PM मोदी ने नीस में 'भारत इनोवेट्स' से दुनिया को दिया संदेश: 2 लाख+ स्टार्टअप्स और AI से बदलेगा भारत
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 जून 2026 को फ्रांस के नीस में आयोजित 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम में वैश्विक मंच से बदलते भारत का विज़न प्रस्तुत किया। उन्होंने देश की स्टार्टअप क्रांति, AI, क्वांटम कंप्यूटिंग और अंतरिक्ष तकनीक को भारत के भविष्य की नींव बताया, और भारत-फ्रांस संबंधों को व्यापार से परे साझा मूल्यों की साझेदारी करार दिया।
भारत इनोवेट्स: प्रतिभा और पूंजी का सेतु
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'भारत इनोवेट्स' मंच भारत के युवा प्रतिभाओं और यूरोपीय पूंजी के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु बन रहा है। उन्होंने इसे भारत के युवा उद्यमियों को यूरोपीय विशेषज्ञता से जोड़ने का अनूठा अवसर बताया। कार्यक्रम में 100 से अधिक स्टार्टअप्स की भागीदारी रही, जो भारत में सक्रिय 2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स की व्यापक पारिस्थितिकी का प्रतिनिधित्व करते हैं।
मोदी ने रेखांकित किया कि ये स्टार्टअप्स केवल भारत की अर्थव्यवस्था को नहीं, बल्कि वैश्विक तकनीकी विकास को भी गति दे रहे हैं। उनके अनुसार, 'भारत इनोवेट्स' का लक्ष्य भारतीय युवाओं के विश्वस्तरीय समाधानों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करना है।
स्टार्टअप क्रांति और नई सोच
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का भारत एक बड़े बदलाव के दौर से गुज़र रहा है, जहाँ देश का नौजवान नए माइंडसेट के साथ मानवता की समस्याओं के समाधान खोज रहा है। उन्होंने भारत को महज़ एक तकनीक-उपभोक्ता नहीं, बल्कि एक 'टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर' के रूप में उभरते देश के तौर पर परिभाषित किया।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में भारत की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। गौरतलब है कि भारत अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है।
AI, क्वांटम और अंतरिक्ष: भविष्य की तकनीकें
मोदी ने कहा कि दुनिया कई चुनौतियों से गुज़र रही है, लेकिन हर चुनौती नए अवसर भी लाती है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष तकनीक को आने वाले दशकों में विश्व का भविष्य तय करने वाली प्रमुख शक्तियाँ बताया।
उन्होंने भारत के AI विज़न का सार 'AI सबके लिए — सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' में बताया और कहा कि नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट की थीम भी यही रही थी। प्रधानमंत्री ने ज़ोर दिया कि भारत की प्राथमिकता 'टेक्नोलॉजी फॉर ह्यूमैनिटी' यानी मानव-केंद्रित नवाचार है।
भारत-फ्रांस संबंध: भरोसे और साझा मूल्यों की साझेदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-फ्रांस संबंधों को विशेष महत्व देते हुए कहा कि दोनों देशों का रिश्ता व्यापार या रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं है — यह भरोसे, साझी सोच और साझे लक्ष्यों पर टिका है। उन्होंने कहा, 'दुनिया के देश एक-दूसरे के साथ व्यापार करते हैं, लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो एक सोच और विज़न से आगे बढ़ते हैं। भारत और फ्रांस का रिश्ता भी ऐसा ही है।'
दोनों देश साझा मूल्यों और भविष्य की एक जैसी सोच के आधार पर वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने में सहयोग कर रहे हैं।
इनोवेशन भारत के DNA में: ऐतिहासिक विरासत से नई उड़ान
प्रधानमंत्री ने कहा कि इनोवेशन भारत के DNA में बसा है — गणित से लेकर खगोल विज्ञान तक, मेडिसिन से लेकर योग तक, भारत ने हज़ारों वर्षों से मानवता की प्रगति में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि आज इसी विरासत को नई गति और नई दिशा दी जा रही है।
आगे चलकर 'भारत इनोवेट्स' जैसे मंचों के ज़रिए भारतीय स्टार्टअप्स और यूरोपीय निवेशकों के बीच सहयोग और गहरा होने की उम्मीद है, जो भारत को वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा।