राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सीताराम दास महाराज ने योगी सरकार और एसआईटी की जांच को बताया निष्पक्ष
सारांश
मुख्य बातें
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय में चल रही सुनवाई के बीच सीताराम दास महाराज ने 13 जुलाई को अयोध्या में स्पष्ट किया कि हिंदू समाज और साधु-संतों का पूरा भरोसा योगी सरकार और एसआईटी की जांच प्रक्रिया पर है। उन्होंने कहा कि अब तक की गई कार्रवाई निष्पक्ष, भेदभाव-रहित और त्वरित रही है।
एसआईटी जांच पर भरोसे का इज़हार
सीताराम दास महाराज ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने पारदर्शिता के साथ त्वरित गति से जांच शुरू की है। उन्होंने कहा, 'अभी तक जो भी कार्रवाई हुई है, वह निष्पक्ष, बिना भेदभाव और त्वरित तरीके से हुई है। इसके लिए हम राज्य सरकार को साधुवाद देते हैं। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होगी।' उन्होंने यह भी कहा कि जांच के आधार पर जो भी आरोपी पाए गए, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है और आगे भी होगी।
सर्वोच्च न्यायालय पर विश्वास
महाराज ने कहा, 'मुझे पूरा विश्वास है कि उच्चतम न्यायालय प्रदेश सरकार के कार्यों की सराहना करेगा और त्वरित एवं पारदर्शी कार्रवाई को देखते हुए इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वे न्यायपालिका पर पूरा विश्वास रखते हैं और न्यायालय का जो भी निर्णय आएगा, वह स्वीकार्य होगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब मामले में सीबीआई जांच की माँग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई जारी है।
केजरीवाल के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल द्वारा चढ़ावा चोरी के दोषियों को फांसी देने की माँग पर सीताराम दास महाराज ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'मैं पूछना चाहता हूं कि केजरीवाल जी कोई न्याय के व्यक्ति हैं क्या? क्या वे कोई संवैधानिक संस्था हैं? क्या वे न्यायपालिका का हिस्सा हैं?' उन्होंने केजरीवाल के बयान को दुखद और निंदनीय बताते हुए कहा कि न्यायालय के फैसले का इंतजार करना चाहिए और किसी के कहने मात्र से न सजा मिल सकती है, न रुक सकती है।
महाराज ने यह भी कहा कि जब केजरीवाल पर स्वयं आरोप लगे और उन्हें जेल जाना पड़ा, तब उन्होंने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया — यह उनकी संवैधानिक निष्ठा पर सवाल उठाता है।
नितेश राणे के बयान पर समर्थन
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे द्वारा विपक्ष को औरंगज़ेब का वंशज बताए जाने पर सीताराम दास महाराज ने कहा, 'निश्चित तौर पर मैं नितेश राणे जी के इस वक्तव्य का समर्थन करता हूं और उनकी विचारधारा से सहमत हूं।' उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग पहले राम मंदिर निर्माण का विरोध करते थे, वे आज राम और सनातन के प्रति आस्था दिखाने का प्रयास कर रहे हैं — और समाज उन्हें पहचान चुका है।
आगे की राह
गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला धार्मिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर संवेदनशील बना हुआ है। एसआईटी की जांच जारी है और सर्वोच्च न्यायालय की सुनवाई का परिणाम यह तय करेगा कि जांच का दायरा आगे बढ़ेगा या नहीं। सीताराम दास महाराज का यह बयान संकेत देता है कि धार्मिक जगत का एक वर्ग फिलहाल राज्य सरकार की जांच प्रक्रिया से संतुष्ट है।