राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: सपा का भाजपा पर हमला, पप्पू यादव का विरोध प्रतीकात्मक था
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद आनंद भदौरिया ने शुक्रवार, 31 जुलाई को राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को कड़े शब्दों में घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP ने भगवान राम के नाम पर जनता की आस्था का दोहन कर उन्हें लूटने का काम किया है। भदौरिया के अनुसार, पप्पू यादव का भगवा वस्त्र धारण कर दान पेटी लेकर भागने का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतीकात्मक था, जो BJP की कथित लूट को उजागर करने की कोशिश थी।
पप्पू यादव के विरोध का संदर्भ
सपा सांसद आनंद भदौरिया ने स्पष्ट किया कि पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र इसलिए पहने थे, क्योंकि उनका इशारा उन लोगों की ओर था जो भगवा धारण करके जनता को ठगते हैं। उन्होंने रावण का उदाहरण देते हुए कहा कि रावण ने भी साधु का वेश धारण कर माँ सीता का अपहरण किया था — यह प्रतीकात्मक समानता थी। भदौरिया ने यह भी बताया कि जब पप्पू यादव दान पेटी लेकर प्रतीकात्मक रूप से भाग रहे थे, तब सपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोका — यह प्रदर्शन का ही हिस्सा था।
BJP पर आस्था से खिलवाड़ का आरोप
सपा सांसद राजीव राय ने इस मुद्दे पर और तीखा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि BJP को भगवान राम का नाम लेने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि इन्होंने हमेशा राम के नाम का उपयोग सत्ता हासिल करने के लिए किया। राय ने आरोप लगाया कि उनके शासनकाल में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना भगवान राम का सबसे बड़ा अपमान है। उन्होंने कहा कि अब आम जनता में इस कार्यशैली को लेकर गहरा आक्रोश है।
जन्म-मृत्यु विधेयक पर संसद में विवाद
सपा सांसद आनंद भदौरिया ने केंद्र सरकार द्वारा लगातार नए विधेयक पारित किए जाने पर भी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण से संबंधित विधेयक बिना पर्याप्त चर्चा के पारित करवाया गया, जो संसद की गरिमा के विरुद्ध है। सपा ने इस विधेयक पर विस्तृत बहस की माँग की थी, लेकिन उसे अनसुना कर दिया गया।
सपा सांसद लाल जी वर्मा ने इस विधेयक के प्रावधानों पर विस्तार से चिंता जताई। उनके अनुसार, पहले एडीओ पंचायत को जो अधिकार प्राप्त थे, वे अब एसडीएम को सौंप दिए गए हैं। यदि दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी किसी का जन्म या मृत्यु पंजीकरण नहीं हुआ, तो उसे एसडीएम के बजाय अब न्यायालय का दरवाजा खटखटाना होगा — जिससे आम नागरिकों को जन्म प्रमाणपत्र बनवाने में वर्षों लग सकते हैं।
लोकतंत्र की हत्या का आरोप
सपा सांसद लाल जी वर्मा ने कहा कि उन्होंने इस विधेयक पर संशोधन प्रस्तुत करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें खड़े होने तक नहीं दिया गया। उनके अनुसार, यह BJP द्वारा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दरकिनार करने की कोशिश है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। सपा ने स्पष्ट किया कि जब उनकी सरकार बनेगी, तो चढ़ावा चोरी के मामले में शामिल आरोपियों को कड़ी सजा दी जाएगी।