PM मोदी ने नीस में मैक्रों से की मुलाकात, 'भारत इनोवेट्स 2026' का किया उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 जून 2026 को फ्रांस के नीस शहर में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से 'भारत इनोवेट्स 2026' का उद्घाटन किया। मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस मुलाकात को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की और नीस में हुई चर्चाओं को 'अत्यंत समृद्ध और ज्ञानवर्धक' बताया।
मोदी का संदेश और मुलाकात का संदर्भ
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'मेरे मित्र राष्ट्रपति मैक्रों, नीस में आपसे मिलकर खुशी हुई। ऐसे समय में 'भारत इनोवेट्स' में हिस्सा लेने के लिए धन्यवाद, जब हमारे देश 'ईयर ऑफ इनोवेशन' मना रहे हैं।' एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि उन्होंने निवेशकों और वेंचर कैपिटल क्षेत्र के नेताओं के साथ भारत में नवाचार, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों पर सार्थक संवाद किया।
मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि 'भारत की विकास यात्रा प्रतिभा, व्यापक पैमाने, स्थिरता और सुधारों से संचालित है, जो इसे निवेश और नवाचार के लिए एक आकर्षक एवं विश्वसनीय गंतव्य बनाती है।'
भारत इनोवेट्स 2026: क्या है यह पहल
भारत इनोवेट्स 2026 केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की एक पहल है, जिसमें 120 भारतीय इनोवेटर्स, 15 उच्च शिक्षण संस्थान (HEI) और 500 से अधिक निवेशक शामिल हुए। इसके अलावा बड़े कॉर्पोरेट, वेंचर कैपिटल फर्म, वैश्विक सीईओ और उद्योग जगत के अग्रणी नेता भी इस आयोजन में उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि यह आयोजन भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन के तहत हो रहा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने फरवरी 2026 में मुंबई में संयुक्त रूप से किया था। इस पहल से ग्लोबल इनोवेशन नेटवर्क के साथ भारत का जुड़ाव और गहरा होने तथा तकनीक-संचालित विकास के लिए एक अग्रणी केंद्र के रूप में भारत की स्थिति मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
आगे का कार्यक्रम: जी7 और ट्रंप से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे। नीस के बाद वे स्लोवाकिया का दौरा करेंगे और दो दिनों तक कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इसके पश्चात वे पेरिस पहुँचेंगे, जहाँ जी7 देशों के साझेदारों से मुलाकात होगी।
इस दौरे में प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे। इस बैठक में प्रस्तावित अमेरिका-भारत व्यापार समझौते पर अब तक हुई वार्ता की प्रगति पर चर्चा होने की संभावना है। हालाँकि, व्हाइट हाउस के अधिकारियों के अनुसार इस दौरे में समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया जाएगा।
भारत-फ्रांस संबंधों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी और व्यापार के क्षेत्रों में सहयोग तेज़ी से बढ़ रहा है। 'भारत इनोवेट्स 2026' जैसी पहल दोनों देशों के बीच नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को जोड़ने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। आने वाले महीनों में इस पहल के तहत हुए संवाद के परिणाम और निवेश प्रतिबद्धताएँ सामने आने की उम्मीद है।