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राम मंदिर चंदा चोरी: SP सांसद रामजीलाल सुमन का आरोप — योगी आदित्यनाथ जानबूझकर दोषियों को बचा रहे हैं

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राम मंदिर चंदा चोरी: SP सांसद रामजीलाल सुमन का आरोप — योगी आदित्यनाथ जानबूझकर दोषियों को बचा रहे हैं

सारांश

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में SP सांसद रामजीलाल सुमन ने CM योगी आदित्यनाथ पर सीधा आरोप लगाया — एसआईटी की पुष्टि के बावजूद दोषियों को बचाया जा रहा है। यह मामला अब धार्मिक संस्थाओं की वित्तीय पारदर्शिता की बड़ी बहस का केंद्र बन गया है।

मुख्य बातें

SP राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने 20 जून 2025 को आरोप लगाया कि CM योगी आदित्यनाथ राम मंदिर चंदा चोरी मामले में दोषियों को जानबूझकर बचा रहे हैं।
एसआईटी जाँच में अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी की पुष्टि हो चुकी है।
सुमन ने सभी धार्मिक स्थलों पर उचित ऑडिट और पारदर्शिता की माँग की।
CM योगी ने इस विवाद पर किसी को टिप्पणी न करने की बात कही है, जिसे विपक्ष ने अनुचित बताया।
सुमन ने संकेत दिया कि दोषियों पर कार्रवाई न होने पर मुद्दा संसद में उठाया जाएगा।

समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने 20 जून 2025 को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी मामले में दोषियों को जानबूझकर बचाने की कोशिश कर रहे हैं। सुमन ने कहा कि एसआईटी जाँच में चोरी की पुष्टि हो जाने के बाद भी सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जो अत्यंत चिंताजनक है।

मुख्य आरोप और बयान

रामजीलाल सुमन ने कहा, 'सच अब सामने आ गया है। जब जाँच में यह साबित हो गया कि चोरी हुई थी, तो इसे वैसे ही स्वीकार किया जाना चाहिए।' उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। सुमन के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भाषा और रवैया न्यायसंगत नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि एसआईटी ने अपनी जाँच में यह निष्कर्ष निकाला है कि मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी हुई थी। ऐसे में मुख्यमंत्री का दायित्व था कि वे दोषियों को बचाने की बजाय उनके विरुद्ध सख्त कदम उठाते।

पारदर्शिता की माँग

सुमन ने यह भी कहा कि मंदिरों में चढ़ावा बंद करने की बात वे नहीं कर रहे। उनके अनुसार, 'हमारे देश में कई धार्मिक और आस्था रखने वाले लोग हैं, जिनकी अपने धर्म में गहरी आस्था है।' हालाँकि, उन्होंने माँग की कि न केवल अयोध्या के राम मंदिर, बल्कि देशभर के सभी धार्मिक स्थलों पर भक्तों द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे का उचित ऑडिट और जाँच होनी चाहिए, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो और धन के दुरुपयोग पर रोक लगे।

योगी की चुप्पी पर सवाल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस विवाद पर किसी को टिप्पणी न करने की बात कही है। इस पर सुमन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एसआईटी की पुष्टि के बाद मुख्यमंत्री का कर्तव्य था कि वे लोगों को गुमराह करने की बजाय दोषियों पर कार्रवाई करते। आलोचकों का कहना है कि सरकार की निष्क्रियता इस मामले को और संदिग्ध बनाती है।

अखिलेश यादव और मायावती प्रसंग

सपा नेता ने अखिलेश यादव के संभावित अयोध्या दौरे पर कहा कि यह पूरी तरह उनका व्यक्तिगत निर्णय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुद्दा दौरे का नहीं, बल्कि मंदिर के चढ़ावे में हुई गड़बड़ी और उस पर सरकारी कार्रवाई का है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती की इस मामले में चुप्पी पर सुमन ने कहा कि किसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देना या न देना उनका और उनकी पार्टी का अपना फैसला है।

आगे क्या होगा

यह मामला ऐसे समय में उठा है जब उत्तर प्रदेश में धार्मिक संस्थाओं की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हो रही है। विपक्षी दलों की माँग है कि दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो और मामले की निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित की जाए। सुमन ने संकेत दिया कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो विपक्ष इस मुद्दे को संसद में भी उठाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राम मंदिर की राजनीतिक संवेदनशीलता इसे असाधारण बनाती है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है, वह यह है कि एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई — बिना उसके, आरोप और प्रतिआरोप दोनों ही अधूरे हैं। असली जवाबदेही तब आएगी जब सरकार रिपोर्ट को पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक करे।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चंदा चोरी मामला क्या है?
अयोध्या के राम मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए चढ़ावे और दान में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं। इस पर गठित एसआईटी ने अपनी जाँच में निष्कर्ष निकाला कि चोरी हुई थी। मामला अब राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है।
रामजीलाल सुमन ने CM योगी पर क्या आरोप लगाए?
SP राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जानबूझकर इस मामले के दोषियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार, एसआईटी की पुष्टि के बाद भी सरकार ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की।
एसआईटी जाँच में क्या सामने आया?
एसआईटी ने अपनी जाँच में पाया कि राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी हुई थी। हालाँकि, रिपोर्ट को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे मामले में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सुमन ने धार्मिक स्थलों पर क्या माँग रखी?
सुमन ने माँग की कि केवल राम मंदिर ही नहीं, बल्कि देशभर के सभी धार्मिक स्थलों पर भक्तों के दान और चढ़ावे का उचित ऑडिट और जाँच होनी चाहिए। उनका कहना है कि पारदर्शिता सुनिश्चित करना और धन के दुरुपयोग को रोकना आवश्यक है।
CM योगी आदित्यनाथ का इस मामले पर क्या रुख है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस विवाद पर किसी को टिप्पणी न करने की बात कही है। विपक्ष इसे अपर्याप्त मानता है और तत्काल कार्रवाई की माँग कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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