1 अगस्त 2026
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पप्पू यादव के साधु-वेश प्रदर्शन पर BJP नेता सुनील बराल का हमला, बोले — सनातन धर्म का अपमान

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पप्पू यादव के साधु-वेश प्रदर्शन पर BJP नेता सुनील बराल का हमला, बोले — सनातन धर्म का अपमान

सारांश

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के संसद परिसर में साधु-वेश प्रदर्शन पर BJP नेता सुनील बराल ने कड़ा एतराज़ जताया है। उन्होंने इसे सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति का अपमान करार देते हुए कानूनी कार्रवाई की माँग की। भदोही जिले का नाम बदलने और PM मोदी के जेन-जी संदेश पर भी बराल ने अपनी राय रखी।

मुख्य बातें

BJP नेता सुनील बराल ने 1 अगस्त को पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के संसद में साधु-वेश प्रदर्शन की कड़ी निंदा की।
बराल ने इस कृत्य को सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति का अपमान बताते हुए कानूनी कार्रवाई की माँग की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जेन-जी वीडियो संदेश की सराहना करते हुए बराल ने कहा कि PM ने युवाओं की अभद्र भाषा के बावजूद सबको माफ किया।
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले का नाम संत रविदास नगर रखे जाने पर BJP ने प्राचीन परंपराओं के पुनरुद्धार का दावा किया।
बराल ने BJP सरकार में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का दावा करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता सुनील बराल ने 1 अगस्त को नई दिल्ली में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव द्वारा संसद परिसर में भगवा वस्त्र धारण कर साधु के वेश में किए गए प्रदर्शन की कड़ी निंदा की। बराल ने कहा कि यह कृत्य न केवल हिंदुओं, बल्कि समूची भारतीय संस्कृति और सभ्यता का अपमान है।

मुख्य घटनाक्रम

राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर संसद में चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र पहनकर साधु का रूप धारण किया। इस पर BJP नेता सुनील बराल ने कहा, 'यह सनातन धर्म और साधु-संतों का मखौल उड़ाना है। पप्पू यादव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।'

PM मोदी के जेन-जी संदेश पर BJP का पक्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा युवा पीढ़ी (जेन जी) को संबोधित करते हुए जारी किए गए वीडियो संदेश पर सुनील बराल ने कहा, 'प्रधानमंत्री का बहुत बड़ा दिल है। 140 करोड़ देशवासियों के अभिभावक के रूप में वे काम कर रहे हैं। बच्चों ने आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री की माँ के प्रति जो अभद्र भाषा इस्तेमाल की, वह निंदनीय है — फिर भी प्रधानमंत्री ने सबको माफ कर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।'

भदोही जिले का नाम बदलने पर राजनीतिक प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदास नगर रखे जाने पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताए जाने पर सुनील बराल ने कहा, 'BJP भारतीय संस्कृति और संविधान में विश्वास रखते हुए प्राचीन परंपराओं को पुनर्जीवित करने का काम कर रही है। नाम से प्रसिद्धि और प्रेरणा मिलती है।'

समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव की इस टिप्पणी कि 'जिले का नाम बदलने से कुछ नहीं होगा, BJP संत रविदास के विचारों को अपनाए' — पर बराल ने पलटवार करते हुए कहा कि नामों का महत्व समझना ज़रूरी है।

BJP सरकार की उपलब्धियों पर दावे

सुनील बराल ने यह भी दावा किया कि BJP सरकार ने भ्रष्टाचार और गुंडाराज का सफाया किया है। उनके अनुसार, पूर्ववर्ती सरकारों में रिश्वत देकर सरकारी नौकरियाँ मिलती थीं, जबकि वर्तमान सरकार में नियुक्तियाँ पारदर्शी तरीके से हो रही हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठाता रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पप्पू यादव ने संसद में साधु का वेश क्यों धारण किया?
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान भगवा वस्त्र पहनकर साधु का रूप धारण किया। यह प्रदर्शन इस विवाद पर विपक्ष की आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया गया था।
BJP नेता सुनील बराल ने पप्पू यादव पर क्या आरोप लगाए?
BJP नेता सुनील बराल ने कहा कि पप्पू यादव ने सनातन धर्म, साधु-संतों और भारतीय संस्कृति का मखौल उड़ाया है। उन्होंने पप्पू यादव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की माँग की।
भदोही जिले का नाम बदलकर क्या रखा गया है?
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदास नगर रखा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले पर BSP प्रमुख मायावती ने आभार जताया, जबकि SP प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि नाम बदलने से कुछ नहीं होगा।
PM मोदी के जेन-जी वीडियो संदेश पर BJP का क्या कहना है?
BJP नेता सुनील बराल ने PM मोदी के जेन-जी वीडियो संदेश की सराहना करते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान युवाओं द्वारा प्रधानमंत्री की माँ के प्रति अभद्र भाषा के बावजूद PM ने सबको माफ कर दिया और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
इस विवाद का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह विवाद संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष और सत्तारूढ़ BJP के बीच बढ़ते टकराव को दर्शाता है। धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल पर आरोप-प्रत्यारोप से यह स्पष्ट है कि राम मंदिर चंदा चोरी का मुद्दा संसदीय बहस से आगे बढ़कर सांस्कृतिक पहचान की राजनीति का हिस्सा बन गया है।
राष्ट्र प्रेस
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