13 सितंबर 2026
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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026: शी जिनपिंग ने AI, व्यापार समेत पाँच बड़ी पहलों का प्रस्ताव रखा

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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026: शी जिनपिंग ने AI, व्यापार समेत पाँच बड़ी पहलों का प्रस्ताव रखा

सारांश

नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शी जिनपिंग ने चीन को तकनीक और व्यापार का नया केंद्र बताने की कोशिश की — AI ओपन सोर्स से लेकर स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग तक पाँच पहलें सामने रखीं। यह वैश्विक दक्षिण में चीन की बढ़ती रणनीतिक महत्वाकांक्षा का ठोस संकेत है।

मुख्य बातें

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे सत्र में पाँच नई पहलों का प्रस्ताव रखा।
चीन ब्रिक्स AI ओपन सोर्स समुदाय बनाने में अगुआई करेगा और बड़े भाषा मॉडल के विकास में सहयोग देगा।
ब्रिक्स विशेष आर्थिक क्षेत्र साझेदारी और ब्रिक्स व्यापार सेवा मंच के ज़रिये व्यापार-निवेश सुगमता का प्रस्ताव।
ब्रिक्स देशों के लिए डिजिटल इकोसिस्टम क्लाउड प्लेटफॉर्म और स्मार्ट फैक्ट्री निर्माण में सहायता का वादा।
ब्रिक्स इंजीनियर विकास गठबंधन और युवा वैज्ञानिक नवाचार आदान-प्रदान कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे सत्र में भाग लेते हुए गुट के सदस्य देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देने के लिए पाँच ठोस पहलों का प्रस्ताव रखा। ये प्रस्ताव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), व्यापार सुगमता, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और विज्ञान-प्रौद्योगिकी प्रतिभा विकास जैसे क्षेत्रों को कवर करते हैं। चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से इन प्रस्तावों की आधिकारिक जानकारी साझा की गई।

AI ओपन सोर्स सहयोग

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि चीन ब्रिक्स के अंतर्गत एक AI ओपन सोर्स समुदाय बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। इस पहल का उद्देश्य बड़े भाषा मॉडल (Large Language Models) के विकास और उनके व्यावहारिक उपयोग में सदस्य देशों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना है।

उन्होंने यह भी बताया कि चीन AI-केंद्रित विशेष सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा, जिससे ब्रिक्स देशों में एक खुला और सहयोगात्मक AI इकोसिस्टम विकसित किया जा सके। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर AI प्रशासन और समान डिजिटल पहुँच को लेकर बहस तेज़ हो रही है।

व्यापार एवं निवेश सुगमता

जिनपिंग ने ब्रिक्स विशेष आर्थिक क्षेत्र साझेदारी बनाने का प्रस्ताव रखा। इस व्यवस्था के तहत सदस्य देश एक स्मार्ट ऑनलाइन पोर्टल विकसित कर सकेंगे, नीतियों में बेहतर तालमेल स्थापित कर सकेंगे और खुले विकास के लिए नए अवसर सृजित कर सकेंगे।

उन्होंने घोषणा की कि चीन अगले वर्ष ब्रिक्स व्यापार सेवा मंच का आयोजन करेगा, जो आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग को नई गति प्रदान करेगा। गौरतलब है कि ब्रिक्स देशों की संयुक्त GDP वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करती है, इसलिए यह प्रस्ताव व्यापक आर्थिक महत्व रखता है।

डिजिटल अर्थव्यवस्था और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बताया कि चीन ब्रिक्स देशों के लिए एक डिजिटल इकोसिस्टम क्लाउड प्लेटफॉर्म स्थापित करने की दिशा में काम करेगा। इसके अंतर्गत डिजिटल कौशल प्रशिक्षण, तकनीकी आदान-प्रदान और उद्योगों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग के संदर्भ में उन्होंने कहा कि चीन अन्य ब्रिक्स देशों को स्मार्ट फैक्ट्री बनाने और संबंधित मानक एवं नियम विकसित करने में सहायता देने के लिए तैयार है। इससे सदस्य देश मिलकर अपने विनिर्माण क्षेत्र को आधुनिक बना सकेंगे और उत्पादन की गुणवत्ता एवं क्षमता में वृद्धि कर सकेंगे।

