संसद में भगवा वेश विवाद: संतों ने पप्पू यादव पर लगाया सनातन अपमान का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पूर्णिया (बिहार) के सांसद पप्पू यादव द्वारा 31 जुलाई को संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर विरोध प्रदर्शन के दौरान भगवा वेश धारण करने पर देशभर के संतों और धार्मिक नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संतों का कहना है कि यह कृत्य सनातन संस्कृति और भगवा परंपरा का सुनियोजित अपमान है।
संतों की प्रतिक्रिया
संत सत्येंद्र दास वेदांती ने कहा, 'विपक्ष के नेताओं, समाजवादी पार्टी के नेताओं और बिहार के पप्पू यादव जैसे लोगों ने समाज और सनातन संस्कृति को बदनाम करने का काम किया है। वे दूसरों पर आरोप लगा रहे थे, लेकिन आज उन्हें अपना आचरण देखना चाहिए।' उन्होंने केंद्र सरकार से ऐसे लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की माँग की और चेतावनी दी कि निष्क्रियता से ऐसे तत्वों का हौसला बढ़ेगा।
संसद परिसर के अपमान का आरोप
चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने कहा, 'यह बहुत शर्म की बात है कि संसद परिसर में ऐसा हुआ। यह कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा कि एक सांसद, जिसके नाम के आगे 'माननीय' टाइटल इस्तेमाल होता है, इस तरह से संसद का अपमान करने की कोशिश करें। पप्पू यादव ने आज जो किया वह बहुत शर्मनाक है। उन्होंने सनातन, सनातनियों और भगवा कपड़ों का मजाक उड़ाने की कोशिश की है।'
अखिल भारतीय संत समिति की माँग
अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि संसद परिसर का दुरुपयोग कांग्रेस, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और पप्पू यादव द्वारा किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी और सर्वोच्च न्यायालय मिलकर उचित कार्रवाई करेंगे, परंतु इस मामले को सनातन धर्म को बदनाम करने के हथियार के रूप में इस्तेमाल करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष से पप्पू यादव की संसद सदस्यता बर्खास्त करने की अपील की।
हनुमानगढ़ी महंत और अन्य संतों की टिप्पणी
अयोध्या में हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने सवाल उठाया कि क्या लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुने हुए सांसदों को इस प्रकार का आचरण शोभा देता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान समाजवादी पार्टी के नेता भगवा वस्त्र पहनकर संतों का कॉलर पकड़ रहे थे। महामंडलेश्वर विष्णु दास महाराज ने कहा कि समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद सहित अन्य नेता भगवा पोशाक का अपमान कर रहे थे।
आगे क्या होगा
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला पहले से ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील है। संतों की माँग और संसद परिसर में हुई इस घटना पर लोकसभा अध्यक्ष की प्रतिक्रिया अभी प्रतीक्षित है। अखिल भारतीय संत समिति ने संकेत दिया है कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वह व्यापक आंदोलन का रास्ता अपना सकती है।