भारत इनोवेट्स 2026: PM मोदी ने नीस में निवेशकों को दिया न्योता, इनोवेशन-टेक-मैन्युफैक्चरिंग में बड़े अवसर गिनाए
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 जून 2026 को फ्रांस के नीस में आयोजित 'भारत इनोवेट्स 2026' सम्मेलन में वैश्विक निवेशकों और वेंचर कैपिटल नेताओं को भारत में निवेश का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत असीम संभावनाओं वाला गंतव्य बन चुका है। प्रधानमंत्री ने इस सम्मेलन को 'ज्ञानवर्धक और महत्वपूर्ण' बताया।
सम्मेलन में क्या बोले PM मोदी
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "नीस में 'भारत इनोवेट्स 2026' के दौरान हुई बातचीत बहुत ज्ञानवर्धक और महत्वपूर्ण रही। इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और उभरते हुए सेक्टर में भारत में मौजूद बड़े मौकों को लेकर इन्वेस्टर्स और वेंचर कैपिटल लीडर्स के साथ चर्चा की।"
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत की वृद्धि टैलेंट, बड़े पैमाने, स्थिरता और नीतिगत सुधारों की मजबूत नींव पर टिकी है, जो इसे निवेश और इनोवेशन के लिए दुनिया की सबसे आकर्षक जगहों में से एक बनाती है।
वैश्विक चुनौतियाँ और इनोवेशन के अवसर
मोदी ने सम्मेलन में उपस्थित प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा दशक बड़े बदलावों और विकास, दोनों का दौर है। उन्होंने कहा, "दुनिया संघर्षों और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर की वजह से अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रही है, लेकिन ये चुनौतियाँ इनोवेशन और तरक्की के लिए बड़े मौके भी पैदा कर रही हैं।"
यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी भूमिका को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है और पश्चिमी देशों के निवेशक चीन के विकल्प की तलाश में हैं।
भविष्य की प्रमुख टेक्नोलॉजी पर फोकस
प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मटीरियल्स को मानव सभ्यता के अगले अध्याय को आकार देने वाली महत्वपूर्ण तकनीकों के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर टेक्नोलॉजी क्रांति नए अवसर और नई जिम्मेदारियाँ भी लेकर आती है।
गौरतलब है कि भारत ने हाल के वर्षों में AI मिशन और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन जैसी पहलों के माध्यम से इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाया है।
इंसान-केंद्रित टेक्नोलॉजी का विज़न
मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत की प्राथमिकता 'इंसानों के लिए टेक्नोलॉजी' है — एक ऐसा दृष्टिकोण जो देश की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और डिजिटल क्रांति की बुनियाद रही है। उन्होंने कहा, "आज दुनिया ऐसी टेक्नोलॉजी की तलाश में है जो भरोसेमंद, समावेशी, मानव और वैश्विक भलाई पर केंद्रित हों।"
आलोचकों का कहना है कि भारत के DPI मॉडल — जिसमें UPI और आधार शामिल हैं — ने वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है और यह निवेशकों के लिए एक ठोस साख का काम करता है।
आगे की राह
'भारत इनोवेट्स 2026' जैसे मंचों पर की गई यह कूटनीतिक पहल भारत की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वैश्विक निवेश को आकर्षित कर घरेलू विनिर्माण और तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है। अब देखना यह होगा कि नीस में हुई इन चर्चाओं का कितना ठोस परिणाम निवेश प्रतिबद्धताओं के रूप में सामने आता है।