पेट्रोल-डीजल पर ₹3.90 की मार: जीतू पटवारी बोले, BJP के महंगाई कंट्रोल के दावे खोखले
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार, 19 मई को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई ताज़ा बढ़ोतरी पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केवल चार दिनों में पेट्रोल-डीजल ₹3.90 प्रति लीटर महंगा हो चुका है, जो सरकार के महंगाई नियंत्रण के दावों की पोल खोलता है। यह दूसरी बार है जब हाल के दिनों में ईंधन की कीमतों में इज़ाफा किया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
सरकार ने दो चरणों में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए हैं। पहले चरण में ₹3 प्रति लीटर की वृद्धि हुई थी, और अब दूसरे चरण में लगभग 90 पैसे प्रति लीटर का और इज़ाफा किया गया है। इस तरह कुल मिलाकर चार दिनों में ₹3.90 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए जीतू पटवारी ने लिखा कि 'एक बार फिर डीजल-पेट्रोल महंगा हुआ है। सिर्फ चार दिनों में पेट्रोल-डीजल पर ₹3.90 प्रति लीटर की मार और भाजपा सरकार अब भी महंगाई कंट्रोल के झूठे दावे कर रही है। हर बढ़ती कीमत के साथ हर घर की थाली महंगी, किसान की खेती महंगी, गरीब की रसोई महंगी, और मध्यम वर्ग की जिंदगी मुश्किल।' उन्होंने आगे सवाल उठाया कि 'अच्छे दिनों' के नाम पर महंगाई की यह लूट कब तक चलेगी।
मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी एक्स पर पोस्ट कर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा, 'एक और नया दिन, एक और नई मार, नित नए अत्याचार, यही है बीजेपी सरकार।'
महंगाई की वजह
विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों पर पड़ रहा है। दुनिया भर में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें तेज़ी से बढ़ रही हैं और भारत भी इससे अप्रभावित नहीं रह सका है। गैस आपूर्ति पर भी इसका असर देखा जा रहा है।
आम जनता पर असर
ईंधन की बढ़ती कीमतों का सीधा असर परिवहन लागत, कृषि लागत और घरेलू बजट पर पड़ता है। यह ऐसे समय में आया है जब खाद्य महंगाई पहले से ही आम परिवारों पर दबाव बना रही है। किसानों के लिए सिंचाई और खेती की लागत बढ़ेगी, जबकि मध्यम वर्ग को अपने रोज़मर्रा के खर्च में कटौती करनी पड़ सकती है।
क्या होगा आगे
कांग्रेस ने BJP सरकार से महंगाई नियंत्रण पर ठोस कदम उठाने की माँग की है। आलोचकों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ा तो आने वाले हफ्तों में ईंधन की कीमतों में और वृद्धि से इनकार नहीं किया जा सकता।