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ब्रजेश पाठक का अखिलेश पर हमला: 'राम मंदिर पर अफवाहें फैला रहे सपा प्रमुख, 2027 में मिलेगा जवाब'

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ब्रजेश पाठक का अखिलेश पर हमला: 'राम मंदिर पर अफवाहें फैला रहे सपा प्रमुख, 2027 में मिलेगा जवाब'

सारांश

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे पर छिड़े विवाद के बीच यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव पर अफवाहें फैलाने और सनातन संस्कृति के प्रति उदासीनता का आरोप लगाया। उन्होंने 2027 विधानसभा चुनाव में सपा को जनता की नाराजगी झेलने की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 8 जून 2025 को अखिलेश यादव पर राम मंदिर को लेकर अफवाहें फैलाने का आरोप लगाया।
पाठक ने कहा — सपा प्रमुख ने सर्वोच्च न्यायालय के राम मंदिर निर्णय का कभी सम्मान नहीं किया।
भूमि पूजन, मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा — तीनों ऐतिहासिक अवसरों पर अखिलेश यादव के मौन पर निशाना।
उपमुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि 2027 विधानसभा चुनाव में सपा को जनता निराश करेगी।
पाठक ने माता शबरी , भगवान जटायु और महर्षि वाल्मीकि जैसे रामायण पात्रों से अखिलेश की दूरी पर भी सवाल उठाए।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 8 जून 2025 को समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि वे अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर भ्रम और अफवाहें फैलाकर झूठा नैरेटिव गढ़ने का असफल प्रयास कर रहे हैं। पाठक ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की जनता सपा की राजनीति और उसके चरित्र को भलीभांति समझ चुकी है।

मुख्य आरोप और बयान

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अखिलेश यादव ने कभी भी सर्वोच्च न्यायालय के राम मंदिर संबंधी ऐतिहासिक निर्णय का सम्मान नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर मुद्दे पर सपा प्रमुख का रवैया शुरू से नकारात्मक रहा है और उनकी सोच 'बाबरवादी' मानसिकता से प्रेरित दिखाई देती है।

पाठक ने कहा कि सनातन संस्कृति और भगवान श्रीराम से जुड़े हर ऐतिहासिक अवसर पर अखिलेश यादव की चुप्पी उनकी मानसिकता को उजागर करती है।

ऐतिहासिक अवसरों पर मौन का आरोप

उपमुख्यमंत्री ने गिनाया कि जब श्रीराम मंदिर के निर्माण से पूर्व भूमि पूजन हुआ, तब भी अखिलेश यादव ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। अयोध्याधाम में भव्य मंदिर का स्वरूप सामने आने पर भी वे मौन रहे। यहाँ तक कि प्रभु श्रीराम के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा जैसे ऐतिहासिक क्षण पर भी उन्होंने स्वागत का एक शब्द नहीं कहा।

पाठक ने यह भी आरोप लगाया कि सपा प्रमुख माता शबरी, भगवान जटायु और महर्षि वाल्मीकि जैसे रामायण के महत्वपूर्ण पात्रों और आदर्शों की चर्चा से भी परहेज करते रहे हैं।

सनातन संस्कृति और राजनीतिक चेतावनी

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व में सनातन संस्कृति का वाहक राष्ट्र है और रामायण की परंपरा देश की सांस्कृतिक चेतना का आधार है। उन्होंने अखिलेश यादव को सनातन संस्कृति के विरुद्ध बयानबाजी से बचने की सलाह दी।

पाठक ने चेतावनी दी कि इस प्रकार की राजनीति का खामियाजा समाजवादी पार्टी को आने वाले समय में भुगतना पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भी सपा को जनता के बीच निराशा का सामना करना पड़ेगा।

आम जनता पर असर

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर और सनातन संस्कृति जैसे विषयों पर प्रदेश की जनता भावनात्मक और वैचारिक रूप से सजग है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के भ्रम फैलाने के प्रयासों को जनता स्वीकार नहीं करेगी और अखिलेश यादव का 'झूठ का नैरेटिव' कभी सफल नहीं होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन चढ़ावे विवाद के ठोस तथ्य और सपा के मूल आरोपों का सीधा खंडन नदारद है — जो इसे राजनीतिक काउंटर-नैरेटिव की श्रेणी में रखता है। सनातन संस्कृति का मुद्दा उत्तर प्रदेश में चुनावी रूप से संवेदनशील है, और दोनों दल जानते हैं कि अयोध्या पर जो बोलेगा, वह जनता की नज़र में आएगा। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि चढ़ावे विवाद के मूल आरोपों की स्वतंत्र जाँच या आधिकारिक स्पष्टीकरण अभी तक सामने नहीं आया है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर अफवाहें फैलाकर झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सपा प्रमुख ने सर्वोच्च न्यायालय के राम मंदिर निर्णय का कभी सम्मान नहीं किया।
यह विवाद किस मुद्दे को लेकर शुरू हुआ?
यह विवाद अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर छिड़े राजनीतिक विवाद के बीच उभरा। अखिलेश यादव के हालिया बयानों के जवाब में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 8 जून 2025 को यह पलटवार किया।
ब्रजेश पाठक ने 2027 चुनाव को लेकर क्या कहा?
पाठक ने दावा किया कि सनातन संस्कृति के विरुद्ध बयानबाजी का खामियाजा समाजवादी पार्टी को भुगतना पड़ेगा और 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी सपा को जनता के बीच निराशा का सामना करना पड़ेगा।
पाठक ने अखिलेश यादव की किन-किन अवसरों पर चुप्पी का जिक्र किया?
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर के भूमि पूजन, मंदिर निर्माण के स्वरूप के सामने आने और प्रभु श्रीराम के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा — तीनों ऐतिहासिक अवसरों पर अखिलेश यादव ने स्वागत का एक शब्द नहीं कहा।
सपा ने इस मामले में क्या रुख अपनाया है?
स्रोत के अनुसार अखिलेश यादव के हालिया बयानों के जवाब में ब्रजेश पाठक ने यह पलटवार किया है। समाजवादी पार्टी की ओर से इस पर तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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