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एआई प्रशिक्षण से 1 करोड़ युवाओं का भविष्य संवारेगा भारत, भारतीय शिक्षा बोर्ड ने मोदी की घोषणा का किया स्वागत

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एआई प्रशिक्षण से 1 करोड़ युवाओं का भविष्य संवारेगा भारत, भारतीय शिक्षा बोर्ड ने मोदी की घोषणा का किया स्वागत

सारांश

PM मोदी की 1 करोड़ युवाओं को एआई प्रशिक्षण देने की घोषणा को भारतीय शिक्षा बोर्ड ने सराहा है। बोर्ड ने एक एआई संस्था से समझौता कर कक्षा 9-10 में डेटा एनालिटिक्स, वेब डिजाइनिंग और कंप्यूटिंग को पाठ्यक्रम में शामिल करने की तैयारी शुरू कर दी है।

मुख्य बातें

भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन एनपी सिंह ने हरिद्वार में PM मोदी की 1 करोड़ युवाओं को एआई प्रशिक्षण देने की घोषणा का स्वागत किया।
बोर्ड ने एक एआई प्रशिक्षण संस्था के साथ समझौता किया है; विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से एआई और कंप्यूटिंग की जानकारी दी जाएगी।
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के तहत कक्षा 9वीं और 10वीं में एआई असिस्टेंट, वेब डिजाइनिंग और डेटा एनालिटिक्स को व्यावसायिक शिक्षा में शामिल करने की तैयारी।
सिंह ने कहा कि 'विकसित भारत' का सपना तभी साकार होगा जब देश तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ेगा।
स्वतंत्रता दिवस पर सिंह ने राष्ट्रीय एकता और नागरिक भागीदारी का आह्वान किया।

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रशिक्षण देने की घोषणा का भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन एनपी सिंह ने हरिद्वार में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि एआई 21वीं सदी की सबसे तेज़ गति से विकसित होने वाली तकनीकों में से एक है, जो सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में आमूलचूल बदलाव ला रही है।

युवाओं को तकनीकी दक्षता से जोड़ने की ज़रूरत

एनपी सिंह ने कहा कि यदि देश के युवाओं को एआई और नई तकनीकों से जुड़ा ज्ञान एवं कौशल दिया जाए, तो यह भारत के लिए निर्णायक योगदान साबित हो सकता है। उनके अनुसार, भारतीय शिक्षा बोर्ड का मूल उद्देश्य बच्चों को संस्कारों और नैतिक मूल्यों के साथ-साथ 21वीं सदी की तकनीकी दक्षता और नवाचार की सोच से लैस करना है।

यह ऐसे समय में आया है जब देश में डिजिटल कौशल की माँग तेज़ी से बढ़ रही है और वैश्विक स्तर पर एआई-आधारित रोज़गार के नए अवसर उभर रहे हैं।

भारतीय शिक्षा बोर्ड की एआई पहल

भारतीय शिक्षा बोर्ड ने एआई प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक विशेष संस्था के साथ समझौता किया है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटिंग की बुनियादी जानकारी देने का कार्य शुरू किया जा रहा है।

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के तहत कक्षा 9वीं और 10वीं में व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत एआई असिस्टेंट, कंप्यूटिंग, वेब डिजाइनिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

आम जनता और विद्यार्थियों पर असर

सिंह ने कहा कि इस पहल से बच्चों में नई तकनीक के प्रति जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित होगी। आगे चलकर ये विद्यार्थी एआई के क्षेत्र में वैज्ञानिक और विशेषज्ञ बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का 'विकसित भारत' का संकल्प तभी पूरा होगा, जब देश तकनीकी क्षेत्र में समय के साथ कदम-से-कदम मिलाकर चलेगा।

राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता दिवस का संदेश

एनपी सिंह ने 15 अगस्त के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएँ दीं और स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम स्वतंत्रता को आने वाली पीढ़ियों के लिए और अधिक सुदृढ़ बनाएँ।

सिंह ने यह भी कहा कि स्वतंत्रता केवल राजनीतिक आज़ादी तक सीमित नहीं है — वह तब पूर्ण होगी जब देश के प्रत्येक नागरिक को आर्थिक और राजनीतिक संस्थाओं में निर्णय-प्रक्रिया में भागीदारी मिले। उन्होंने देशवासियों से धर्म, क्षेत्र और भाषा से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में एकजुट होने का आह्वान किया।

गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत को वैश्विक एआई प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति मज़बूत करने की ज़रूरत महसूस हो रही है। तकनीकी शिक्षा को स्कूल स्तर पर जड़ें देना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इसे ज़मीन पर उतारने का ढाँचा कितना तैयार है। स्कूल स्तर पर एआई पाठ्यक्रम लागू करने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों, डिजिटल बुनियादी ढाँचे और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँच की चुनौती अभी भी बड़ी है। भारतीय शिक्षा बोर्ड की पहल सराहनीय है, पर यह अभी एक संस्था-स्तरीय प्रयास है — राष्ट्रव्यापी प्रभाव के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की समन्वित भागीदारी अनिवार्य होगी। बिना मापनीय लक्ष्यों और जवाबदेही तंत्र के, यह घोषणा भी पिछले डिजिटल कौशल कार्यक्रमों की तरह कागज़ों तक सीमित रह सकती है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने एआई प्रशिक्षण को लेकर क्या घोषणा की?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर देश के 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रशिक्षण देने की घोषणा की। इसका उद्देश्य भारत को वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में आगे रखना और युवाओं को भविष्य के रोज़गार के लिए तैयार करना है।
भारतीय शिक्षा बोर्ड ने एआई के लिए क्या कदम उठाए हैं?
भारतीय शिक्षा बोर्ड ने एआई प्रशिक्षण देने वाली एक संस्था के साथ समझौता किया है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के तहत कक्षा 9वीं और 10वीं में एआई असिस्टेंट, कंप्यूटिंग, वेब डिजाइनिंग और डेटा एनालिटिक्स को व्यावसायिक शिक्षा में शामिल करने पर काम चल रहा है।
स्कूली विद्यार्थियों को एआई शिक्षा से क्या फ़ायदा होगा?
एआई शिक्षा से विद्यार्थियों में नई तकनीक के प्रति जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित होगी। भविष्य में ये बच्चे एआई वैज्ञानिक और विशेषज्ञ बन सकते हैं, जिससे देश की तकनीकी क्षमता और रोज़गार के अवसर दोनों बढ़ेंगे।
भारतीय शिक्षा बोर्ड का उद्देश्य क्या है?
भारतीय शिक्षा बोर्ड का उद्देश्य बच्चों को संस्कारों और नैतिक मूल्यों के साथ-साथ 21वीं सदी की तकनीकी दक्षता और नवाचार की सोच से जोड़ना है। बोर्ड चाहता है कि प्रत्येक विद्यार्थी आधुनिक तकनीक से परिचित होकर राष्ट्र निर्माण में भागीदार बने।
एआई प्रशिक्षण की यह पहल 'विकसित भारत' से कैसे जुड़ी है?
भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन एनपी सिंह के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी का 'विकसित भारत' का संकल्प तभी पूरा होगा जब देश तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ेगा। स्कूल स्तर पर एआई शिक्षा इसी दिशा में एक बुनियादी कदम है, जो भविष्य की पीढ़ी को वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा।
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