जीतू पटवारी का BJP पर हमला: महंगाई ने गरीब, किसान और मध्यम वर्ग की तोड़ी कमर
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 15 सितंबर 2026 को भोपाल में बढ़ती महंगाई को लेकर राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उनका आरोप है कि रिटेल महंगाई दर 4.82 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है और इसने मध्य प्रदेश सहित पूरे देश के गरीब, मध्यम वर्ग और किसानों को बुरी तरह प्रभावित किया है। पटवारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विकास के दावे इस महंगाई ने बेनकाब कर दिए हैं।
महंगाई के आँकड़े: क्या कहते हैं पटवारी
पटवारी ने दावा किया कि देश की रिटेल महंगाई दर बढ़कर 4.82 प्रतिशत पर पहुँच गई है, जो बीते नवंबर की तुलना में सात गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि शहरों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में महंगाई का बोझ ज़्यादा है — ग्रामीण रिटेल महंगाई 5.23 प्रतिशत दर्ज की गई है। थोक महंगाई दर भी बढ़कर 9.92 प्रतिशत हो गई है, और खाद्य पदार्थों की महंगाई 47 महीनों के सर्वोच्च स्तर पर पहुँच गई है।
रसोई का बजट चरमराया: सब्ज़ियों-मसालों के दाम आसमान पर
पटवारी ने कहा कि आम परिवारों की रसोई का बजट पूरी तरह बिखर गया है। उनके अनुसार, पिछले एक वर्ष में प्याज की कीमतें 48.27 प्रतिशत, लहसुन 43.60 प्रतिशत, अदरक 73.82 प्रतिशत और चीनी 29.05 प्रतिशत तक महंगी हो चुकी है। उनका कहना है कि गाँव से शहर तक, हर नागरिक इस मूल्य वृद्धि की मार झेल रहा है।
BJP पर सीधा आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने BJP पर 'कुशासन' का आरोप लगाते हुए कहा कि निर्दोष नागरिक इस सरकार के राज में 'पिस' रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'डबल-इंजन सरकार' जनता की रसोई की बजाय अपने दफ्तर बनाने और 'वसूली' में व्यस्त है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में BJP की सरकार है और केंद्र में भी उसी की सत्ता है।
विशेषज्ञ और विपक्षी नज़रिया
गौरतलब है कि यह आरोप ऐसे समय में आए हैं जब देशभर में खाद्य मूल्य वृद्धि एक बड़ी राजनीतिक बहस बन चुकी है। आलोचकों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में महंगाई का असर विशेष रूप से किसानों और मज़दूरों पर पड़ रहा है, जिनकी आय इस दर से नहीं बढ़ी। BJP की ओर से अभी तक पटवारी के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या
कांग्रेस के इस हमले के बाद राजनीतिक सरगर्मी और तेज़ होने के आसार हैं। पटवारी ने सरकार से माँग की है कि महंगाई पर तत्काल नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ और जनता को राहत दी जाए। यह देखना होगा कि मध्य प्रदेश की BJP सरकार और केंद्र इन आरोपों का किस तरह जवाब देते हैं।