नीस में PM मोदी ने किया 'भारत इनोवेट्स 2026' का उद्घाटन, उद्यमियों को भारत आने का दिया न्योता
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 जून 2026 को फ्रांस के नीस शहर में 'भारत इनोवेट्स 2026' कार्यक्रम का उद्घाटन किया और दुनियाभर के निवेशकों, उद्यमियों तथा शोध संस्थानों को भारत आकर काम करने और वैश्विक समाधान विकसित करने का आमंत्रण दिया। इस ऐतिहासिक अवसर पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी उनके साथ मंच पर उपस्थित रहे।
भारत-फ्रांस साझेदारी की नई इबारत
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत और फ्रांस के संबंधों को 'साझा हितों से परे साझा दृष्टिकोण' पर आधारित बताया। उन्होंने कहा, 'भारत और फ्रांस का संबंध कुछ ऐसा ही है — इसमें संपर्क भी है, दृढ़ विश्वास भी है, इनोवेशन भी है और प्रेरणा भी है।' उन्होंने याद दिलाया कि इसी वर्ष फरवरी 2026 में 'भारत-फ्रांस इनोवेशन का साल' की शुरुआत हुई थी, और 'भारत इनोवेट्स' उसी दिशा में एक ठोस कदम है।
मोदी ने राष्ट्रपति मैक्रों का आभार जताते हुए कहा कि मैक्रों ने भारत यात्रा के दौरान स्वयं कहा था कि इस सदी की चुनौतियों से निपटने के लिए भारत और फ्रांस को साथ आना होगा। उन्होंने 'भारत इनोवेट्स' को भारत के युवा प्रतिभा और यूरोपीय पूंजी के बीच एक पुल के रूप में परिभाषित किया।
भारत का स्टार्टअप सामर्थ्य और वैश्विक महत्वाकांक्षा
प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है और देश में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स का विशाल पूल मौजूद है। उन्होंने कहा कि यह स्टार्टअप क्रांति केवल महानगरों तक सीमित नहीं है — स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब्स, हैकेथन्स, इनक्यूबेटर नेटवर्क और महिला इनोवेटर्स के लिए विशेष कार्यक्रमों के ज़रिये इसे जमीनी स्तर तक पहुँचाया गया है।
कार्यक्रम में उपस्थित 100-125 स्टार्टअप्स की चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि ये युवा उद्यमी एआई से गाँवों का जीवन बदल रहे हैं, किसानों के लिए सैटेलाइट तकनीक का उपयोग कर रहे हैं, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में नवाचार कर रहे हैं, और रक्षा क्षेत्र में नई तकनीकें विकसित कर रहे हैं। आईआईटी दिल्ली के बोर्ड के चेयरपर्सन हरीश सलवे के इस आयोजन में योगदान की भी उन्होंने सराहना की।
मानव-केंद्रित इनोवेशन: भारत का मंत्र
मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत की तकनीकी नीति का मूल सूत्र है — 'मानवता के लिए तकनीक, मानव-केंद्रित इनोवेशन।' उन्होंने कहा कि यही भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई दृष्टिकोण का सार है, जिसकी थीम है — 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय।' उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट का भी उल्लेख किया, जो इसी भावना पर केंद्रित था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और एडवांस मटेरियल — ये सभी तकनीकें मानवता के भविष्य को आकार देंगी। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले दुनिया भारत को तकनीक अपनाने वाले के रूप में देखती थी, लेकिन आज भारत तकनीक प्रदाता के रूप में उभर रहा है।
सुधारों की रफ्तार और नए क्षेत्र
मोदी ने बताया कि बीते 11-12 वर्षों में पेटेंट फाइलिंग से लेकर इंक्यूबेशन नेटवर्क तक, स्टार्टअप इंडिया से लेकर नीतिगत समर्थन तक — पूरा सफर मिशन मोड में तय हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र को इनोवेशन के लिए खोला गया है, और हाल ही में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं, जिससे स्वच्छ ऊर्जा और एडवांस रिएक्टर अनुसंधान की नई संभावनाएँ खुलेंगी।
उन्होंने महिला उद्यमिता का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि 'ड्रोन दीदी' से लेकर स्टार्टअप संस्थापक बनने तक, महिला शक्ति सफलता की नई कहानियाँ लिख रही है।
वैश्विक निवेशकों को सीधा न्योता
अपने संबोधन के समापन में प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में उपस्थित हर निवेशक, विश्वविद्यालय, शोध संस्थान और उद्यमी को भारत आने का आग्रहपूर्ण आमंत्रण दिया। उनका संदेश स्पष्ट था: 'भारत आइए। हमारे साथ काम करिए। भारत में डिजाइन कीजिए, भारत में डेवलप कीजिए और दुनिया के लिए समाधान तैयार कीजिए।' उन्होंने साझेदारी, सह-विकास, संयुक्त शोध, साझा मैन्युफैक्चरिंग और दीर्घकालिक सहयोग की इच्छा जताई।
'भारत इनोवेट्स 2026' के तीन दिवसीय सत्र में दुनियाभर के वेंचर कैपिटलिस्ट, उद्योग जगत के नेता और युवा उद्यमी शामिल हुए। यह मंच भारत के वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दिशा में एक निर्णायक पड़ाव साबित हो सकता है।