12 जुलाई 2026
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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: मंत्री मनोज पांडे बोले — एसआईटी जांच जारी, सच जल्द आएगा सामने

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: मंत्री मनोज पांडे बोले — एसआईटी जांच जारी, सच जल्द आएगा सामने

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर यूपी कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे ने साफ कहा — उच्चस्तरीय एसआईटी जांच जारी है और सच जल्द सामने आएगा। CM योगी के 10 दिन के वादे से पहले ही सातवें दिन दोषी जेल पहुँचे। अखिलेश यादव के आरोपों पर पांडे ने मथुरा पुलिस हमले की जांच का हवाला देकर पलटवार किया।

मुख्य बातें

मंत्री मनोज पांडे ने 12 जुलाई को प्रतापगढ़ में कहा कि राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच उच्चस्तरीय एसआईटी कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 दिन में सच सामने लाने का वादा किया था; सातवें दिन ही दोषियों को जेल भेजा गया।
पांडे ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए मथुरा की उस घटना का हवाला दिया जिसमें एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर की मौत और एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
मंत्री ने विवाद को 'सनातन धर्म और राष्ट्र को कमज़ोर करने का सुनियोजित षड्यंत्र' बताया।
एसआईटी की जांच अभी जारी है; निष्कर्ष जल्द सार्वजनिक किए जाने की उम्मीद।

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे ने 12 जुलाई को प्रतापगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच एक उच्चस्तरीय एसआईटी कर रही है और जल्द ही पूरा सच जनता के सामने आएगा। उन्होंने कहा कि चूंकि मामला जांच के अधीन है, इसलिए वे फिलहाल कोई विस्तृत टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं।

मुख्यमंत्री योगी का आश्वासन और त्वरित कार्रवाई

मंत्री पांडे ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में कहा था कि 'दूध का दूध और पानी का पानी होगा।' उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 10 दिन का समय माँगा था, लेकिन सातवें दिन ही दोषियों को जेल भेज दिया गया — जो सरकार की कार्रवाई की तत्परता को दर्शाता है।

अखिलेश यादव के आरोपों पर पलटवार

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब देते हुए पांडे ने कहा कि उन्हें पहले अपने मुख्यमंत्री काल में हुई जांचों का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने मथुरा की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी ज़मीन खाली कराने गई पुलिस पर हमला हुआ था, जिसमें एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर को घसीटकर मार डाला गया और एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। पांडे ने कहा कि उस मामले की जांच के नतीजे अखिलेश यादव को जनता और मीडिया के सामने रखने चाहिए।

राम मंदिर पर आस्था और राजनीतिक विवाद

मंत्री ने कहा कि वे राम मंदिर को उसी दृष्टि से देखते हैं जैसे भारत के 100 करोड़ सनातनी अनुयायी देखते हैं — यह भगवान श्री राम का भव्य और पूजनीय स्थल है। उन्होंने इसे दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर बताया।

विपक्ष पर तीखा प्रहार

अखिलेश यादव के 'वसूली' संबंधी बयान पर पांडे ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता किस वसूली की बात हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ नेताओं ने राम मंदिर स्थल पर निहत्थे राम भक्तों पर गोलियाँ चलवाईं, राम मंदिर निर्माण में एक पैसा नहीं दिया, और अपने वकीलों के ज़रिए उच्च न्यायालय तथा सर्वोच्च न्यायालय में राम मंदिर के अस्तित्व को नकारते रहे। पांडे ने इसे 'सनातन धर्म और राष्ट्र को कमज़ोर करने का सुनियोजित षड्यंत्र' करार दिया और कहा कि इसका पर्दाफाश हो चुका है।

आगे क्या होगा

एसआईटी की जांच जारी है और सरकार के अनुसार निष्कर्ष जल्द सार्वजनिक किए जाएंगे। यह विवाद अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बीच राजनीतिक रूप से तीखा मोड़ ले चुका है, और आने वाले दिनों में विपक्ष व सत्ता पक्ष के बीच इस मुद्दे पर और टकराव की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एसआईटी की जांच के नतीजे सार्वजनिक न होने तक यह दावा सत्यापन से परे है। विपक्ष पर मथुरा हमले का पलटवार राजनीतिक रूप से चतुर है, पर यह मूल प्रश्न — चढ़ावे के प्रबंधन में वास्तव में क्या गड़बड़ी हुई — को टालता है। जब तक एसआईटी की रिपोर्ट पारदर्शी तरीके से सामने नहीं आती, यह विवाद राम मंदिर की संस्थागत विश्वसनीयता पर सवाल उठाता रहेगा।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
राम मंदिर चढ़ावा विवाद अयोध्या स्थित राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर उठे सवालों से जुड़ा है। मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्चस्तरीय एसआईटी गठित की है।
एसआईटी जांच में अब तक क्या हुआ?
मंत्री मनोज पांडे के अनुसार एसआईटी जांच जारी है और जल्द ही निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 10 दिन के भीतर सातवें दिन ही दोषियों को जेल भेजा जा चुका है।
अखिलेश यादव ने राम मंदिर विवाद पर क्या आरोप लगाए?
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 'वसूली' से जुड़े आरोप लगाए हैं, हालांकि मंत्री मनोज पांडे ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया और उनसे मथुरा पुलिस हमले की जांच के नतीजे सार्वजनिक करने को कहा।
मथुरा पुलिस हमले का इस विवाद से क्या संबंध है?
मंत्री पांडे ने अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब देते हुए मथुरा की उस घटना का उल्लेख किया जिसमें सरकारी ज़मीन खाली कराने गई पुलिस पर हमला हुआ था, एक सब-इंस्पेक्टर की मौत हुई और एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। उनका तर्क था कि विपक्ष को पहले अपने कार्यकाल की जांचों का हिसाब देना चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में आगे क्या होगा?
एसआईटी की जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की उम्मीद है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि पूरा सच सामने आएगा, लेकिन जांच की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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