30 जून 2026
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राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर मंत्री मनोज पांडेय का तीखा हमला: 'नाट्य मंच जैसा नज़ारा'

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर मंत्री मनोज पांडेय का तीखा हमला: 'नाट्य मंच जैसा नज़ारा'

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर विपक्ष की आस्था-राजनीति को UP मंत्री मनोज पांडेय ने 'नाट्य मंच' करार दिया। जो लोग कभी राम मंदिर के विरुद्ध अदालत में खड़े थे, वे आज राम दर्शन की बात कर रहे हैं — पांडेय ने इसे सियासी पाखंड बताते हुए मथुरा मंदिर पर भी चुनौती दे डाली।

मुख्य बातें

UP मंत्री मनोज पांडेय ने 30 जून 2026 को लखनऊ में राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बयान दिया।
चढ़ावा चोरी मामले में 8 आरोपी गिरफ़्तार, फ़िलहाल न्यायिक हिरासत में।
मंत्री ने कहा कि राम मंदिर का विरोध करने वाले लोगों का अचानक भगवान राम के प्रति झुकाव 'हास्यास्पद' है।
CM योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कठोरतम कार्रवाई जारी होने का दावा।
पांडेय ने विपक्ष को चुनौती दी — मथुरा में श्री कृष्ण मंदिर के समर्थन में खुलकर बोलें।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री मनोज पांडेय ने 30 जून 2026 को लखनऊ में राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले को लेकर उठ रही राजनीतिक बयानबाज़ी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो लोग वर्षों तक भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते रहे, वे आज राम दर्शन की बात कर रहे हैं — यह स्थिति उन्हें हास्यास्पद लगती है।

मुख्य बयान: 'नाट्य मंच से निकलकर सड़क पर आ गए लोग'

मंत्री पांडेय ने कहा, 'विगत एक महीने से जो हो रहा है, उसे हम पहले नाट्य मंचों से देखा करते थे, लेकिन प्रभु राम की कृपा है कि नाट्य मंचों पर काम करने वाले लोगों को सदबुद्धि आ चुकी है।' उन्होंने विशेष रूप से उन लोगों का उल्लेख किया जिन्होंने सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय में राम मंदिर निर्माण के विरुद्ध पैरवी की थी और बाबरी मस्जिद के लिए धन एकत्रित किया था।

पांडेय ने कहा कि ऐसे लोगों का अचानक भगवान राम के प्रति झुकाव दिखाना 'कहीं पर निगाहें, कहीं पर निशाने' जैसी स्थिति है — अर्थात इसके पीछे की राजनीतिक मंशा स्पष्ट है।

चढ़ावा चोरी मामले में सरकार की कार्रवाई

मंत्री ने बताया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में आठ आरोपियों को पहले ही गिरफ़्तार किया जा चुका है और वे फ़िलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कठोरतम कार्रवाई जारी है और दोषियों को ऐसी सज़ा दिलाई जाएगी जो 'सात पुस्तें भी याद रखेंगी।'

गौरतलब है कि यह मामला तब सामने आया जब अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट के चढ़ावे में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं। पांडेय के अनुसार, इस व्यवस्था को खराब करने वाले तत्वों की पहचान कर ली गई है।

मथुरा और काशी पर चुनौती

मंत्री पांडेय ने विपक्षी नेताओं को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनकी भगवान राम के प्रति आस्था सच्ची है, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से यह घोषित करना चाहिए कि मथुरा में भगवान श्री कृष्ण का मंदिर भी बनना चाहिए। उन्होंने कहा, 'साहस हो, हिम्मत हो, तो आकर खड़े होकर कहें कि मथुरा में मंदिर बने — अगर ये ऐसा कहेंगे, तो ये लोग बेनकाब हो जाएंगे।' पांडेय ने मथुरा और काशी को सनातन धर्म की धरोहर बताया।

विकास और सुरक्षा पर सरकार का दावा

मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अब वैश्विक स्तर पर तीसरे पायदान पर पहुँच चुकी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था इतनी सुदृढ़ हो गई है कि बेटियाँ रात को भी बेखौफ होकर निकल सकती हैं।

पांडेय ने आरोप लगाया कि जिन लोगों को माफिया राज की आदत थी, वे आज विकास से परेशान हैं और 'अनर्गल मुद्दे उछालकर' जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सवालों का जवाब अंततः देश की जनता देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ ध्यान विपक्ष की 'नीयत' पर केंद्रित किया जा रहा है। मथुरा मंदिर की माँग को इस बयान में जोड़ना यह संकेत देता है कि भाजपा इस मुद्दे को चुनावी एजेंडे से जोड़ने में रुचि रखती है। इस बीच यह सवाल अनुत्तरित है कि राम मंदिर ट्रस्ट की आंतरिक निगरानी प्रणाली में क्या कमियाँ थीं जिनके चलते चढ़ावा चोरी संभव हो सकी।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला क्या है?
अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में अनियमितताओं की शिकायत सामने आने के बाद यह मामला प्रकाश में आया। UP सरकार ने कार्रवाई करते हुए अब तक 8 लोगों को गिरफ़्तार किया है, जो फ़िलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
मंत्री मनोज पांडेय ने 'नाट्य मंच' वाली बात क्यों कही?
पांडेय ने यह टिप्पणी उन नेताओं पर की जो पहले राम मंदिर निर्माण के विरुद्ध थे और अब चढ़ावा विवाद के बहाने राम दर्शन की बात कर रहे हैं। उनके अनुसार यह राजनीतिक पाखंड है जो पहले केवल नाटकों में दिखता था।
UP सरकार इस मामले में क्या कार्रवाई कर रही है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कठोर कार्रवाई जारी है। अब तक 8 आरोपियों को गिरफ़्तार किया जा चुका है। मंत्री पांडेय ने कहा कि दोषियों को ऐसी सज़ा दिलाई जाएगी जो 'सात पुस्तें भी याद रखेंगी।'
मंत्री पांडेय ने मथुरा का ज़िक्र क्यों किया?
पांडेय ने विपक्षी नेताओं को चुनौती दी कि यदि उनकी आस्था सच्ची है तो वे सार्वजनिक रूप से मथुरा में श्री कृष्ण मंदिर निर्माण का समर्थन करें। उनका कहना था कि ऐसा न कर पाना उनकी असली मंशा उजागर कर देगा।
यह विवाद किन राजनीतिक दलों के बीच है?
बयान में मंत्री पांडेय ने किसी दल का नाम सीधे नहीं लिया, लेकिन उनके संदर्भ स्पष्ट रूप से उन दलों और नेताओं की ओर इशारा करते हैं जो ऐतिहासिक रूप से राम मंदिर निर्माण के विरोध में रहे हैं। यह विवाद राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक तनाव को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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