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UP 2027 चुनाव: सपा के जिलेवार घोषणापत्र पर BJP का पलटवार, 'हैट्रिक लगाएगी NDA'

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UP 2027 चुनाव: सपा के जिलेवार घोषणापत्र पर BJP का पलटवार, 'हैट्रिक लगाएगी NDA'

सारांश

सपा के जिलेवार घोषणापत्र की घोषणा के जवाब में BJP ने खुला मोर्चा खोल दिया है। पंकज चौधरी से लेकर नरेंद्र कश्यप तक — सभी ने 2027 में NDA हैट्रिक का दावा किया और अखिलेश के पिछले कार्यकाल को कटघरे में खड़ा किया। UP की असली लड़ाई अभी से शुरू हो गई है।

मुख्य बातें

BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि सपा चाहे गाँव-गाँव के लिए घोषणापत्र जारी करे, 2027 में NDA हैट्रिक लगाएगी।
मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने UP के 57,694 गाँवों का हवाला देते हुए सपा की रणनीति को व्यर्थ बताया।
कैबिनेट मंत्री नरेंद्र कश्यप ने सपा शासनकाल में पाँच साल में 700 दंगों , बिजली संकट और किसानों को गन्ने का बकाया न मिलने के आरोप लगाए।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की हर जिले के लिए अलग घोषणापत्र की घोषणा पर BJP ने इसे चुनावी दिखावा करार दिया।
UP विधानसभा चुनाव 2027 में अभी करीब डेढ़ साल बाकी, लेकिन दोनों दलों की राजनीतिक सक्रियता तेज हो गई है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा सभी जिलों के लिए अलग-अलग घोषणापत्र तैयार करने की घोषणा पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने 15 सितंबर को तीखी प्रतिक्रिया दी। BJP नेताओं का कहना है कि सपा चाहे जो रणनीति अपनाए, उत्तर प्रदेश की जनता अब उसके वादों पर भरोसा नहीं करेगी और 2027 में NDA सत्ता में हैट्रिक दर्ज करेगी।

BJP का सीधा पलटवार

BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सपा के फैसले पर तंज कसते हुए कहा, 'वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं। अगर वे चाहें तो गाँव-गाँव के लिए भी अपना घोषणापत्र जारी कर सकते हैं। लेकिन वे चाहे कुछ भी करें, भारतीय जनता पार्टी हैट्रिक लगाएगी और 2027 में उत्तर प्रदेश में फिर से सरकार बनाएगी।' चौधरी का यह बयान स्पष्ट संकेत देता है कि BJP सपा की इस रणनीति को चुनौती के रूप में नहीं, बल्कि चुनावी हथकंडे के रूप में देख रही है।

राजभर ने उठाए सपा नेता के बयान पर सवाल

उत्तर प्रदेश के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने भी सपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'हम कहते हैं कि 57,694 गाँव हैं, तो हर गाँव के लिए घोषणापत्र क्यों न तैयार किया जाए?' राजभर ने सपा नेता राजकुमार भाटी के एक बयान का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सपा प्रशिक्षण शिविरों में ब्राह्मण, जाट और गुर्जर समुदायों की महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं। यह आरोप सपा की ओर से अभी तक खंडित नहीं किए गए हैं।

कश्यप ने याद दिलाया सपा शासनकाल

कैबिनेट मंत्री नरेंद्र कश्यप ने सपा के पिछले कार्यकाल को आधार बनाकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, 'समाजवादी पार्टी चाहे जिले का घोषणापत्र लाए या कोई भी रणनीति अपनाए, उत्तर प्रदेश के लोग आज भी अखिलेश यादव की सरकार के कारनामों को याद करके सिहर उठते हैं।' कश्यप ने आरोप लगाया कि सपा शासन में पाँच वर्षों में 700 दंगे हुए, सड़कों पर गुंडागर्दी रही, बिजली गायब रही, किसानों को गन्ने का बकाया नहीं मिला और युवाओं से नौकरियाँ छिन गईं।

महिला सुरक्षा और विकास पर BJP का जोर

कश्यप ने यह भी कहा कि सपा के शासनकाल में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा खतरे में थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास केवल कुछ ही जिलों तक सीमित रहा। यह ऐसे समय में आया है जब UP विधानसभा चुनाव 2027 अभी करीब डेढ़ साल दूर हैं और दोनों प्रमुख दल मतदाताओं को लुभाने की तैयारी में जुट गए हैं।

सपा की घोषणापत्र रणनीति का संदर्भ

गौरतलब है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में घोषणा की थी कि उनकी पार्टी 2027 के चुनाव के लिए हर जिले की स्थानीय समस्याओं और जरूरतों के अनुसार अलग-अलग घोषणापत्र जारी करेगी। यह रणनीति सपा की 'हाइपर-लोकल अपील' बनाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। BJP इसे महज चुनावी दिखावा बता रही है। आने वाले महीनों में दोनों दलों की जुबानी जंग और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन BJP की प्रतिक्रिया यह बताती है कि असली लड़ाई नीतियों पर नहीं, बल्कि अतीत की छवि पर लड़ी जाएगी। चुनाव डेढ़ साल दूर हैं और BJP पहले से ही 'सपा शासनकाल की विफलता' का नैरेटिव स्थापित करने में जुट गई है — यह परिपाटी 2022 और 2017 में भी सफल रही थी। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि दोनों दलों के बीच घोषणाओं की होड़ के बीच UP के किसान, बेरोजगार युवा और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दे असल जमीनी पैमाइश तय करेंगे — न कि घोषणापत्रों की संख्या।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा का जिलेवार घोषणापत्र क्या है?
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने UP 2027 विधानसभा चुनाव से पहले घोषणा की है कि उनकी पार्टी हर जिले की स्थानीय जरूरतों और समस्याओं के आधार पर अलग-अलग घोषणापत्र तैयार करेगी। यह रणनीति सपा की 'हाइपर-लोकल अपील' बनाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।
BJP ने सपा की इस घोषणा पर क्या प्रतिक्रिया दी?
BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि सपा चाहे गाँव-गाँव के लिए घोषणापत्र जारी करे, 2027 में NDA हैट्रिक लगाएगी। मंत्री ओमप्रकाश राजभर और कैबिनेट मंत्री नरेंद्र कश्यप ने भी सपा शासनकाल की विफलताओं का हवाला देते हुए पार्टी को घेरा।
नरेंद्र कश्यप ने सपा शासनकाल पर क्या आरोप लगाए?
कैबिनेट मंत्री नरेंद्र कश्यप ने आरोप लगाया कि सपा के पाँच साल के शासनकाल में 700 दंगे हुए, बिजली आपूर्ति ठप रही, किसानों को गन्ने का बकाया नहीं मिला, युवाओं से नौकरियाँ छिनीं और महिलाओं की सुरक्षा खतरे में थी। ये आरोप BJP की ओर से चुनाव प्रचार का हिस्सा हैं।
UP विधानसभा चुनाव 2027 कब होने हैं और मुख्य दावेदार कौन हैं?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की शुरुआत में होने की संभावना है। मुख्य मुकाबला BJP नेतृत्व वाले NDA और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के बीच है। दोनों दल अभी से अपनी-अपनी रणनीतियाँ तैयार करने में जुटे हैं।
ओमप्रकाश राजभर ने सपा पर क्या आरोप लगाए?
मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने UP के 57,694 गाँवों का हवाला देकर सपा की घोषणापत्र रणनीति को व्यर्थ बताया। उन्होंने सपा नेता राजकुमार भाटी पर ब्राह्मण, जाट और गुर्जर समुदायों की महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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