6 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: सपा सांसद अवधेश प्रसाद बोले — एसआईटी जांच महज दिखावा, BJP सरकार एक साल में गिरेगी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: सपा सांसद अवधेश प्रसाद बोले — एसआईटी जांच महज दिखावा, BJP सरकार एक साल में गिरेगी

सारांश

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर चढ़ावा घोटाले की एसआईटी जांच को 'महज दिखावा' करार दिया और कहा कि जिस श्रीराम की कृपा से BJP ने सत्ता पाई, उन्हीं के मंदिर में डाका डाला गया। NEET मॉकड्रिल को भी उन्होंने ध्यान भटकाने की चाल बताया।

मुख्य बातें

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने 20 जून को अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा घोटाले की एसआईटी जांच को 'दिखावा' करार दिया।
उन्होंने कहा कि BJP ने जिस श्रीराम की आस्था पर सत्ता हासिल की, उन्हीं के मंदिर में डाका डाला गया।
प्रसाद ने दावा किया कि BJP सरकार एक साल के भीतर सत्ता से बाहर हो जाएगी।
NEET (UG) मॉकड्रिल को उन्होंने जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।
तहसीलों में दस्तावेज नवीसों का काम 10 दिनों से बंद होने का मुद्दा भी उठाया और इसे ठेके पर देने की योजना को जनविरोधी बताया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने 20 जून को अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर कड़ा प्रहार किया, जिसमें उन्होंने श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में कथित घोटाले की एसआईटी जांच के बाद सच्चाई सामने आने का भरोसा जताया था। अवधेश प्रसाद ने साफ कहा कि यह जांच एक ढकोसला है और जिस श्रीराम की आस्था पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सत्ता हासिल की, उन्हीं के मंदिर में डाका डाला गया है।

एसआईटी जांच पर सीधा हमला

अवधेश प्रसाद ने कहा, 'दूध तो पहले ही पी लिया गया है' — यानी जब तक जांच की बात हो रही है, तब तक नुकसान हो चुका है। उनके अनुसार, एसआईटी का गठन जनता की आँखों में धूल झोंकने की कोशिश मात्र है। उन्होंने यह भी दावा किया कि BJP सरकार एक साल के भीतर गिर जाएगी

NEET मॉकड्रिल को बताया ध्यान भटकाने की चाल

NEET (UG) की दोबारा परीक्षा के लिए आयोजित मॉकड्रिल पर भी सपा सांसद ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ एक ड्रामा है।' उनका आरोप था कि सरकार अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावे की लूट और भ्रष्टाचार की चर्चा से लोगों का ध्यान हटाने के लिए ऐसे कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का असली मकसद राज्य के युवाओं को रोजगार देना या बेरोजगारी कम करना नहीं है।

दस्तावेज नवीसों का मुद्दा भी उठाया

अवधेश प्रसाद ने यह भी कहा कि जिले की हर तहसील में दस्तावेज नवीसों का काम पिछले 10 दिनों से बंद है। उनके अनुसार, इन नवीसों पर 4 से 5 लोगों की आजीविका निर्भर थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस काम को भी ठेके पर देने की योजना बना रही है, जो जनविरोधी है।

सपा सरकार को बताया एकमात्र विकल्प

सपा सांसद ने कहा कि इन तमाम समस्याओं से निजात का एकमात्र रास्ता यह है कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बने। उनके अनुसार, तभी कारोबारियों, शिक्षकों, किसानों और युवाओं का वास्तविक भला होगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर चढ़ावा विवाद राज्य की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन चुका है और विपक्ष लगातार योगी सरकार पर दबाव बना रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जांच हो तो स्वीकारोक्ति का संदेश। गौरतलब है कि NEET विवाद और दस्तावेज नवीसों के मुद्दे को एक साथ उठाकर सपा एक व्यापक 'सुशासन विफलता' का आख्यान गढ़ने की कोशिश कर रही है — जो 2027 के विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में अहम है। असली सवाल यह है कि एसआईटी की जांच रिपोर्ट कब और किस रूप में सार्वजनिक होगी।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा घोटाला क्या है?
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं, जिसे विपक्ष ने दिखावा बताया है।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने एसआईटी जांच पर क्या कहा?
अवधेश प्रसाद ने कहा कि एसआईटी का गठन और जांच का कोई मतलब नहीं है क्योंकि 'दूध तो पहले ही पी लिया गया है।' उनके अनुसार यह जांच जनता की आँखों में धूल झोंकने की कोशिश है।
अवधेश प्रसाद ने NEET मॉकड्रिल को लेकर क्या आरोप लगाए?
सपा सांसद ने NEET (UG) की दोबारा परीक्षा के लिए आयोजित मॉकड्रिल को 'सिर्फ एक ड्रामा' बताया। उनका आरोप था कि सरकार राम मंदिर चढ़ावे की लूट की चर्चा से ध्यान हटाने के लिए यह कदम उठा रही है।
दस्तावेज नवीसों का मुद्दा क्यों उठाया गया?
अवधेश प्रसाद ने कहा कि जिले की हर तहसील में दस्तावेज नवीसों का काम पिछले 10 दिनों से बंद है और सरकार इसे ठेके पर देने की योजना बना रही है। इससे उन नवीसों पर निर्भर 4-5 लोगों की आजीविका खतरे में पड़ गई है।
सपा का UP सरकार पर यह हमला किस राजनीतिक संदर्भ में है?
यह बयान 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में आया है। सपा राम मंदिर चढ़ावा विवाद, NEET विवाद और बेरोजगारी को मिलाकर BJP सरकार के खिलाफ एक व्यापक विपक्षी आख्यान तैयार करने की कोशिश कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले