2027 UP चुनाव: भाजपा का पलटवार — दानिश आजाद बोले, सपा दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाएगी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 7 जुलाई को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव संबंधी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। भाजपा नेताओं ने कहा कि आगामी चुनाव में प्रदेश की जनता ही अंतिम फैसला सुनाएगी और भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ एक बार फिर सरकार बनाएगी।
दानिश आजाद का सपा पर सीधा हमला
अंसारी ने कहा कि सपा जिस भ्रम में जी रही है, उसे 2027 में प्रदेश की जनता चकनाचूर कर देगी। उनके अनुसार, सपा का यह दावा कि भाजपा उसे किसी भी सीट पर नहीं हरा सकती, वास्तविकता से कोसों दूर है। उन्होंने आगे कहा कि 2027 के चुनाव में सपा अपनी मौजूदा सीटों का आधा आंकड़ा भी हासिल नहीं कर पाएगी और पार्टी दहाई का आंकड़ा पार करने में भी नाकाम रहेगी।
2012–2017 के सपा शासन पर आरोप
अंसारी ने सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) नारे को 'पाखंड' करार देते हुए कहा कि सपा ने हमेशा प्रदेश की जनता के साथ धोखा किया है। उन्होंने 2012 से 2017 के सपा शासनकाल का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब थी और अपराधियों का बोलबाला था। उनके अनुसार, प्रदेश की जनता उस दौर को नहीं भूली है।
कांग्रेस-सपा गठबंधन पर सवाल
भाजपा नेता ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के संभावित चुनावी गठबंधन पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दोनों दलों के बीच लगातार बयानबाजी और नेतृत्व को लेकर खींचतान जारी है। अंसारी के अनुसार, इन दलों का उद्देश्य जनता की सेवा नहीं, बल्कि अपने राजनीतिक हितों को साधना है — यही कारण है कि जनता का भरोसा इन पर घटता जा रहा है।
पंकज चौधरी का भाजपा के विकास कार्यों पर भरोसा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि पार्टी 2027 के चुनाव में केंद्र सरकार के 12 वर्षों और उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्षों के विकास कार्यों का लेखा-जोखा जनता के सामने रखेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता भाजपा के कामकाज पर मुहर लगाएगी और पार्टी पूर्ण बहुमत से सत्ता में लौटेगी।
अयोध्या राम मंदिर मामले पर प्रतिक्रिया
अयोध्या राम मंदिर परिसर से जुड़े मामले में सरकार की कथित मिलीभगत के आरोपों पर चौधरी ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना एक राजनीतिक चलन बन गया है। उन्होंने स्वीकार किया कि राम मंदिर परिसर में हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन इसकी जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है। चौधरी ने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज होती जा रही है और सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति को धार देने में जुटे हैं।