाद पूरी सच्चाई सामने नहीं आ सकी — जो कि अपने आप में संदेह पैदा करता है।

आस्था पर हमला: अखिलेश का आरोप

सपा प्रमुख ने कहा कि भगवान राम के नाम पर श्रद्धालु जो दान करते हैं, वह पूरी आस्था और भक्ति के साथ दिया जाता है। उनके अनुसार, यदि उस दान में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो यह केवल वित्तीय अपराध नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर प्रहार है। उन्होंने कहा, 'भगवान राम ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करेंगे जो श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हैं।'

अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री लगातार अयोध्या के दौरे करते रहे और विकास के बड़े दावे किए गए, लेकिन यदि उन्हें कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जानकारी नहीं थी तो यह सरकार की बड़ी विफलता है। मामले में गिरफ्तार लोगों के पास से बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती सामान मिलने की खबरें सामने आई हैं, जिनका उन्होंने हवाला दिया।

कानून व्यवस्था और फर्जी एनकाउंटर पर निशाना

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि प्रदेश में फर्जी एनकाउंटर की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं और कई मामलों में पीड़ित परिवार सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए और किसी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए, अन्यथा सरकार पर जनता का भरोसा कमजोर होगा।

शिक्षा, रोजगार और किसान: सपा का वादा

सपा अध्यक्ष ने पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि पॉलिटेक्निक, आईटीआई और इंजीनियरिंग कॉलेजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। यदि सपा की सरकार बनती है, तो प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक व्यापक सुधार किए जाएंगे।

किसानों के मुद्दे पर उन्होंने समय पर बीज-खाद की उपलब्धता, फसलों का उचित मूल्य और डेयरी क्षेत्र को कृषि से जोड़कर आय बढ़ाने की प्राथमिकता गिनाई। अयोध्या के विकास पर उनका कहना था कि शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक सुविधाओं के साथ संरक्षित रखा जाना चाहिए।

2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी

अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि सपा पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के एजेंडे के साथ 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है। उन्होंने दावा किया कि जनता बदलाव चाहती है और आने वाले चुनाव में उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। BJP पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि यदि BJP दोबारा सत्ता में आती है तो लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर दानपात्र विवाद क्या है?
अयोध्या के राम मंदिर के दानपात्र (हुंडी) से कथित तौर पर धन की गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद सरकार ने एसआईटी का गठन किया। मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई है और उनके पास से बड़ी मात्रा में नकदी व कीमती सामान मिलने की खबरें हैं।
अखिलेश यादव ने एसआईटी पर क्या सवाल उठाए?
अखिलेश यादव ने पूछा कि एसआईटी की रिपोर्ट किसे सौंपी गई और उसके आधार पर क्या कार्रवाई हुई। उनका कहना था कि सीसीटीवी फुटेज की लंबी जांच के बावजूद पूरी सच्चाई सामने न आना संदेह पैदा करता है।
सपा 2027 विधानसभा चुनाव में किस एजेंडे पर उतरेगी?
समाजवादी पार्टी पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक के एजेंडे पर 2027 का चुनाव लड़ने की तैयारी में है। अखिलेश यादव ने दावा किया है कि जनता बदलाव चाहती है और उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा परिवर्तन आएगा।
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर क्या कहा?
उन्होंने प्रदेश में फर्जी एनकाउंटर की लगातार शिकायतों का हवाला दिया और कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय न मिलने से सरकार पर जनता का भरोसा कमजोर होता है। उनका कहना था कि पुलिस अधिकारियों को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए।
शिक्षा और रोजगार पर सपा का क्या रुख है?
अखिलेश यादव ने पेपर लीक की घटनाओं को युवाओं के भविष्य के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार बनने पर पॉलिटेक्निक, आईटीआई और इंजीनियरिंग कॉलेजों में आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और डिजिटल सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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