दानिश आजाद अंसारी का विपक्ष पर हमला: 'कांग्रेस और सपा का एजेंडा सिर्फ जनता को गुमराह करना'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने 1 जुलाई 2026 को लखनऊ में विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया, विपक्ष के चुनावी दावों, वक्फ संशोधन अधिनियम और प्रधानमंत्री की विदेश नीति समेत कई विषयों पर खुलकर अपनी राय रखी।
एसआईआर पर विपक्ष के रुख की आलोचना
कांग्रेस द्वारा मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र के संदर्भ में मंत्री अंसारी ने कहा, 'कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों का सिर्फ जनता को गुमराह करने का एजेंडा है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसआईआर) चुनाव आयोग की उस पहल का हिस्सा है जिसका उद्देश्य मतदाता सूचियों को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है। अंसारी के अनुसार, जिन राज्यों में एसआईआर के बाद चुनाव हुए, वहाँ मतदान प्रतिशत में वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार इस प्रक्रिया के बारे में भ्रम फैलाकर यह साबित कर रहा है कि उसके पास कोई ठोस एजेंडा नहीं बचा है।
2027 के चुनावी दावों पर पलटवार
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के 2027 में उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार को हराने और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के केंद्र में भाजपा की हार के दावों पर मंत्री अंसारी ने कहा कि इन दलों के नेताओं ने 2017, 2019, 2022 और 2024 में भी ऐसे ही दावे किए थे, जो हर बार गलत साबित हुए। उन्होंने कहा, 'जहाँ-जहाँ चुनाव हो रहे हैं, कांग्रेस जीतने के दावे करती है, लेकिन परिणाम विपरीत ही आता है।' यह भी उल्लेखनीय है कि जहाँ विपक्षी दलों ने जीत दर्ज की, वहाँ उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया पर कोई सवाल नहीं उठाया।
उत्तराखंड मदरसा बोर्ड पर रुख
उत्तराखंड सरकार द्वारा मदरसा बोर्ड को बंद किए जाने के निर्णय पर मंत्री अंसारी ने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने मदरसा शिक्षा को अपग्रेड किया है और अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदायों के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने की व्यवस्था की गई है।
वक्फ संशोधन अधिनियम का बचाव
वक्फ (संशोधन) अधिनियम पर बोलते हुए मंत्री अंसारी ने कहा कि इस कानून का मूल उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का डिजिटाइजेशन और उन्हें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाना था। उन्होंने बताया कि इस कदम से वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे हटाने, दस्तावेजों को दुरुस्त करने और सही ऑडिटिंग सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी, जिससे वक्फ संपत्तियों से होने वाली आय में वृद्धि होगी।
मोदी की विदेश नीति पर टिप्पणी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच हुई टेलीफोनिक वार्ता के संदर्भ में अंसारी ने कहा कि 2014 के बाद से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रतिष्ठा, सम्मान और स्वीकार्यता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में विपक्ष और सत्ताधारी दल के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज़ होने के आसार हैं, खासकर 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए।