राम मंदिर चढ़ावा मामला: भाजपा बोली — योगी सरकार दोषियों को नहीं बख्शेगी, यूसीसी संविधान की प्रतिबद्धता
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने 2 जुलाई को अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा घोटाले और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) — दोनों मुद्दों पर एकजुट होकर अपना पक्ष रखा। नेताओं ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार जांच में किसी के साथ कोई रियायत नहीं बरतेगी, और यूसीसी को संविधान की मूल भावना के अनुरूप बताया।
मुख्य घटनाक्रम: एसआईटी को मिला अतिरिक्त समय
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने बताया कि राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) को जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त 15 दिन का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह विस्तार इसलिए दिया गया है ताकि कोई भी निर्दोष व्यक्ति सजा का शिकार न हो और जांच पूर्ण निष्पक्षता के साथ संपन्न हो सके।
इससे पहले, अब तक करीब आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कई अन्य से पूछताछ जारी है। एसआईटी के गठन के बाद से गिरफ्तारियों का सिलसिला लगातार बना हुआ है।
बिहार भाजपा अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता की प्रतिक्रिया
बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, "एसआईटी लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस मामले की निगरानी कर रहे हैं। जांच पूरी होने तक गिरफ्तारियां जारी रहेंगी।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि दोषियों के खिलाफ ऐसी कड़ी कार्रवाई होगी कि भविष्य में कोई ऐसी गलती करने की हिम्मत न करे। उन्होंने यह भी जोड़ा, "जिन लोगों का राम मंदिर के मुद्दे पर कोई नैतिक अधिकार नहीं है, उन्हें इस विषय पर बोलने का भी अधिकार नहीं है।"
राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा का बयान
भाजपा के राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा ने कहा कि सभी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर भरोसा रखना चाहिए जिसमें उन्होंने आश्वासन दिया था कि सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा, "जांच रिपोर्ट आने तक इंतजार करना चाहिए। कोशिश केवल दोषियों को गिरफ्तार करने की नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने की भी है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।"
यूसीसी पर भाजपा का रुख: संवैधानिक प्रतिबद्धता
समान नागरिक संहिता पर भाजपा नेताओं ने एकमत होकर कहा कि यह पार्टी के चुनावी घोषणापत्र में बार-बार किया गया वादा है। संजय सरावगी ने कहा कि उत्तराखंड समेत कई राज्यों में यूसीसी लागू हो चुका है और पश्चिम बंगाल में भी सरकार बनने पर इसे लागू किया जाएगा।
गुरु प्रकाश ने यूसीसी को "संवैधानिक प्रतिबद्धता" बताया। वहीं, दिनेश शर्मा ने कहा कि असम और पश्चिम बंगाल जैसे सीमावर्ती राज्यों में यूसीसी बेहद महत्वपूर्ण है, खासकर जब पश्चिम बंगाल लंबे समय से घुसपैठ की समस्या से जूझ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सभी नागरिकों के सुशासन के लिए — चाहे वे हिंदू हों या मुस्लिम — आवश्यक कानून बनाएगी।
आगे क्या होगा
एसआईटी को दिए गए अतिरिक्त 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राम मंदिर की प्रतिष्ठा और प्रशासनिक पारदर्शिता पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज है। भाजपा नेताओं के बयान संकेत देते हैं कि पार्टी इस मुद्दे पर किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।