राम मंदिर चढ़ावा चोरी: एसआईटी जांच में साधु-संतों की कोई संलिप्तता नहीं — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4 अगस्त 2026 को लखनऊ में विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच में किसी भी साधु-संत की संलिप्तता सामने नहीं आई है। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर आरोप लगाया कि विपक्ष तथ्यों को तोड़-मरोड़कर सनातन परंपरा और प्रदेश की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहा है।
एसआईटी जांच की स्थिति
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि चढ़ावा चोरी की जानकारी मिलते ही सरकार ने तत्काल एसआईटी का गठन किया। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों में जिन लोगों की भूमिका सामने आई है, उनके विरुद्ध कार्रवाई जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान न्यायालय के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है।
योगी ने स्पष्ट किया कि मंदिर परिसर में 1,100 से अधिक लोग विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं, और केवल कुछ लोगों की भूमिका जांच में सामने आई है। ऐसे में पूरे मंदिर प्रशासन, साधु-संतों और कर्मचारियों को कटघरे में खड़ा करना उन्होंने 'दुर्भाग्यपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना' बताया।
राम मंदिर ट्रस्ट और सरकार की भूमिका
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के उन आरोपों को खारिज किया जिनमें राज्य सरकार को ट्रस्ट के कामकाज के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन राज्य सरकार ने नहीं, बल्कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद हुआ था, और इसमें राज्य सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है। उनके अनुसार, इसके बावजूद विपक्ष लगातार निराधार आरोप लगा रहा है।
विपक्ष पर तीखा हमला
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा और कांग्रेस का रवैया हमेशा से राम मंदिर और सनातन परंपरा के प्रति विरोध का रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन दलों ने राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया, वही आज आस्था की राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में विपक्षी नेताओं को निमंत्रण दिया गया था, लेकिन उन्होंने उसमें भाग लेना उचित नहीं समझा।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में अध्यक्ष की पीठ के प्रति हुए व्यवहार और मार्शलों के साथ कथित धक्का-मुक्की की भी निंदा की, यह कहते हुए कि यह लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है।
उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा और विपक्ष का अवरोध
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी पहचान बना रहा है। निवेश, रोजगार और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हो रही है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह राज्य की सकारात्मक छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए विधानसभा, चुनाव आयोग और न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास करता है।
सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने अंत में स्पष्ट किया कि सरकार कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह प्रकरण ऐसे समय में राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हैं।