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भारत इनोवेट्स 2026: नीस में PM मोदी के नेतृत्व में 120+ स्टार्टअप्स का वैश्विक मंच, इनोवेटर्स उत्साहित

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भारत इनोवेट्स 2026: नीस में PM मोदी के नेतृत्व में 120+ स्टार्टअप्स का वैश्विक मंच, इनोवेटर्स उत्साहित

सारांश

नीस की धरती पर 'भारत इनोवेट्स 2026' सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं — यह भारत की वैश्विक इनोवेशन महत्वाकांक्षा का सार्वजनिक ऐलान है। 120 से अधिक स्टार्टअप्स, कार्बन कैप्चर से लेकर हेल्थटेक तक, PM मोदी की उपस्थिति में दुनिया को दिखाएँगे कि 'मेड इन इंडिया' अब सिर्फ उत्पाद नहीं, समाधान है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी फ्रांस के नीस में 13 जून 2026 को ' भारत इनोवेट्स 2026 ' का उद्घाटन करने वाले हैं।
इस आयोजन में 120 से अधिक भारतीय स्टार्टअप्स और कंपनियाँ भाग ले रही हैं, साथ ही फ्रांस व अन्य देशों के निवेशक और सीईओ भी शामिल होंगे।
ऊर्जानोवासी के प्रो.
अर्नब दत्ता ने पानी और उत्प्रेरक से CO₂ को नमक में बदलने की कार्बन कैप्चर तकनीक प्रस्तुत की।
इस आयोजन को कई IIT संस्थानों ने मिलकर आयोजित किया है और इसे वार्षिक वैश्विक इवेंट बनाने की योजना है।
स्टार्टअप्स का लक्ष्य इस मंच के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय निवेश और निर्यात के अवसर प्राप्त करना है।

फ्रांस के नीस शहर में 13 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'भारत इनोवेट्स 2026' का उद्घाटन करने वाले हैं — एक ऐसा वैश्विक मंच जिसमें 120 से अधिक भारतीय कंपनियाँ और स्टार्टअप्स हिस्सा लेंगे। इस आयोजन में फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख बिज़नेस लीडर्स, निवेशक और सीईओ भी शामिल होंगे। भारतीय स्टार्टअप समुदाय ने इस पहल का उत्साहपूर्वक स्वागत किया है।

इनोवेटर्स की प्रतिक्रिया

ऊर्जानोवासी के इनोवेटर प्रो. विक्रम विशाल ने कहा, 'हम बहुत उत्साहित हैं। हमारे स्टार्टअप ग्रुप के सभी सदस्य बहुत खुश हैं कि हमारे प्रधानमंत्री हमें समर्थन और हिम्मत दे रहे हैं। इससे यह पक्का संदेश जाता है कि अगर आप एक तकनीकी इनोवेटर हैं जो काम के सॉल्यूशन बना रहे हैं, तो आपको खुद प्रधानमंत्री का समर्थन मिलेगा।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि इनोवेटर्स चाहते हैं कि उनकी तकनीक दुनिया तक पहुँचे और उनकी एक विशिष्ट पहचान बने।

गुडलिफ मोबिलिटी के इनोवेटर अजीत बाबू पीके ने कहा, 'भारत इनोवेट्स एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन गया है जिसके ज़रिए निवेशक, कॉर्पोरेट और इनोवेटर एक साथ आकर भारत और दुनिया की तरक्की को आगे बढ़ा सकते हैं। इसने हमें एक ऐसा मौका और पहचान दी है जो शायद हमें कहीं और नहीं मिलती।'

कार्बन कैप्चर तकनीक: भारत का वैश्विक योगदान

ऊर्जानोवासी के इनोवेटर प्रो. अर्नब दत्ता ने इस आयोजन को व्यक्तिगत रूप से भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जब 2014 में मोदी प्रधानमंत्री बने, तब वे पोस्ट-डॉक्टरेट शोध कर रहे थे और उन्हें अमेरिका में काम का प्रस्ताव मिला था। उस बदलाव को देखकर उन्होंने भारत में रहकर काम करने का निर्णय लिया और 2015 से भारत में शोध शुरू किया।

प्रो. दत्ता ने अपनी टीम की कार्बन कैप्चर तकनीक का विवरण देते हुए कहा, 'कार्बन डाइऑक्साइड एक बड़ी वैश्विक चुनौती है। हमने पानी का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड को कैप्चर और रूपांतरित करने का एक तरीका खोजा है। यह प्रक्रिया जीव विज्ञान और भूविज्ञान में लाखों वर्षों से मौजूद प्राकृतिक तरीकों से प्रेरित है। पानी में एक उत्प्रेरक (कैटलिस्ट) मिलाने से कार्बन डाइऑक्साइड को तेज़ी से नमक में बदला जा सकता है, जो पहले से ही रोज़मर्रा की ज़िंदगी और उद्योग में बड़े पैमाने पर उपयोग होते हैं।'

स्वास्थ्य और मोबिलिटी स्टार्टअप्स की उम्मीदें

ट्रिकॉग हेल्थ के इनोवेटर प्रतीक गोलेचा ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति की मौजूदगी में लोगों को पहचान मिलना आकर्षण का केंद्र है। इससे न केवल व्यापार के अवसर बनते हैं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर असर डालने का भी एक बड़ा मौका मिलता है।' उन्होंने बताया कि इस मंच पर विभिन्न चरणों के स्टार्टअप्स — शुरुआती से लेकर स्थापित व्यवसाय तक — एक-दूसरे के साथ संवाद कर रहे हैं।

