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राम मंदिर चंदा विवाद पर योगी की चुप्पी से सपा सांसद अवधेश प्रसाद का हमला, 2027 में BJP की हार का दावा

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राम मंदिर चंदा विवाद पर योगी की चुप्पी से सपा सांसद अवधेश प्रसाद का हमला, 2027 में BJP की हार का दावा

सारांश

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने CM योगी पर राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर चुप्पी का आरोप लगाया और SIT जांच की जगह सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र जांच की माँग की। साथ ही दावा किया कि 2027 के UP चुनाव में BJP की ऐतिहासिक हार होगी।

मुख्य बातें

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने 10 जुलाई को CM योगी आदित्यनाथ पर राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर चुप्पी का आरोप लगाया।
प्रसाद ने एसआईटी (SIT) जांच पर अविश्वास जताते हुए सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र जांच और राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने की माँग की।
किसानों को खाद की कमी, पेपर लीक, महंगाई और घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों पर भी सरकार को घेरा।
अखिलेश यादव के 'सनातन ही समाजवाद है' बयान का समर्थन किया; कहा — समाजवादी विचारधारा और आचरण एकसमान हैं।
दावा किया कि BSP प्रमुख मायावती बाहरी दबाव में बोल रही हैं।
2027 UP विधानसभा चुनाव में BJP की ऐतिहासिक हार होगी — यह प्रसाद का दावा।

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने 10 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले पर मुख्यमंत्री जानबूझकर चुप्पी साधे हुए हैं। प्रसाद ने यह भी दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ेगा।

मुख्य घटनाक्रम

अवधेश प्रसाद ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर आए — जहाँ से प्रसाद सात बार विधायक और पाँच बार मंत्री रह चुके हैं — लेकिन उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे, दान, सोना, चाँदी, हीरे-जवाहरात, नकदी और जमीन से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर एक शब्द नहीं कहा। प्रसाद ने कहा, 'करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले पर मुख्यमंत्री की चुप्पी यह दर्शाती है कि वह दबाव में हैं।'

जनसरोकार के मुद्दों पर सरकार की चुप्पी

सपा सांसद ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार किसानों को खाद की कमी, युवाओं के साथ हो रहे पेपर लीक, बढ़ती महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़कों जैसे बुनियादी मुद्दों पर भी मौन है। उन्होंने कहा कि धान की रोपाई के इस महत्वपूर्ण मौसम में किसानों को खाद नहीं मिल रही और घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें आम जनता की कमर तोड़ रही हैं। प्रसाद के अनुसार, BJP के पास अब कोई नया मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए पुराने विवादों को दोबारा उठाया जा रहा है।

एसआईटी जांच पर सवाल, सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी की माँग

राम मंदिर चढ़ावा मामले में गठित एसआईटी (SIT) की जांच पर अवधेश प्रसाद ने अविश्वास जताया। उन्होंने कहा कि एसआईटी के गठन और उसकी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल हैं। उनकी माँग है कि इस मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एक स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच टीम द्वारा की जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी माँग की कि जांच पूरी होने तक राम मंदिर ट्रस्ट को भंग किया जाए और ट्रस्ट के किसी भी सदस्य को जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की स्थिति में न रहने दिया जाए।

अखिलेश यादव और मायावती के बयानों पर प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 'सनातन ही समाजवाद है' वाले बयान का अवधेश प्रसाद ने पूरा समर्थन किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा और उसका व्यवहार एक-दूसरे के अनुरूप हैं, जबकि BJP का आचरण उसके दावों से मेल नहीं खाता। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती के कांग्रेस और सपा पर किए गए हमले पर प्रसाद ने कहा कि मायावती किसी बाहरी दबाव में काम कर रही हैं और उनके बयान उनकी अपनी अंतरात्मा की आवाज नहीं हैं।

2027 चुनाव पर दावा

अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव ऐतिहासिक होगा और जनता BJP को समर्थन नहीं देगी। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आएगा, सरकार की मुश्किलें और बढ़ेंगी। यह ऐसे समय में आया है जब सपा प्रमुख अखिलेश यादव की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और UP में विपक्ष का आधार मज़बूत होता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि श्रद्धालु वर्ग ही इस मुद्दे पर सबसे अधिक संवेदनशील है। दूसरी ओर, SIT जांच की माँग को सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में ले जाने की माँग यह भी दर्शाती है कि विपक्ष राज्य तंत्र पर भरोसा नहीं करता — जो 2027 के चुनावी आख्यान को सीधे 'संस्थागत विश्वसनीयता' के मुद्दे से जोड़ता है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि यह विवाद केवल भ्रष्टाचार का नहीं, बल्कि धार्मिक प्रशासन की जवाबदेही का है — और इस मोर्चे पर BJP की कमज़ोरी उसके मूल वोटर आधार को भी विचलित कर सकती है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चंदा घोटाला क्या है?
राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान — जिसमें सोना, चाँदी, हीरे-जवाहरात, नकदी और जमीन शामिल हैं — में कथित अनियमितताओं का मामला है। इस मामले में एसआईटी जांच चल रही है, लेकिन विपक्ष इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है।
अवधेश प्रसाद ने SIT जांच पर क्या कहा?
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने SIT जांच पर अविश्वास जताया और माँग की कि इस मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एक स्वतंत्र उच्चस्तरीय टीम द्वारा की जाए। उन्होंने यह भी माँग की कि जांच पूरी होने तक राम मंदिर ट्रस्ट को भंग किया जाए।
अवधेश प्रसाद ने 2027 UP चुनाव के बारे में क्या दावा किया?
प्रसाद ने दावा किया कि 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव ऐतिहासिक होगा और BJP को जनता का समर्थन नहीं मिलेगा। उनके अनुसार जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आएगा, सरकार की मुश्किलें बढ़ती जाएंगी।
CM योगी आदित्यनाथ पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि CM योगी राम मंदिर चढ़ावा विवाद, किसानों को खाद की कमी, पेपर लीक और महंगाई जैसे जनसरोकार के मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए हैं। प्रसाद का कहना है कि यह चुप्पी दर्शाती है कि मुख्यमंत्री दबाव में हैं।
मायावती के बयान पर सपा का क्या रुख है?
अवधेश प्रसाद ने कहा कि BSP प्रमुख मायावती स्वतंत्र रूप से नहीं बोल रही हैं और उनके बयान किसी बाहरी दबाव का परिणाम हैं। उन्होंने अफसोस जताया कि मायावती के बयान उनकी अपनी अंतरात्मा की आवाज नहीं हैं।
राष्ट्र प्रेस
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