सचिन तेंदुलकर का युवाओं को संदेश: त्याग और अनुशासन से मिलती है सफलता, शॉर्टकट से नहीं

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सचिन तेंदुलकर का युवाओं को संदेश: त्याग और अनुशासन से मिलती है सफलता, शॉर्टकट से नहीं

सारांश

सचिन तेंदुलकर ने अहमदाबाद में अपनी नई क्रिकेट अकादमी के लॉन्च पर युवाओं को दो टूक कहा — प्रतिभा काफी नहीं, त्याग और तैयारी ही असली रास्ता है। शॉर्टकट लेने वाले मैदान पर खुद ब खुद बेनकाब हो जाते हैं।

मुख्य बातें

सचिन तेंदुलकर ने 19 मई 2025 को अहमदाबाद में SRT10 अल्टेवोल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ किया।
तेंदुलकर ने कहा — भारत की जर्सी पहनने के लिए त्याग अनिवार्य है, शॉर्टकट का रास्ता मैदान पर उजागर हो जाता है।
माता-पिता को सलाह: बच्चों को आज़ादी और हौसला दें, दबाव नहीं — यही सफलता की नींव है।
तेंदुलकर ने कहा — प्रतिभा ईश्वर की देन है, लेकिन मेहनत खिलाड़ी के अपने हाथ में होती है।
अकादमी का लक्ष्य उम्दा खिलाड़ी के साथ-साथ अच्छे इंसान तैयार करना है।
कार्यक्रम में ICC चेयरमैन जय शाह और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी उपस्थित रहे।

क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर ने 19 मई 2025 को अहमदाबाद में स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत की जर्सी पहनने का सपना देखने वाले युवा खिलाड़ियों को त्याग और कठोर परिश्रम का रास्ता अपनाना होगा — शॉर्टकट का रास्ता क्रिकेट के मैदान पर खुलकर बेनकाब हो जाता है। यह बात उन्होंने SRT10 अल्टेवोल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लॉन्च इवेंट में कही, जहाँ ICC चेयरमैन जय शाह और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी उपस्थित रहे।

माता-पिता को संदेश: आज़ादी और हौसला दें

तेंदुलकर ने माता-पिता को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को सफल देखना है तो उन पर दबाव डालने की बजाय उन्हें स्वतंत्रता देनी होगी। उन्होंने अपना निजी अनुभव साझा करते हुए कहा, 'आज़ादी और हौसला एक बेहतरीन मेल है, क्योंकि इसी से नतीजे मिलते हैं।'

तेंदुलकर ने बताया कि उनके शुरुआती क्लब और प्रैक्टिस मैचों में वह पहले दो मैचों में शून्य पर आउट हुए, फिर भी उनके परिवार ने कभी सवाल नहीं उठाए। तीसरे मैच में एक रन बनाने पर वह भीतर से खुश थे — यही मानसिकता आगे चलकर उनकी ताकत बनी। उन्होंने कहा, 'मेरे माता-पिता ने मुझ पर कभी दबाव नहीं डाला।'

युवा खिलाड़ियों को सलाह: तैयारी ही असली हथियार

तेंदुलकर ने युवाओं से कहा कि सफलता की कोई गारंटी नहीं होती, लेकिन तैयारी, अनुशासन और फोकस पूरी तरह खिलाड़ी के अपने हाथ में होते हैं। उनके शब्दों में, 'यह जरूरी नहीं कि आप हर बार खेलने जाओगे तो सफल रहोगे, लेकिन आप हर बार तैयारी करके जा सकते हैं।'

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रतिभा ईश्वर की देन है, लेकिन उस प्रतिभा के साथ की जाने वाली मेहनत ही करियर को परिभाषित करती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई काबिल क्रिकेटर देखे हैं जो अपने करियर में अपेक्षित ऊँचाई नहीं छू सके।

शॉर्टकट की चेतावनी: मैदान पर सब उजागर हो जाता है

तेंदुलकर ने युवाओं को स्पष्ट चेतावनी दी कि भारत के लिए खेलने की राह में कोई शॉर्टकट नहीं है। उन्होंने कहा, 'अगर आप शॉर्टकट लेते हैं, तो सारी दुनिया के सामने आपकी पोल खुल जाएगी, क्योंकि क्रिकेट मैदान पर सभी के सामने खेला जाता है।' उन्होंने जोड़ा कि अच्छा खिलाड़ी बनने के लिए कई चीजों का त्याग करना अनिवार्य है।

अकादमी का उद्देश्य: खिलाड़ी और इंसान दोनों

SRT10 अल्टेवोल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लॉन्च पर तेंदुलकर ने बताया कि इस अकादमी का लक्ष्य केवल उम्दा क्रिकेटर तैयार करना नहीं, बल्कि अच्छे इंसान भी गढ़ना है। ICC चेयरमैन जय शाह और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की मौजूदगी ने इस पहल को संस्थागत समर्थन का संकेत दिया।

यह अकादमी ऐसे समय में शुरू हो रही है जब भारतीय क्रिकेट में युवा प्रतिभाओं की खोज और उनके विकास को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चर्चा हो रही है। तेंदुलकर की यह पहल उस दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या निजी अकादमियाँ उन युवाओं तक पहुँच पाती हैं जिनके पास संसाधन नहीं हैं। भारतीय क्रिकेट की गहराई अक्सर उन प्रतिभाओं से बनती है जो छोटे शहरों और गाँवों से आती हैं, जहाँ इस तरह के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की पहुँच अभी सीमित है। त्याग और अनुशासन का दर्शन सही है, लेकिन ढाँचागत समर्थन के बिना यह दर्शन केवल उन्हीं तक काम करता है जो पहले से सुविधासंपन्न हैं।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SRT10 अल्टेवोल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस क्या है?
यह सचिन तेंदुलकर द्वारा अहमदाबाद में शुरू की गई क्रिकेट अकादमी है, जिसका उद्देश्य युवाओं को उम्दा खिलाड़ी और अच्छे इंसान के रूप में तैयार करना है। इसका शुभारंभ 19 मई 2025 को ICC चेयरमैन जय शाह और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की उपस्थिति में हुआ।
सचिन तेंदुलकर ने युवा खिलाड़ियों को क्या सलाह दी?
तेंदुलकर ने कहा कि सफलता की कोई गारंटी नहीं होती, लेकिन तैयारी, अनुशासन और फोकस पूरी तरह खिलाड़ी के हाथ में होते हैं। उन्होंने जोर दिया कि भारत के लिए खेलना है तो त्याग करना होगा और शॉर्टकट से बचना होगा।
सचिन तेंदुलकर ने माता-पिता को क्या संदेश दिया?
तेंदुलकर ने माता-पिता से कहा कि बच्चों पर दबाव डालने की बजाय उन्हें आज़ादी और हौसला दें। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए बताया कि उनके परिवार ने शुरुआती असफलताओं पर कभी सवाल नहीं उठाए, जिससे उनका आत्मविश्वास बना रहा।
क्या प्रतिभा ही क्रिकेट में सफलता के लिए काफी है?
सचिन तेंदुलकर के अनुसार नहीं — प्रतिभा ईश्वर की देन है, लेकिन उसके साथ की जाने वाली मेहनत ही करियर तय करती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर देखे हैं जो कड़ी मेहनत के अभाव में अपेक्षित मुकाम नहीं पा सके।
इस अकादमी में ICC चेयरमैन जय शाह की क्या भूमिका है?
ICC चेयरमैन जय शाह SRT10 अल्टेवोल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लॉन्च इवेंट में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी इस पहल को क्रिकेट प्रशासन के उच्च स्तर से मिले समर्थन का संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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