विज्ञान-प्रौद्योगिकी प्रतिभा विकास

पाँचवीं पहल के तहत जिनपिंग ने ब्रिक्स इंजीनियर विकास गठबंधन बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसका मकसद इंजीनियरों का संयुक्त प्रशिक्षण और उनकी योग्यताओं की परस्पर मान्यता सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही चीन ब्रिक्स युवा वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार आदान-प्रदान कार्यक्रम भी शुरू करेगा, ताकि भावी पीढ़ी को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सके।

व्यापक संदर्भ और आगे की राह

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने स्पष्ट किया कि इन पाँचों पहलों का समग्र उद्देश्य ब्रिक्स देशों के बीच तकनीक, व्यापार, उद्योग, नवाचार और मानव संसाधन विकास में सहयोग को गहरा करना है। यह ऐसे समय में आया है जब ब्रिक्स का विस्तार हो रहा है और नए सदस्य देशों के साथ गुट की रणनीतिक प्राथमिकताएँ भी व्यापक होती जा रही हैं।

18वाँ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है, और भारत की अध्यक्षता में इस मंच पर बहुपक्षीय सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत की उम्मीद जताई जा रही है। इन प्रस्तावों पर ब्रिक्स सदस्यों की सहमति और क्रियान्वयन की रूपरेखा आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ब्रिक्स के भीतर चीन की बढ़ती तकनीकी उपस्थिति को अन्य सदस्य — विशेषकर भारत — किस नज़र से देखते हैं। AI ओपन सोर्स नेतृत्व और डिजिटल क्लाउड प्लेटफॉर्म जैसी पहलें 'सहयोग' के आवरण में डेटा और तकनीकी मानकों पर प्रभुत्व स्थापित करने का अवसर भी दे सकती हैं। मुख्यधारा की कवरेज प्रस्तावों की सूची तक सीमित रहती है, जबकि ब्रिक्स के विस्तार के बाद उभरे अंतर्विरोध — जहाँ भारत-चीन सीमा तनाव की परछाई अभी भी है — इन पहलों की व्यावहारिक सफलता पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करते हैं।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शी जिनपिंग ने कौन-सी पाँच पहलें प्रस्तावित कीं?
शी जिनपिंग ने AI ओपन सोर्स समुदाय, ब्रिक्स विशेष आर्थिक क्षेत्र साझेदारी, डिजिटल इकोसिस्टम क्लाउड प्लेटफॉर्म, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग सहयोग और ब्रिक्स इंजीनियर विकास गठबंधन — ये पाँच पहलें प्रस्तावित कीं। इनका उद्देश्य ब्रिक्स देशों के बीच तकनीक, व्यापार और मानव संसाधन विकास में सहयोग गहरा करना है।
ब्रिक्स AI ओपन सोर्स समुदाय क्या होगा?
यह चीन की अगुआई में बनने वाला एक सहयोगी मंच होगा जो ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच बड़े भाषा मॉडल के विकास और उपयोग में सहयोग को बढ़ावा देगा। चीन इसके तहत AI सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित करेगा।
ब्रिक्स व्यापार सेवा मंच कब आयोजित होगा?
शी जिनपिंग के अनुसार चीन अगले वर्ष, यानी 2027 में, ब्रिक्स व्यापार सेवा मंच का आयोजन करेगा। यह मंच सदस्य देशों के बीच आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग को नई गति देने के लिए होगा।
स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग सहयोग से ब्रिक्स देशों को क्या फायदा होगा?
इस पहल के तहत चीन अन्य ब्रिक्स सदस्य देशों को स्मार्ट फैक्ट्री बनाने और संबंधित मानक विकसित करने में सहायता देगा। इससे सदस्य देश अपने विनिर्माण क्षेत्र को आधुनिक बना सकेंगे और उत्पादन गुणवत्ता व क्षमता में सुधार कर सकेंगे।
18वाँ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन कहाँ और कब हो रहा है?
18वाँ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है। भारत की अध्यक्षता में यह सम्मेलन बहुपक्षीय सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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