अयोध्या चढ़ावा विवाद: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का सपा पर हमला, बोले- 'मौसमी नेता हैं, जनता माफ नहीं करेगी'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 2 सितंबर 2026 को लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखे प्रहार किए। अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर उभरे सियासी विवाद के बीच यह बयान आया है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सपा इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यालय के बाहर एक पोस्टर लगाया गया, जिसमें अयोध्या मंदिर में कथित लूट के आरोपियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ चेतावनी दी गई है। इस पोस्टर ने राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया। यह ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियाँ तेज हो रही हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मीडिया से कहा, 'समाजवादी पार्टी मुसलमानों को खुश करने की नीति अपना रही है और लगातार सनातन समुदाय का अपमान कर रही है। समाजवादी पार्टी को आने वाले दिनों में इसके नतीजे भुगतने होंगे।'
उन्होंने सपा नेताओं को 'मौसमी नेता' करार देते हुए कहा, 'समाजवादी पार्टी पिछले पाँच सालों से कहीं नज़र नहीं आई और अब चुनाव नज़दीक आने पर सामने आई है।' पाठक ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर लोगों का भरोसा जीतेगी और लगातार तीसरी बार भारी बहुमत से सरकार बनाएगी।
कांग्रेस-सपा पर कानून-व्यवस्था का आरोप
ब्रजेश पाठक ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों ही रास्ते से भटक गई हैं। उनके अनुसार, 'चाहे कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी, जब भी वे सत्ता में आए, गुंडागर्दी और 'एक जिला-एक माफिया' का चलन बढ़ा।' उन्होंने भाजपा सरकार की तुलना में बेहतर कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढाँचे के विकास का दावा किया।
गौरतलब है कि पाठक ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा के शासनकाल में हुए कथित दंगों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'उत्तर प्रदेश की जनता समाजवादी पार्टी के कुकर्मों को नहीं भूली है।'
आम जनता पर असर
डिप्टी सीएम ने कहा कि उनकी सरकार की जिम्मेदारी बेहतर सुरक्षा, रोज़गार और बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करना है। उन्होंने दावा किया कि आज राज्य ने सभी क्षेत्रों में तरक्की की है और देश भर में प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर की चर्चा हो रही है।
क्या होगा आगे
अयोध्या चढ़ावा चोरी का मामला आगामी विधानसभा चुनाव तक राजनीतिक रूप से गर्म रहने की संभावना है। सपा इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने की कोशिश में है, जबकि BJP इसे सपा की 'मौसमी राजनीति' बताकर खारिज कर रही है। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच असल जाँच की प्रगति पर नज़र रखना ज़रूरी है।