30 जुलाई 2026
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भारत टेक अपनाने वाले से टेक प्रोवाइडर बना: नीस में 'भारत इनोवेट्स समिट' में बोले PM मोदी

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भारत टेक अपनाने वाले से टेक प्रोवाइडर बना: नीस में 'भारत इनोवेट्स समिट' में बोले PM मोदी

सारांश

नीस में 'भारत इनोवेट्स समिट' के मंच से PM मोदी ने भारत को वैश्विक टेक प्रोवाइडर घोषित किया — एक दशक की डिजिटल यात्रा का सार। 'AI फॉर ऑल' और DPI के ज़रिए भारत अब दुनिया को समाधान देने की स्थिति में है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 14 जून 2026 को फ्रांस के नीस में 'भारत इनोवेट्स समिट' का उद्घाटन किया।
मोदी ने कहा कि भारत पिछले एक दशक में टेक्नोलॉजी अपनाने वाले देश से टेक प्रोवाइडर बन चुका है।
भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को मानवता-केंद्रित टेक्नोलॉजी का आधार बताया गया।
PM ने 'AI फॉर ऑल' विज़न प्रस्तुत किया — हर व्यक्ति की भलाई के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस।
भारत की गणित, खगोल विज्ञान, चिकित्सा और योग की विरासत को आधुनिक इनोवेशन से जोड़ा गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 जून 2026 को फ्रांस के नीस शहर में आयोजित 'भारत इनोवेट्स समिट' के उद्घाटन समारोह में कहा कि भारत पिछले एक दशक में टेक्नोलॉजी अपनाने वाले देश से एक टेक प्रोवाइडर के रूप में उभरा है, और भारत से निकले इनोवेशन व समाधानों में मानवता के एक बड़े हिस्से को लाभ पहुँचाने की क्षमता है। यह वैश्विक मंच पर भारत की तकनीकी पहचान को लेकर मोदी का अब तक का सबसे स्पष्ट कथन माना जा रहा है।

मुख्य संबोधन: क्या बोले PM मोदी

उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'एक दशक पहले, दुनिया भारत को मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी अपनाने वाले देश के तौर पर देखती थी, लेकिन आज भारत तेज़ी से टेक्नोलॉजी देने वाले देश के रूप में उभर रहा है।' उन्होंने जोड़ा कि 'भारत इनोवेट्स' यही सोच आगे बढ़ाता है और यह दुनिया के लिए एक निमंत्रण है कि वे भारत के साथ मिलकर ग्लोबल इनोवेशन का अगला अध्याय लिखें।

इनोवेशन भारत के डीएनए में: ऐतिहासिक संदर्भ

मोदी ने भारत की वैज्ञानिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि इनोवेशन भारत के डीएनए में समाहित है। उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों से भारत ने गणित, खगोल विज्ञान, चिकित्सा और योग के क्षेत्र में अपनी खोजों से पूरी मानवता का मार्गदर्शन किया है। 'आज हम इसी समृद्ध विरासत को नई दिशा और गति दे रहे हैं' — यह उनके संबोधन का केंद्रीय संदेश था।

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और 'AI फॉर ऑल'

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता ऐसी टेक्नोलॉजी है जो मानवता की सेवा करे। उन्होंने कहा कि इसी सिद्धांत ने भारत की डिजिटल क्रांति को आगे बढ़ाया है और यही डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) का आधार है। उन्होंने 'AI फॉर ऑल' — यानी सभी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस — के विज़न को रेखांकित किया, जो हर व्यक्ति की भलाई और खुशी के लिए समर्पित है।

वैश्विक संदर्भ में भारत की भूमिका

यह ऐसे समय में आया है जब भारत G20 और ग्लोबल साउथ में अपनी डिजिटल कूटनीति को मज़बूत कर रहा है। गौरतलब है कि भारत का UPI और Aadhaar आधारित DPI मॉडल पहले से ही कई देशों में अपनाया जा रहा है या उसका अध्ययन किया जा रहा है। नीस में यह समिट भारत की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह खुद को वैश्विक तकनीकी समाधानों का स्रोत-देश बताना चाहता है, न केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाज़ार।

आगे क्या

'भारत इनोवेट्स समिट' से वैश्विक टेक साझेदारियों और निवेश आकर्षण के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी के इस संबोधन को भारत की उभरती तकनीकी कूटनीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे कसौटी पर परखना ज़रूरी है — UPI और Aadhaar की वैश्विक स्वीकृति वास्तविक है, पर सेमीकंडक्टर, AI अनुसंधान और डीप-टेक निर्यात में भारत अभी भी शुरुआती चरण में है। 'AI फॉर ऑल' का विज़न तब तक अधूरा है जब तक ग्रामीण कनेक्टिविटी और डिजिटल साक्षरता की खाई नहीं पाटी जाती। नीस जैसे वैश्विक मंच पर यह कथन कूटनीतिक रूप से सशक्त है, लेकिन घरेलू स्तर पर तकनीकी समावेश की गति इस दावे की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'भारत इनोवेट्स समिट' क्या है और यह कहाँ हुई?
'भारत इनोवेट्स समिट' फ्रांस के नीस शहर में आयोजित एक वैश्विक तकनीकी सम्मेलन है, जिसका उद्घाटन PM नरेंद्र मोदी ने 14 जून 2026 को किया। यह मंच भारत के इनोवेशन और तकनीकी समाधानों को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने के लिए बनाया गया है।
PM मोदी ने भारत को 'टेक प्रोवाइडर' क्यों कहा?
मोदी का कहना है कि एक दशक पहले भारत मुख्यतः टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता था, लेकिन अब UPI, Aadhaar-आधारित DPI और 'AI फॉर ऑल' जैसे मॉडल के ज़रिए भारत दुनिया को तकनीकी समाधान दे रहा है। यह बदलाव भारत की डिजिटल क्रांति और वैश्विक कूटनीति दोनों को दर्शाता है।
भारत का 'AI फॉर ऑल' विज़न क्या है?
PM मोदी के अनुसार 'AI फॉर ऑल' का अर्थ है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल बड़े उद्योगों या अमीर देशों तक सीमित न रहे, बल्कि हर व्यक्ति की भलाई और खुशी के लिए काम करे। यह भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की मानवता-केंद्रित सोच का विस्तार है।
भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
DPI में UPI, Aadhaar और DigiLocker जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं, जो डिजिटल सेवाओं को आम नागरिक तक पहुँचाते हैं। कई देश इस मॉडल को अपनाने पर विचार कर रहे हैं, जिससे भारत वैश्विक डिजिटल विकास में एक संदर्भ-बिंदु बन गया है।
नीस समिट से भारत को क्या फायदा होगा?
इस समिट से भारत को वैश्विक टेक साझेदारियाँ, निवेश और अपने डिजिटल समाधानों के निर्यात के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। यह भारत की उस कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह खुद को ग्लोबल साउथ और先进 अर्थव्यवस्थाओं दोनों के लिए एक विश्वसनीय तकनीकी भागीदार के रूप में स्थापित करना चाहता है।
राष्ट्र प्रेस
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