भारत टेक अपनाने वाले से टेक प्रोवाइडर बना: नीस में 'भारत इनोवेट्स समिट' में बोले PM मोदी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 जून 2026 को फ्रांस के नीस शहर में आयोजित 'भारत इनोवेट्स समिट' के उद्घाटन समारोह में कहा कि भारत पिछले एक दशक में टेक्नोलॉजी अपनाने वाले देश से एक टेक प्रोवाइडर के रूप में उभरा है, और भारत से निकले इनोवेशन व समाधानों में मानवता के एक बड़े हिस्से को लाभ पहुँचाने की क्षमता है। यह वैश्विक मंच पर भारत की तकनीकी पहचान को लेकर मोदी का अब तक का सबसे स्पष्ट कथन माना जा रहा है।
मुख्य संबोधन: क्या बोले PM मोदी
उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'एक दशक पहले, दुनिया भारत को मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी अपनाने वाले देश के तौर पर देखती थी, लेकिन आज भारत तेज़ी से टेक्नोलॉजी देने वाले देश के रूप में उभर रहा है।' उन्होंने जोड़ा कि 'भारत इनोवेट्स' यही सोच आगे बढ़ाता है और यह दुनिया के लिए एक निमंत्रण है कि वे भारत के साथ मिलकर ग्लोबल इनोवेशन का अगला अध्याय लिखें।
इनोवेशन भारत के डीएनए में: ऐतिहासिक संदर्भ
मोदी ने भारत की वैज्ञानिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि इनोवेशन भारत के डीएनए में समाहित है। उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों से भारत ने गणित, खगोल विज्ञान, चिकित्सा और योग के क्षेत्र में अपनी खोजों से पूरी मानवता का मार्गदर्शन किया है। 'आज हम इसी समृद्ध विरासत को नई दिशा और गति दे रहे हैं' — यह उनके संबोधन का केंद्रीय संदेश था।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और 'AI फॉर ऑल'
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता ऐसी टेक्नोलॉजी है जो मानवता की सेवा करे। उन्होंने कहा कि इसी सिद्धांत ने भारत की डिजिटल क्रांति को आगे बढ़ाया है और यही डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) का आधार है। उन्होंने 'AI फॉर ऑल' — यानी सभी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस — के विज़न को रेखांकित किया, जो हर व्यक्ति की भलाई और खुशी के लिए समर्पित है।
वैश्विक संदर्भ में भारत की भूमिका
यह ऐसे समय में आया है जब भारत G20 और ग्लोबल साउथ में अपनी डिजिटल कूटनीति को मज़बूत कर रहा है। गौरतलब है कि भारत का UPI और Aadhaar आधारित DPI मॉडल पहले से ही कई देशों में अपनाया जा रहा है या उसका अध्ययन किया जा रहा है। नीस में यह समिट भारत की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह खुद को वैश्विक तकनीकी समाधानों का स्रोत-देश बताना चाहता है, न केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाज़ार।
आगे क्या
'भारत इनोवेट्स समिट' से वैश्विक टेक साझेदारियों और निवेश आकर्षण के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी के इस संबोधन को भारत की उभरती तकनीकी कूटनीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है।