भारत इनोवेट्स: PM मोदी और मैक्रों ने नीस में किया उद्घाटन, भारतीय स्टार्टअप्स को मिलेगा यूरोपीय मंच
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 जून 2026 को नीस, फ्रांस में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मिलकर भारत इनोवेट्स कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन किया। यह पहल भारत, फ्रांस और अन्य देशों के स्टार्टअप्स तथा वेंचर कैपिटल फंड्स को एकजुट करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। मोदी ने इस मंच को भारतीय प्रतिभा और यूरोपीय पूंजी के बीच का सेतु बताया।
भारत इनोवेट्स: मंच का मकसद क्या है
उद्घाटन संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'भारत इनोवेट्स का ये मंच भारत के टैलेंट और यूरोपियन कैपिटल के बीच एक ब्रिज बन रहा है — एक ऐसा प्लेटफॉर्म जहां भारत के यंग माइंड्स को यूरोपियन एक्सपर्टीज से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।' उन्होंने इस पहल को भारत के स्टार्टअप परिवेश की वैश्विक पहुँच का माध्यम बताया।
मोदी के अनुसार, 21वीं सदी का भारत एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जिसमें देश का युवा वर्ग नए माइंडसेट के साथ मानवता की समस्याओं का समाधान खोज रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक समाधानों में योगदान देने वाला देश बन रहा है।
स्टार्टअप क्रांति और भारत की नई पहचान
प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज भारत में एक स्टार्टअप रिवॉल्यूशन हो रहा है।' उन्होंने भारत को टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर के रूप में उभरते देश के तौर पर रेखांकित किया। उनके अनुसार, भारत इनोवेट्स का उद्देश्य भारतीय युवाओं के विश्वस्तरीय समाधानों को वैश्विक मंच दिलाना है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को दुनिया के शीर्ष तीन में गिना जाने लगा है।
भारत-फ्रांस संबंध: व्यापार से परे साझा विजन
दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर प्रकाश डालते हुए मोदी ने कहा, 'दुनिया के देश एक-दूसरे के साथ व्यापार करते हैं, लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो एक सोच और विजन से आगे बढ़ते हैं। भारत और फ्रांस का रिश्ता भी ऐसा ही है — दोनों देशों के संबंध सिर्फ व्यापार या कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा मूल्यों, भरोसे और भविष्य के लिए एक जैसी सोच पर आधारित हैं।'
गौरतलब है कि इसी वर्ष इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन की शुरुआत हुई है, और भारत इनोवेट्स उसी श्रृंखला की एक अहम कड़ी है। मोदी ने राष्ट्रपति मैक्रों का इस अवसर पर उपस्थित रहने के लिए आभार व्यक्त किया।
आगे की राह
भारत इनोवेट्स कार्यक्रम के ज़रिये भारतीय स्टार्टअप्स को यूरोपीय निवेशकों और विशेषज्ञों से सीधे जोड़ने की उम्मीद है। यह पहल भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें तकनीक और नवाचार को कूटनीतिक साझेदारियों का आधार बनाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मंच भारतीय स्टार्टअप्स के लिए यूरोपीय बाज़ारों में प्रवेश की राह आसान कर सकते हैं।