गुडलिफ मोबिलिटी के डॉ. केसी वोरा ने कहा, 'भारत इनोवेट्स 2026 प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अंतर्गत आगे बढ़ने वाली पहली पहल है। इसे आयोजित करने में कई IIT संस्थान शामिल हैं। हम चाहते हैं कि यह आयोजन हर वर्ष हो और अलग-अलग देशों में हो।' उन्होंने यह भी कहा कि सभी भाग लेने वाले स्टार्टअप्स का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय विस्तार है और उन्हें अपने उत्पादों की वैश्विक निर्यात क्षमता पर पूरा भरोसा है।

भारत-स्लोवाकिया संबंधों पर प्रभाव

यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब पीएम मोदी की यूरोप यात्रा में स्लोवाकिया का दौरा भी शामिल है। ब्रातिस्लावा निवासी वेरोनिका ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत से स्लोवाकिया आने वाले प्रवासियों की संख्या बढ़ रही है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों का महत्व भी बढ़ा है। मोदी के संभावित दौरे से आर्थिक संबंध और मज़बूत होने की संभावना पर उन्होंने कहा कि यदि दौरा होता है, तो इस विषय में जागरूकता और राय दोनों बढ़ेंगी।

आगे की राह

गौरतलब है कि यह पहली बार है जब भारतीय इनोवेशन को इस पैमाने पर यूरोपीय धरती पर प्रदर्शित किया जा रहा है। 120 से अधिक स्टार्टअप्स की भागीदारी और प्रधानमंत्री की उपस्थिति यह संकेत देती है कि भारत अब केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि वैश्विक इनोवेशन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में खुद को स्थापित कर रहा है। आने वाले समय में यह मंच भारतीय स्टार्टअप्स के लिए अंतरराष्ट्रीय निवेश और साझेदारी का द्वार खोल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि नीस में होने वाली नेटवर्किंग कितनी ठोस निवेश प्रतिबद्धताओं और निर्यात सौदों में बदलती है। भारतीय स्टार्टअप्स के लिए अंतरराष्ट्रीय दृश्यता पाना एक बात है, लेकिन यूरोपीय नियामक और बाज़ार परिवेश में टिकाऊ उपस्थिति बनाना बिल्कुल अलग चुनौती है। कार्बन कैप्चर जैसी तकनीकें वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक हैं, परंतु स्केलिंग और व्यावसायीकरण के लिए सरकारी समर्थन से परे निजी पूँजी और नीतिगत स्पष्टता दोनों की ज़रूरत होगी। यदि यह आयोजन हर वर्ष और नए देशों में होता है, तो यह भारतीय इनोवेशन कूटनीति का एक स्थायी स्तंभ बन सकता है — बशर्ते परिणाम सार्वजनिक रूप से मापे और साझा किए जाएँ।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत इनोवेट्स 2026 क्या है?
'भारत इनोवेट्स 2026' फ्रांस के नीस में आयोजित एक वैश्विक इनोवेशन शिखर सम्मेलन है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने वाले हैं। इसमें 120 से अधिक भारतीय स्टार्टअप्स और कंपनियाँ अपनी तकनीकें और समाधान अंतरराष्ट्रीय निवेशकों व बिज़नेस लीडर्स के सामने प्रस्तुत करेंगी।
भारत इनोवेट्स 2026 में कौन-कौन भाग ले रहा है?
इस आयोजन में 120 से अधिक भारतीय स्टार्टअप्स और कंपनियाँ भाग ले रही हैं। साथ ही फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख बिज़नेस लीडर्स, निवेशक और सीईओ भी शामिल होंगे। आयोजन में कई IIT संस्थानों की भूमिका भी है।
ऊर्जानोवासी की कार्बन कैप्चर तकनीक क्या है?
प्रो. अर्नब दत्ता की टीम ने पानी में एक उत्प्रेरक मिलाकर कार्बन डाइऑक्साइड को तेज़ी से नमक में बदलने की तकनीक विकसित की है। यह प्रक्रिया जीव विज्ञान और भूविज्ञान में लाखों वर्षों से मौजूद प्राकृतिक तरीकों से प्रेरित है और इसे वैश्विक स्तर पर उपयोगी माना जा रहा है।
भारत इनोवेट्स 2026 का भारतीय स्टार्टअप्स के लिए क्या महत्व है?
यह मंच भारतीय स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और बाज़ारों तक सीधी पहुँच देता है। प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्ट्रपति की उपस्थिति से न केवल व्यापारिक अवसर बनते हैं, बल्कि भारतीय इनोवेशन को वैश्विक मान्यता भी मिलती है।
क्या भारत इनोवेट्स जैसे आयोजन भविष्य में भी होंगे?
गुडलिफ मोबिलिटी के डॉ. केसी वोरा के अनुसार, इस आयोजन को हर वर्ष अलग-अलग देशों में आयोजित करने की योजना है। यह पहल प्रधानमंत्री के वैश्विक इनोवेशन दृष्टिकोण के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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